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तमिलनाडु हॉर्स ट्रेडिंग विवाद: DMK ने राज्यपाल को सौंपे नए सबूत, क्या बढ़ने वाली हैं सीएम विजय की मुश्किलें?
Mon, 13 Jul 2026 09:11 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, चेन्नई।
पीटीआई, चेन्नई।
Published by: राकेश कुमार
Updated Mon, 13 Jul 2026 09:11 PM IST
सार
तमिलनाडु में कथित विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों को लेकर डीएमके ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को नए सबूत सौंपे हैं। पार्टी का कहना है कि इन दस्तावेजों में वाइको और पूर्व एआईएडीएमके विधायक एमआर विजयभास्कर के बयान शामिल हैं। डीएमके ने मामले की जांच की मांग करते हुए डीवीएसी को भी शिकायत दी है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाएगी।
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तमिलनाडु कैबिनेट बैठक में सीएम विजय
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
तमिलनाडु में विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त को लेकर सियासत तेज हो गई है। मुख्य विपक्षी दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) ने सोमवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात कर टीवीके सरकार के खिलाफ नए सबूत सौंपे। विपक्षी पार्टी का दावा है कि कुछ नेताओं के बयानों से यह संकेत मिलता है कि विधायकों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश की गई।
डीएमके के संगठन सचिव आरएस भारती ने बताया कि ये दस्तावेज एक जुलाई को दी गई शिकायत के पूरक सबूत हैं। उन्होंने कहा कि यही दस्तावेज सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) को भी दिए गए हैं, ताकि मामले की जांच हो सके। अब सवाल उठ रहा है कि क्या तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की मुश्किलें बढ़ने वाली है।
किन सबूतों का दिया गया हवाला?
डीएमके ने राज्यपाल को दिए गए दस्तावेजों में एमडीएमके प्रमुख वाइको के उस बयान का जिक्र किया है, जिसमें उन्होंने विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया था। इसके अलावा करूर के पूर्व एआईएडीएमके विधायक एमआर विजयभास्कर के पहले दिए गए बयान को भी सबूत के तौर पर पेश किया गया है।
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विजयभास्कर के बयान पर बवाल क्यों?
एमआर विजयभास्कर ने हाल ही में एआईएडीएमके छोड़कर सी जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) का दामन थामा है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा था कि टीवीके ने उनसे संपर्क किया था। हालांकि बाद में उन्होंने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनकी बात का गलत मतलब निकाला गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से एआईएडीएमके छोड़ी और टीवीके में शामिल हुए।
यह भी पढ़ें: '15-18 वर्ष है प्रयोग की उम्र': POCSO पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी- झूठी शान के लिए केस दर्ज न कराएं माता-पिता
कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट जाएगी डीएमके
आरएस भारती ने कहा कि पार्टी राज्यपाल और जांच एजेंसियों को कार्रवाई के लिए कुछ समय देगी। अगर इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो डीएमके अदालत का रुख करेगी। उनका कहना है कि पार्टी इस मामले को कानूनी तरीके से आगे बढ़ाएगी।
क्या है पूरा मामला?
डीएमके का आरोप है कि विपक्षी दलों के विधायकों को टीवीके के पक्ष में लाने की कोशिश की गई। इसी आरोप को लेकर पार्टी पहले भी शिकायत कर चुकी है। अब उसने नए दस्तावेज और नेताओं के बयानों को सबूत बताते हुए राज्यपाल और डीवीएसी से जांच की मांग की है। दूसरी ओर, टीवीके ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है और विजयभास्कर भी अपने पहले दिए गए बयान पर सफाई दे चुके हैं। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच एजेंसियां और राजभवन इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं।
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डीएमके के संगठन सचिव आरएस भारती ने बताया कि ये दस्तावेज एक जुलाई को दी गई शिकायत के पूरक सबूत हैं। उन्होंने कहा कि यही दस्तावेज सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) को भी दिए गए हैं, ताकि मामले की जांच हो सके। अब सवाल उठ रहा है कि क्या तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की मुश्किलें बढ़ने वाली है।
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किन सबूतों का दिया गया हवाला?
डीएमके ने राज्यपाल को दिए गए दस्तावेजों में एमडीएमके प्रमुख वाइको के उस बयान का जिक्र किया है, जिसमें उन्होंने विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया था। इसके अलावा करूर के पूर्व एआईएडीएमके विधायक एमआर विजयभास्कर के पहले दिए गए बयान को भी सबूत के तौर पर पेश किया गया है।
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विजयभास्कर के बयान पर बवाल क्यों?
एमआर विजयभास्कर ने हाल ही में एआईएडीएमके छोड़कर सी जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) का दामन थामा है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा था कि टीवीके ने उनसे संपर्क किया था। हालांकि बाद में उन्होंने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनकी बात का गलत मतलब निकाला गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से एआईएडीएमके छोड़ी और टीवीके में शामिल हुए।
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कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट जाएगी डीएमके
आरएस भारती ने कहा कि पार्टी राज्यपाल और जांच एजेंसियों को कार्रवाई के लिए कुछ समय देगी। अगर इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो डीएमके अदालत का रुख करेगी। उनका कहना है कि पार्टी इस मामले को कानूनी तरीके से आगे बढ़ाएगी।
क्या है पूरा मामला?
डीएमके का आरोप है कि विपक्षी दलों के विधायकों को टीवीके के पक्ष में लाने की कोशिश की गई। इसी आरोप को लेकर पार्टी पहले भी शिकायत कर चुकी है। अब उसने नए दस्तावेज और नेताओं के बयानों को सबूत बताते हुए राज्यपाल और डीवीएसी से जांच की मांग की है। दूसरी ओर, टीवीके ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है और विजयभास्कर भी अपने पहले दिए गए बयान पर सफाई दे चुके हैं। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच एजेंसियां और राजभवन इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं।