Russia-Ukraine War: यूक्रेन को हुए नुकसान का अरबों में हर्जाना भरेगा रूस? मुआवजा संस्था को मिल सकती है मंजूरी
रूस-यूक्रेन युद्ध को रुकवाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से काफी समय से दावे किए जा रहे हैं। हालांकि इन दावों के बाद भी रूस की ओर से यूक्रेन पर हमले जारी हैं। रूस के हमलों से यूक्रेन को भारी जान-माल की क्षति हुई है।
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यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और करीब 30 अन्य देशों की ओर से मंगलवार को रूसी हमलों से यूक्रेन को हुए नुकसान की भरपाई के लिए एक मुआवजा निकाय बनाने की योजनाओं को औपचारिक रूप से मंजूरी मिलने की संभावना है। हालांकि, यह अहम सवाल बना हुआ है कि पैसा कहां से आएगा?
हेग शहर में एक समारोह में अपेक्षित मंजूरी मिलने की उम्मीद है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ बर्लिन में हुई शांति वार्ता के बाद इसकी संभावना बढ़ी है।
वोलोदिमिर जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से सुरक्षा गारंटी के बदले नाटो में शामिल होने के अपने देश के प्रयास को छोड़ने की इच्छा जताई है। यूक्रेन ने रूस को क्षेत्र सौंपने के अमेरिकी दबाव को खारिज कर दिया। जेलेंस्की ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा, 'ये सुरक्षा गारंटी रूसी आक्रामकता की एक और लहर को रोकने का एक मौका है। यह हमारी ओर से पहले से ही एक समझौता है।'
यूरोप की प्रमुख मानवाधिकार संस्था काउंसिल ऑफ यूरोप ने अंतरराष्ट्रीय दावा आयोग की स्थापना में सहायता की है। यह यूक्रेन के लोगों को फरवरी 2022 में शुरू हुए हमले के बाद से रूस की ओर से किए गए 'नुकसान, हानि या चोट' के लिए मुआवजे की मांग करने की अनुमति देगा।
आयोग दर्ज दावों का आकलन करेगा, जिसे 2023 में आइसलैंड में आयोजित यूरोप परिषद के शिखर सम्मेलन के दौरान शुरू किया गया था। जेलेंस्की ने कीव से वीडियो संबोधन के जरिए शिखर सम्मेलन में नेताओं से कहा, 'न्याय के बिना कोई विश्वसनीय शांति नहीं हो सकती।' गौरतलब है कि हेग स्थित रजिस्टर में अब तक लगभग 80,000 दावे दर्ज किए जा चुके हैं।
हालांकि, दावा आयोग को धनराशि कहां से मिलेगी, इस पर सवाल बने हुए हैं। यूरोप परिषद इस बात पर अड़ी है कि रूस को ही इसका भुगतान करना होगा, लेकिन मॉस्को को भुगतान करने के लिए मजबूर करने का कोई साफ रास्ता नहीं है। एक प्रस्ताव यह है कि यूरोप में रूस की अरबों डॉलर की परिसंपत्तियों में से कुछ का इस्तेमाल किया जाए।
आयोग के शुरुआत के लिए पच्चीस देशों को हस्ताक्षर करने होंगे, लेकिन 30 से अधिक देशों के शामिल होने की उम्मीद है। इनमें से अधिकांश प्रतिनिधिमंडल यूरोप से आएंगे। यूरोपीय संघ ने भी संकेत दिया है कि वह इसमें शामिल होगा, लेकिन मैक्सिको, जापान और कनाडा ने भी हस्ताक्षर समारोह में प्रतिनिधिमंडल भेजे हैं।
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