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Tamil Nadu: अमोनिया गैस रिसाव हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हुई, विधानसभा में विपक्ष का हंगामा
पीटीआई, चेन्नई
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 22 Jun 2026 01:11 PM IST
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सार
तमिलनाडु में अमोनिया गैस रिसाव हादसे को लेकर राजनीति तेज हो गई है। विपक्षी पार्टियों ने हादसे को लेकर सत्ताधारी टीवीके को घेर लिया है। हादसे में मृतकों का आंकड़ा बढ़कर पांच हो गया है।
तमिलनाडु अमोनिया गैस रिसाव हादसा
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
तमिलनाडु के तिरुवल्लुवर जिले में अमोनिया गैस रिसाव हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। राज्य के श्रम कल्याण मंत्री जे मोहम्मद फरवास ने सोमवार को विधानसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मृत श्रमिकों के पार्थिव शरीर उनके गृह राज्य भेजने की व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 21 जून को दो महिला श्रमिकों की मौत हुई थी, जबकि सोमवार सुबह तीन अन्य प्रवासी महिला श्रमिकों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके साथ ही इस हादसे में मृतकों की संख्या पांच हो गई है।
मुख्यमंत्री ने गठित की संयुक्त जांच समिति
विधानसभा में बयान देते हुए मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने हादसे की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम गठित की है। इस टीम को 24 घंटे के भीतर प्रारंभिक और तीन दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है तथा पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
मंत्री ने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति सुरक्षा या परिचालन संबंधी लापरवाही का दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार जवाबदेही तय करने में कोई ढिलाई नहीं बरतेगी।
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74 श्रमिक हुए थे प्रभावित
मंत्री ने बताया कि पाइपलाइन में अचानक हुए अमोनिया गैस रिसाव के कारण 70 महिलाओं सहित कुल 74 श्रमिक प्रभावित हुए और उन्हें सरकारी तथा निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। उन्होंने कहा, 'दुर्भाग्यवश इस हादसे में पांच महिला श्रमिकों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के लिए राहत राशि की घोषणा की है और सरकार उनके पार्थिव शरीरों को गृह राज्य भेजने का पूरा खर्च वहन करेगी।'
सीफूड प्रोसेसिंग यूनिट में हुआ था हादसा
यह हादसा 21 जून को एक निजी सीफूड प्रोसेसिंग एवं निर्यात इकाई में हुआ था। नियमित औद्योगिक कार्य के दौरान अमोनिया गैस का रिसाव होने से वहां मौजूद श्रमिक इसकी चपेट में आ गए। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रभावित श्रमिकों में अमोनिया गैस के संपर्क में आने के कारण सांस लेने में तकलीफ, आंखों और श्वसन तंत्र में जलन, खांसी, सीने में दर्द तथा गंभीर श्वसन संबंधी समस्याओं जैसे लक्षण देखे गए। विभाग के मुताबिक कुल 74 लोग प्रभावित हुए। इनमें से 67 लोगों का इलाज जारी है, जबकि दो लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
विधानसभा में हंगामा, एआईएडीएमके का वॉकआउट
इस मुद्दे पर मंत्री का बयान पढ़े जाने के दौरान विपक्षी एआईएडीएमके सदस्यों ने बार-बार हस्तक्षेप किया, जिससे सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर और एआईएडीएमके महासचिव ई पलानीस्वामी के बीच तीखी बहस भी हुई। बाद में अपनी मांगों पर चर्चा नहीं होने से नाराज एआईएडीएमके सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
मुख्यमंत्री ने गठित की संयुक्त जांच समिति
विधानसभा में बयान देते हुए मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने हादसे की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम गठित की है। इस टीम को 24 घंटे के भीतर प्रारंभिक और तीन दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है तथा पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
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मंत्री ने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति सुरक्षा या परिचालन संबंधी लापरवाही का दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार जवाबदेही तय करने में कोई ढिलाई नहीं बरतेगी।
74 श्रमिक हुए थे प्रभावित
मंत्री ने बताया कि पाइपलाइन में अचानक हुए अमोनिया गैस रिसाव के कारण 70 महिलाओं सहित कुल 74 श्रमिक प्रभावित हुए और उन्हें सरकारी तथा निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। उन्होंने कहा, 'दुर्भाग्यवश इस हादसे में पांच महिला श्रमिकों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के लिए राहत राशि की घोषणा की है और सरकार उनके पार्थिव शरीरों को गृह राज्य भेजने का पूरा खर्च वहन करेगी।'
सीफूड प्रोसेसिंग यूनिट में हुआ था हादसा
यह हादसा 21 जून को एक निजी सीफूड प्रोसेसिंग एवं निर्यात इकाई में हुआ था। नियमित औद्योगिक कार्य के दौरान अमोनिया गैस का रिसाव होने से वहां मौजूद श्रमिक इसकी चपेट में आ गए। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रभावित श्रमिकों में अमोनिया गैस के संपर्क में आने के कारण सांस लेने में तकलीफ, आंखों और श्वसन तंत्र में जलन, खांसी, सीने में दर्द तथा गंभीर श्वसन संबंधी समस्याओं जैसे लक्षण देखे गए। विभाग के मुताबिक कुल 74 लोग प्रभावित हुए। इनमें से 67 लोगों का इलाज जारी है, जबकि दो लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
विधानसभा में हंगामा, एआईएडीएमके का वॉकआउट
इस मुद्दे पर मंत्री का बयान पढ़े जाने के दौरान विपक्षी एआईएडीएमके सदस्यों ने बार-बार हस्तक्षेप किया, जिससे सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर और एआईएडीएमके महासचिव ई पलानीस्वामी के बीच तीखी बहस भी हुई। बाद में अपनी मांगों पर चर्चा नहीं होने से नाराज एआईएडीएमके सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।