सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   We wont let any Khan become the mayor of Mumbai BJP's taunt on Zohran Mamdani victory

न्यूयॉर्क से भारत तक: 'हम किसी खान को मुंबई का मेयर नहीं बनने देंगे', जोहरान ममदानी की जीत पर भाजपा का तंज

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: शुभम कुमार Updated Thu, 06 Nov 2025 06:18 AM IST
विज्ञापन
सार

न्यूयॉर्क सिटी के पहले मुस्लिम और भारतीय-अमेरिकी मेयर जोहरान ममदानी की जीत का असर मुंबई की राजनीति तक पहुंच गया है। मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमीत साटम ने इसे ‘वोट जिहाद’ बताते हुए कहा कि मुंबई में भी तुष्टिकरण की राजनीति लाने की कोशिश हो रही है, जिसे भाजपा बर्दाश्त नहीं करेगी।

We wont let any Khan become the mayor of Mumbai BJP's taunt on Zohran Mamdani victory
न्यूयॉर्क के नए मेयर बने जोहरान ममदानी और मुबंई भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अमित साटम - फोटो : एक्स@ZohranKMamdani/@AmeetSatam
विज्ञापन

विस्तार

अमेरिका के न्यूयॉर्क सिटी के मेयर चुनाव में 34 वर्षीय जोहरान ममदानी ने जीत दर्ज कर ली है। इस जीत के साथ वे न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम और पहले भारतीय-अमेरिकी मेयर होंगे। ऐसे में अब उनकी जीत को लेकर भारत में भी बयानाजी तेजी होती दिख रही है। कारण है कि जोहरान ममदानी की ऐतिहासिक जीत अब मुंबई की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गई है। जहां मुंबई भाजपा अध्यक्ष और अंधेरी पश्चिम से विधायक अमीत साटम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि हम किसी खान को मुंबई का मेयर नहीं बनने देंगे।

Trending Videos


साटम ने इसे ‘वोट जिहाद’ करार दिया और आरोप लगाया कि न्यूयॉर्क की तरह मुंबई में भी तुष्टिकरण की राजनीति लाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सत्ता में बने रहने के लिए तुष्टीकरण की राह अपना रहे हैं। हमें मुंबई को ऐसी ताकतों से बचाना होगा जो समाज को बांटने की कोशिश करती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- नए न्यूयॉर्क का खाका: मेयर ममदानी ने चुनी दिग्गजों की ट्रांजिशन टीम; बदलाव के एजेंडे के साथ सिटी हॉल मिशन शुरू

ममदानी को बताया देशविरोधी
इस दौरान साटम ने कहा कि वे धार्मिक सद्भाव में विश्वास रखते हैं, लेकिन अगर कोई देशविरोधी सोच से समाज को बांटने की कोशिश करेगा, तो भाजपा उसका विरोध करेगी। बता दें कि ममदानी, भारतीय फिल्ममेकर मीरा नायर और भारतीय मूल के विद्वान मह्मूद ममदानी के बेटे हैं।

उन्होंने न्यूयॉर्क के पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो और रिपब्लिकन उम्मीदवार कर्टिस स्लिवा को हराकर यह जीत हासिल की। उनकी जीत को प्रगतिशील राजनीति की वापसी माना जा रहा है, जिसमें मुफ्त चाइल्डकेयर, किराया नियंत्रण और मुफ्त बस सेवा जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। हालांकि, अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों में दक्षिणपंथी समूह इसे 'स्थानीय बनाम बाहरी' की बहस के रूप में देख रहे हैं।

ये भी पढ़ें:- गैलप सर्वे: अमेरिका में ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग गिरकर हुई 37 फीसदी, जनता का भरोसा कमजोर

मुंबई बीएमसी चुनाव पर होगा असर?
ऐसे में मुंबई में भी आने वाले बीएमसी चुनावों में यही मुद्दा गूंजने की संभावना है। मनसे और शिवसेना पहले ही 'मराठी बनाम बाहरी' राजनीति के लिए जानी जाती रही हैं, और अब भाजपा नेता साटम के बयान से साफ है कि पार्टी भी इसी रणनीति को आगे बढ़ा सकती है। साटम ने साफ-साफ कहा कि हम मुंबई के विकास और एकता के लिए प्रतिबद्ध हैं। शहर में वंदे मातरम कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और हर नागरिक को इसे गर्व से कहना चाहिए। मुंबई की सांस्कृतिक पहचान से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed