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Supreme Court: हाईवे पर मवेशियों की आवाजाही रोकने की मांग, याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitin Gautam
Updated Mon, 06 Apr 2026 03:43 PM IST
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सार
हाईवे पर मवेशियों की एंट्री रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस याचिका में मवेशियों की हाईवे पर एंट्री रोकने के लिए राष्ट्रव्यापी दिशा-निर्देश देने की मांग की गई है। याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को देशभर के राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर आवारा मवेशियों की आवाजाही रोकने के लिए दायर याचिका पर केंद्र सरकार और अन्य पक्षों से जवाब तलब किया है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा। याचिका में प्राधिकरणों को निर्देश देने की मांग की गई है कि वे हाईवे पर मवेशियों के प्रवेश को रोकने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक दिशानिर्देश तैयार करें और उन्हें सख्ती से लागू करें।
'लॉयर्स फॉर ह्यूमन राइट्स इंटरनेशनल' नामक संगठन द्वारा दायर इस याचिका में विशेष रूप से दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे की अनिवार्य घेराबंदी (फेंसिंग) की मांग की गई है। इसके अलावा, वैज्ञानिक तरीके से संचालित गौशालाओं/पशु आश्रयों की स्थापना के लिए निर्धारित फंडिंग सुनिश्चित करने और मवेशियों को अवैध रूप से छोड़ने पर कड़ी दंडात्मक जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की गई है। याचिका में आवारा मवेशियों के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों के लिए 'नो-फॉल्ट' मुआवजा व्यवस्था बनाने की भी अपील की गई है।
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'लॉयर्स फॉर ह्यूमन राइट्स इंटरनेशनल' नामक संगठन द्वारा दायर इस याचिका में विशेष रूप से दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे की अनिवार्य घेराबंदी (फेंसिंग) की मांग की गई है। इसके अलावा, वैज्ञानिक तरीके से संचालित गौशालाओं/पशु आश्रयों की स्थापना के लिए निर्धारित फंडिंग सुनिश्चित करने और मवेशियों को अवैध रूप से छोड़ने पर कड़ी दंडात्मक जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की गई है। याचिका में आवारा मवेशियों के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों के लिए 'नो-फॉल्ट' मुआवजा व्यवस्था बनाने की भी अपील की गई है।
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