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Tejas Mk1A: पांच तेजस वायुसेना में शामिल होने को तैयार, बढ़ेगी ताकत; पाकिस्तान सीमा के पास यहां होगी तैनाती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Fri, 06 Feb 2026 04:36 AM IST
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सार
पिछले वर्ष सितंबर में रक्षा मंत्रालय ने एचएएल के साथ 97 अतिरिक्त लड़ाकू विमानों के 62,370 करोड़ रुपये के दूसरे सौदे पर भी हस्ताक्षर किए, जिसके तहत वायुसेना को 68 सिंगल सीटर और 29 ट्विन सीटर विमान मिलेंगे।
तेजस मार्क1ए
- फोटो : ANI
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विस्तार
सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लि. (एचएएल) ने स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस मार्क-1ए की आपूर्ति पर जारी अटकलों पर विराम लगा दिया। कंपनी ने बृहस्पतिवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि पांच विमान वायुसेना को सौंपने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और इस बारे में वायुसेना के साथ से सक्रिय बातचीत जारी है।
एचएएल ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि इन विमानों में शर्तों के हिसाब से सभी खूबियां व क्षमताएं जोड़ी गई हैं। साथ ही कहा, नौ और विमान भी बनाए जा चुके हैं। उनका परीक्षण भी हो चुका है। अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक से इंजन मिलते ही यह विमान भी वायुसेना को देने के लिए तैयार हो जाएंगे। विमानों में देरी का बड़ा कारण अमेरिकी इंजनों की आपूर्ति में हो रही बाधाएं मानी जा रही थीं। एचएएल ने स्पष्ट किया कि उसे अब तक पांच इंजन मिल चुके हैं और फिलहाल आपूर्ति की स्थिति सकारात्मक है।
ये भी पढ़ें: Supreme Court: 'डीए कर्मचारियों का हक है', बंगाल सरकार को 'सुप्रीम' आदेश; देना होगा 2008-19 तक का महंगाई भत्ता
पाकिस्तानी सीमा के नजदीक होगी तैनाती
तेजस मार्क1ए को बीकानेर के नाल एयरबेस पर तैनात करने की योजना है। पाकिस्तान की सीमा से पास होने के कारण यह जगह सामरिक दृष्टि से बेहद अहम है। कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में इंजन की आपूर्ति एचएएल की उत्पादन योजना के अनुरूप होगी और कहा कि वह चालू वित्त वर्ष के लक्ष्य पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
180 कुल विमान शामिल होंगे
रक्षा मंत्रालय ने एचएएल के साथ साल 2021 में 83 मार्क 1ए लड़ाकू विमानों की आपूर्ति के लिए करीब 48,000 करोड़ रुपये का सौदा किया था। पिछले वर्ष सितंबर में रक्षा मंत्रालय ने एचएएल के साथ 97 अतिरिक्त लड़ाकू विमानों के 62,370 करोड़ रुपये के दूसरे सौदे पर भी हस्ताक्षर किए, जिसके तहत वायुसेना को 68 सिंगल सीटर और 29 ट्विन सीटर विमान मिलेंगे। एचएएल ने साल 2032-33 तक वायुसेना के लिए सभी 180 विमान बना लेने का लक्ष्य रखा है।
ये भी पढ़ें: RAC: 'पूरे किराये में आधी सीट सही नहीं', संसदीय समिति ने की आरएसी यात्रियों को आंशिक किराया लौटाने की सिफारिश
तेजस की खासियत क्या है?
आधुनिक संस्करण में 65% उपकरण भारतीय-तेजस मार्क 1ए तेजस एलसीए का आधुनिक संस्करण है इसके 65 प्रतिशत से ज्यादा उपकरण भारत में बने हैं।
यह 4.5 पीढ़ी का हल्का व सशक्त विमान है जो 2200 किमी प्रति घंटा की रफ्तार के साथ उड़ान भर सकता है। करीब नौ टन वजनी हथियार लेकर जा सकता है।
एक साथ कई निशाने साधने में सक्षम, बियॉन्ड विज़ुअल रेंज मिसाइल और इलेक्ट्रानिक वॉरफेयर सूट से लैस है।
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एचएएल ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि इन विमानों में शर्तों के हिसाब से सभी खूबियां व क्षमताएं जोड़ी गई हैं। साथ ही कहा, नौ और विमान भी बनाए जा चुके हैं। उनका परीक्षण भी हो चुका है। अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक से इंजन मिलते ही यह विमान भी वायुसेना को देने के लिए तैयार हो जाएंगे। विमानों में देरी का बड़ा कारण अमेरिकी इंजनों की आपूर्ति में हो रही बाधाएं मानी जा रही थीं। एचएएल ने स्पष्ट किया कि उसे अब तक पांच इंजन मिल चुके हैं और फिलहाल आपूर्ति की स्थिति सकारात्मक है।
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तेजस मार्क1ए को बीकानेर के नाल एयरबेस पर तैनात करने की योजना है। पाकिस्तान की सीमा से पास होने के कारण यह जगह सामरिक दृष्टि से बेहद अहम है। कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में इंजन की आपूर्ति एचएएल की उत्पादन योजना के अनुरूप होगी और कहा कि वह चालू वित्त वर्ष के लक्ष्य पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
180 कुल विमान शामिल होंगे
रक्षा मंत्रालय ने एचएएल के साथ साल 2021 में 83 मार्क 1ए लड़ाकू विमानों की आपूर्ति के लिए करीब 48,000 करोड़ रुपये का सौदा किया था। पिछले वर्ष सितंबर में रक्षा मंत्रालय ने एचएएल के साथ 97 अतिरिक्त लड़ाकू विमानों के 62,370 करोड़ रुपये के दूसरे सौदे पर भी हस्ताक्षर किए, जिसके तहत वायुसेना को 68 सिंगल सीटर और 29 ट्विन सीटर विमान मिलेंगे। एचएएल ने साल 2032-33 तक वायुसेना के लिए सभी 180 विमान बना लेने का लक्ष्य रखा है।
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तेजस की खासियत क्या है?
आधुनिक संस्करण में 65% उपकरण भारतीय-तेजस मार्क 1ए तेजस एलसीए का आधुनिक संस्करण है इसके 65 प्रतिशत से ज्यादा उपकरण भारत में बने हैं।
यह 4.5 पीढ़ी का हल्का व सशक्त विमान है जो 2200 किमी प्रति घंटा की रफ्तार के साथ उड़ान भर सकता है। करीब नौ टन वजनी हथियार लेकर जा सकता है।
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