फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   supreme court directs delhi government provide proper medical treatment those injured pellet guns in protest

SC: RAF के असलहा का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश, कोर्ट ने कहा- पुलिस कर सकती है पैलेट गन का इस्तेमाल

Thu, 30 Jul 2026 01:00 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Thu, 30 Jul 2026 01:00 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने छात्र आंदोलन से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि पैलेट गन से घायल हुए प्रदर्शनकारियों का इलाज दिल्ली सरकार कराए। जानिए सुनवाई के दौरान और क्या-क्या हुआ?

विज्ञापन
supreme court directs delhi government provide proper medical treatment those injured pellet guns in protest
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नीट पेपर लीक के खिलाफ हालिया छात्र प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को जंतर-मंतर पर तैनात रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के गोला-बारूद का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPRD) की एडवाइजरी के अनुसार, पुलिस को असाधारण परिस्थितियों में पैलेट गन के इस्तेमाल का अधिकार है। ऐसे में पैलेट गन के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग साफ नहीं है।
विज्ञापन

 
साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि छात्र आंदोलन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन से घायल हुए लोगों का अच्छी तरह से इलाज कराएं। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने कहा कि दिल्ली सरकार को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हुए लोगों का इलाज कराया जाए, और खासकर उन लोगों का जो कथित तौर पर पैलेट गन से घायल हुए।
विज्ञापन


याचिका में क्या की गई मांग?
सुप्रीम कोर्ट ने ये निर्देश आईबी के पूर्व विशेष निदेशक और सेंट्रल इंफोर्मेशन कमिश्नर रहे यशोवर्धन आजाद और दो अन्य पीड़ितों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में पैलेट गन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध की मांग की गई है और साथ ही छात्र आंदोलन के पीड़ितों को मुआवजा देने की भी मांग की गई है। इसी याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पैलेट गन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध की मांग पर पीठ ने क्या कहा?
जस्टिस बागची ने कहा कि आम लोगों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग अस्पष्ट है, क्योंकि इसमें पुलिस के उन नियमों को चुनौती नहीं दी गई थी जो ऐसे हथियारों के इस्तेमाल की इजाजत देते हैं। कोर्ट ने माना कि ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलेपमेंट एडवाइजरी के नियमों के तहत पुलिस विशेष परिस्थितियों में पैलेट गन का इस्तेमाल कर सकती है। जस्टिस बागची ने कहा, 'पुलिस के नियम खास हालात में पैलेट गन के इस्तेमाल की इजाजत देते हैं, जब तक कि आप खुद उन नियमों को ही चुनौती न दें। चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई करने के कदमों में से एक कदम पैलेट गन का इस्तेमाल है।'

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती और उनके गोला बारूद के इस्तेमाल के रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed