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Supreme Court Updates: 'नीट-यूजी परीक्षा CBT मोड में हो', याचिका पर अदालत का तत्काल सुनवाई से इनकार
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Devesh Tripathi
Updated Mon, 01 Jun 2026 02:39 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट अपडेट
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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सुप्रीम कोर्ट ने 2026 की नीट-यूजी परीक्षा को कंप्यूटर आधारित मोड के माध्यम से आयोजित करने की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। यह याचिका जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस अरविंद कुमार की आंशिक कार्यदिवस वाली बेंच के समक्ष पेश की गई। कोर्ट ने मामले को अवकाश के बाद सूचीबद्ध किया है। जस्टिस नरसिम्हा ने टिप्पणी की, “वे (एनटीए) परीक्षा को दोबारा आयोजित कर रहे हैं। उन पर कितना दबाव है। हम अवकाश के बाद इस पर चर्चा करेंगे।”
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आंशिक न्यायिक कार्य दिवसों में वरिष्ठ अधिवक्ताओं को बहस की अनुमति नहीं देंगे: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि आंशिक न्यायिक कार्य दिवसों के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ताओं को न तो मामलों की तत्काल सूचीबद्धता के लिए उल्लेख (मेंटशन) करने की अनुमति दी जाएगी और न ही वे सूचीबद्ध मामलों में बहस कर सकेंगे। शीर्ष अदालत ने कहा कि यह व्यवस्था युवा वकीलों को आंशिक न्यायिक कार्य दिवसों के दौरान अपने मामलों की पैरवी का अवसर देने के लिए की जा रही है। यह अवधि आज से 12 जुलाई तक रहेगी।
सुप्रीम कोर्ट की ग्रीष्मकालीन छुट्टियों को अब आंशिक न्यायिक कार्य दिवस नाम दिया गया है। इस दौरान प्रत्येक सप्ताह तीन से चार पीठें न्यायिक कार्य करेंगी। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति पीबी वराले की पीठ ने कार्यवाही शुरू होते ही स्पष्ट किया, "मेरी अदालत में किसी भी वरिष्ठ अधिवक्ता को अनुमति नहीं दी जाएगी।"
जब एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने किसी मामले का उल्लेख करने का प्रयास किया तो न्यायमूर्ति नाथ ने कहा कि आंशिक न्यायिक कार्य दिवसों के दौरान उनकी पीठ के समक्ष वरिष्ठ वकीलों को न तो मामलों का उल्लेख करने और न ही बहस करने की अनुमति होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि आंशिक न्यायिक कार्य दिवसों के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ताओं को न तो मामलों की तत्काल सूचीबद्धता के लिए उल्लेख (मेंटशन) करने की अनुमति दी जाएगी और न ही वे सूचीबद्ध मामलों में बहस कर सकेंगे। शीर्ष अदालत ने कहा कि यह व्यवस्था युवा वकीलों को आंशिक न्यायिक कार्य दिवसों के दौरान अपने मामलों की पैरवी का अवसर देने के लिए की जा रही है। यह अवधि आज से 12 जुलाई तक रहेगी।
सुप्रीम कोर्ट की ग्रीष्मकालीन छुट्टियों को अब आंशिक न्यायिक कार्य दिवस नाम दिया गया है। इस दौरान प्रत्येक सप्ताह तीन से चार पीठें न्यायिक कार्य करेंगी। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति पीबी वराले की पीठ ने कार्यवाही शुरू होते ही स्पष्ट किया, "मेरी अदालत में किसी भी वरिष्ठ अधिवक्ता को अनुमति नहीं दी जाएगी।"
जब एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने किसी मामले का उल्लेख करने का प्रयास किया तो न्यायमूर्ति नाथ ने कहा कि आंशिक न्यायिक कार्य दिवसों के दौरान उनकी पीठ के समक्ष वरिष्ठ वकीलों को न तो मामलों का उल्लेख करने और न ही बहस करने की अनुमति होगी।