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Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट परिसर में हंगामा करने वाले प्रबल प्रताप समेत दो गिरफ्तार, सीजेआई को दी थी गाली

Wed, 15 Jul 2026 09:08 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: नितिन गौतम Updated Wed, 15 Jul 2026 09:08 AM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट में हंगामा करने और सीजेआई के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले छात्र प्रबल प्रताप सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है, जिसके बाद उसे और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया गया है। 

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two law students arrested for disruption at the Supreme Court premises
प्रबल प्रताप सिंह को पकड़ते सुरक्षाकर्मी - फोटो : एक्स/@mohitlaws/वीडियो ग्रैब इमेज

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट परिसर में हंगामा करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने आरोपी छात्र प्रबल प्रताप सिंह समेत दो छात्रों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में तिलक मार्ग थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 132, 221, 224, 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रबल प्रताप सिंह (24 वर्षीय) और चंद्रभान (23 वर्षीय) लखनऊ विश्वविद्यालय में एलएलबी के छात्र हैं। दोनों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के सुरक्षा कर्मियों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। गौरतलब है कि प्रबल प्रताप सिंह ने कोर्ट की कार्यवाही के दौरान हंगामा किया था और सीजेआई के खिलाफ अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया था। 
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दिल्ली पुलिस ने क्या बताया?
यह घटना 10 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नंबर-13 में एसएलपी संख्या 31367/2026 प्रबल प्रताप एवं अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य आयुक्त मामले की सुनवाई के दौरान हुई थी। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, याचिकाकर्ता के रूप में स्वयं पेश हुए प्रबल प्रताप सिंह ने जानबूझकर अदालत की कार्यवाही में बाधा डाली। आरोप है कि उन्होंने अभद्र और असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया, कोर्ट रूम के भीतर कागजात फेंके और हंगामा कर न्यायालय की कार्यवाही बाधित की।
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पुलिस के अनुसार, जब सुरक्षा कर्मियों ने अदालत की गरिमा बनाए रखने और उन्हें नियंत्रित करने का प्रयास किया, तो प्रबल प्रताप सिंह ने शिकायतकर्ता के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और बल प्रयोग किया और उनके कर्तव्य में बाधा डाली। 
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क्या है मामला?
  • 10 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस केवी विश्वनाथम और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच प्रबल प्रताप की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
  • याचिकाकर्ता प्रबल प्रताप खुद ही अपने केस की पैरवी कर रहे थे। यह पूरा मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक आदेश से जुड़ा था। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। सुनवाई शुरू होते ही वह जजों पर चिल्लाने लगा। उन्होंने जजों को 'जुडिशियल सर्वेंट' (न्यायिक नौकर) कहना शुरू कर दिया। उसने दावा किया कि वह खुद 'संप्रभु' यानी सबसे ऊपर है।
  • प्रबल प्रताप ने पहले बेंच को 'मिस्टर जुडिशल सर्वेंट' कहकर संबोधित किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि 'मैं आपको आदेश देता हूं...।'
  • इसके बाद याचिकाकर्ता ने बेंच के सामने ही कागज फेंकना शुरू कर दिया।
  • कोर्ट रूम में इस माहौल को देखकर तुरंत की सिक्योरिटी गार्ड एक्टिव हुए और प्रबल प्रताप को पकड़ लिया और बाहर करने की कोशिश की।
  • इस दौरान याचिकाकर्ता प्रबल प्रताप ने सीजेआई के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया।

सीजेआई ने घटना पर क्या कहा था?
भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने सोमवार को इस घटना पर प्रतिक्रिया दी थी और कहा कि 'बच्चे कई बार ऐसा कर देते हैं। लेकिन मैं यह कहना चाहता हूं कि हमें संवैधानिक संस्थाओं की मर्यादा और सम्मान बनाए रखना चाहिए। यह हम सभी का दायित्व है और हर किसी को इसे निभाना चाहिए। न्यायपालिका जैसी संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान लोकतंत्र की मजबूती के लिए बेहद आवश्यक है और इसकी जिम्मेदारी केवल न्यायाधीशों या वकीलों की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है।'
 
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