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Supreme Court: ड्रग तस्करी से जुड़े मामलों में देरी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र से मांगा जवाब; अगला कदम क्या?

Mon, 10 Aug 2026 04:40 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Mon, 10 Aug 2026 04:40 PM IST
सार

Supreme Court Updates: ड्रग तस्करी के बढ़ते मामलों से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र और अन्य पक्षों से जवाब मांगा। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने समस्या को बेहद गंभीर बताया और विशेषज्ञ एजेंसियों के समन्वित प्रयास की जरूरत पर जोर दिया।

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Supreme Court Updates Speedy Trial in Drug Trafficking Cases, Centre and other Pleas in Hindi
सुप्रीम कोर्ट अपडेट - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

ड्रग तस्करी के मामलों से निपटने के लिए समयबद्ध जांच और तेज सुनवाई समेत कई निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र और अन्य पक्षों से जवाब मांगा। अदालत ने ड्रग तस्करी की समस्या को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि इससे निपटने के लिए विशेषज्ञ एजेंसियों के समन्वित प्रयास की जरूरत है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने मामले की सुनवाई की।

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जांच और सुनवाई की समयसीमा तय करने की मांग?

अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने अदालत को बताया कि इसी तरह का एक मामला पहले से शीर्ष अदालत के समक्ष लंबित है। उन्होंने ड्रग तस्करी से जुड़े मामलों में जांच और सुनवाई को समयबद्ध करने की जरूरत बताई। याचिका में केंद्र और राज्यों को NDPS एक्ट के मामलों में फोरेंसिक रिपोर्ट जमा करने के लिए अनिवार्य समयसीमा तय करने का निर्देश देने की मांग की गई है।

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याचिका में मादक पदार्थों की तलाशी, जब्ती और सैंपलिंग के लिए एक समान मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP बनाने की मांग की गई है। इसके साथ ही छोटे और मध्यम मात्रा के मामलों में तलाशी, जब्ती और सैंपलिंग की प्रक्रिया के लिए भी SOP तैयार करने का अनुरोध किया गया है।

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NDPS मामलों के लिए विशेष अदालतें बनाने की मांग?

याचिका में NDPS मामलों की तेज सुनवाई के लिए विशेष अदालतों के गठन की मांग की गई है। इसके अलावा तलाशी, जब्ती और सैंपलिंग की पूरी प्रक्रिया की अनिवार्य डिजिटल रिकॉर्डिंग और वीडियोग्राफी का भी अनुरोध किया गया है। याचिका में कहा गया है कि मौजूदा व्यवस्था में जांच के समान मानक, समयबद्ध फोरेंसिक जांच और प्रवर्तन एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय की कमी है।

 

क्या नए नशीले पदार्थों के लिए विशेषज्ञ समिति बनेगी?

याचिका में संगठित ड्रग सिंडिकेट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए तस्करों, फाइनेंसरों और उनके परिवार के सदस्यों की संपत्तियों का समयबद्ध आकलन और जब्ती करने का निर्देश देने की मांग की गई है। इसके लिए NDPS एक्ट, प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, बेनामी प्रॉपर्टी एक्ट और ब्लैक मनी एक्ट के प्रावधानों का उल्लेख किया गया है।

याचिका में नए साइकोएक्टिव पदार्थों की पहचान और नियमन के लिए विशेषज्ञ समिति बनाने की भी मांग की गई है। इसके अलावा नशे के आदी लोगों के लिए पुनर्वास और वेलनेस सेंटर स्थापित करने का सुझाव दिया गया है। याचिका में तस्करों और फाइनेंसरों की तुलना में नशे के आदी तथा व्यक्तिगत इस्तेमाल से जुड़े आरोपियों के लिए अलग-अलग सजा व्यवस्था बनाने की मांग भी की गई है।

क्या ड्रग मामलों पर लॉ कमीशन से रिपोर्ट तैयार कराने की मांग है?

याचिकाकर्ता ने लॉ कमीशन को इस पूरे मुद्दे पर व्यापक रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश देने की भी मांग की है। साथ ही NDPS मामलों में दी जाने वाली सजाओं को लगातार चलाने की व्यवस्था घोषित करने का अनुरोध किया गया है। याचिका में दावा किया गया है कि 2025 में ड्रग मामलों में 53 प्रतिशत की वृद्धि हुई और उस साल 1,240 टन मादक पदार्थ जब्त किए गए। याचिका में पंजाब समेत अन्य राज्यों के मामलों का हवाला देते हुए ड्रग तस्करी और नशे की समस्या को गंभीर बताया गया है।

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