पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
फ्री ई-पेपर
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Weather: Monsoon expected in Delhi-NCR within 2-3 days; life disrupted by floods and rain in Assam-Arunachal

Weather: दिल्ली-एनसीआर में दो-तीन दिन में मानसून की उम्मीद, असम और अरुणाचल में बाढ़-बारिश से जनजीवन प्रभावित

Wed, 01 Jul 2026 05:54 AM IST
Pavan अमर उजाला ब्यूरो/नेटवर्क
अमर उजाला ब्यूरो/नेटवर्क Published by: Pavan Updated Wed, 01 Jul 2026 05:54 AM IST
सार

पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह छा गया है। अरुणाचल प्रदेश व असम  में मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे दोनों राज्यों का बड़ा हिस्सा बाढ़ की चपेट में आ गया है। करीब दो लाख लोग प्रभावित हुए हैं।

विज्ञापन
Weather: Monsoon expected in Delhi-NCR within 2-3 days; life disrupted by floods and rain in Assam-Arunachal
दिल्ली-एनसीआर में कब पहुंचेगा मानसून? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

चिलचिलाती गर्मी से राहत देते हुए दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। रफ्तार पकड़ते हुए मानसून ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश व लद्दाख में दस्तक दे दी। हालांकि भीषण गर्मी झेल रहे दिल्ली-एनसीआर में मानसून के दो-तीन दिनों में पहुंचने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह छा गया है। अरुणाचल प्रदेश व असम  में मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे दोनों राज्यों का बड़ा हिस्सा बाढ़ की चपेट में आ गया है। करीब दो लाख लोग प्रभावित हुए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, मानसून ने मंगलवार को मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बचे इलाकों को कवर कर लिया है।
विज्ञापन




वहीं, नौ दिन की देरी से पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने के साथ ही मानसून पूर्वांचल समेत लगभग आधे उत्तरी हिस्से में छा गया है। अभी मानसून की उत्तरी रेखा गुजरात के सूरत, मध्य प्रदेश के इंदौर, सागर, सीधी, और उत्तर प्रदेश के आजमगढ़, अयोध्या व बरेली से होते हुए उत्तराखंड के देहरादून और हिमाचल प्रदेश के मंडी तक पहुंच चुकी है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के बचे इलाकों, हिमाचल प्रदेश व लद्दाख के बाकी हिस्सों, पूरे जम्मू-कश्मीर, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली व पंजाब और राजस्थान में मानसून के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- VB-G RAM G: आज से वीबी-जी राम जी कानून लागू, ग्रामीण मजदूरों को मिलेगा 125 दिन का रोजगार; बढ़ी दैनिक मजदूरी
विज्ञापन
विज्ञापन


कल से सक्रिय हो रहा पश्चिमी विक्षोभ
आईएमडी के अनुसार, 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित, बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और एनसीआर में 6 जुलाई तक तेज हवाएं चलने के साथ ही गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है। इसके अलावा, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 3-5 जुलाई तक भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तराखंड में बुधवार को बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है।

यूपी में 54% कम बारिश
यूपी में मंगलवार को कई हिस्सों में बारिश होने से किसानों को बड़ी राहत मिली। बरेली में सर्वाधिक 157 मिमी और ललितपुर में 106 मिमी वर्षा दर्ज की गई। लखीमपुर खीरी में 99.4 मिमी, अयोध्या में 69 मिमी, अंबेडकरनगर में 66 मिमी बारिश हुई। इससे कई जिलों में तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जून में प्रदेश में सामान्य से 54 प्रतिशत कम बारिश हुई। पूर्वी यूपी में वर्षा 58 प्रतिशत और पश्चिमी यूपी में 47 प्रतिशत कम रही।

दिल्ली में 53.5 डिग्री जैसी तपिश
राजधानी दिल्ली इस समय भीषण गर्मी और भारी उमस की दोहरी मार झेल रही है। मंगलवार शाम 5:30 बजे दिल्ली में अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांिक असल महसूस किया जाने वाला तापमान 53.5 डिग्री सेल्सियस रहा। तकनीकी तौर पर दिल्ली में लू नहीं चली, लेकिन उमस ने लोगों का पसीना निकाल दिया।

उत्तराखंड में चार दिन भारी बारिश की चेतावनी
उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में पहुंचे मानसून के चलते मौसम विभाग ने चार दिनों तक कुछ इलाकों में बेहद भारी वर्षा होने की चेतावनी जारी की है। एक जुलाई को देहरादून और बागेश्वर जनपद में भारी से बहुत भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश की संभावना है। दो जुलाई को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर में भारी वर्षा का अनुमान है। तीन और चार जुलाई को भी कई पर्वतीय जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है। इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।


पूर्वोत्तर में बाढ़ से हाहाकार
पूर्वोत्तर भारत में मानसूनी बारिश और बाढ़ ने हाहाकार मचा दिया है। अरुणाचल के लोअर सियांग जिले में बाढ़ और भूस्खलन से 14 गांवों में 3,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। नारी-कोयू क्षेत्र में धान के खेतों, निजी संपत्तियों व बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचा है। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।
  • मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने हालात की समीक्षा की है और राहत कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया है।
  • केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और किरेन रिजिजू ने मुख्यमंत्री से मिलकर हालात की समीक्षा की। 90 हजार से अधिक लोग बाढ़-बारिश से प्रभावित हुए हैं।
  • असम में भी 60 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। धेमाजी जिले में 40 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ में घिरे हैं। 60 गांव जलमग्न हो गए हैं।

यह भी पढ़ें- राष्ट्रीय सर्वे: देश में हर दूसरा ग्रामीण काम-धंधे के कारण अपने गांव से दूर, इनके सामने सबसे ज्यादा बाधाएं

कम बारिश से बरगी डैम का पानी तलहटी तक पहुंचा
उधर, मानसून की बेरुखी से कम बारिश से जबलपुर के बरगी बांध में पानी तलहटी तक पहुंच गया है। 42 वर्षों बाद डैम में सूखे के हालात हैं। नर्मदा नदी पर बने इस विशाल डैम में रोजाना 5 सेमी के करीब पानी कम हो रहा है। नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अधिकारी और बांध के प्रभारी राजा राम रोहित ने कि बांध का वर्तमान जलस्तर समुद्र तल से 407.45 मीटर है। बांध में अब मात्र 5.5 मीटर पानी ही शेष बचा है। पानी कम होने से बांध के कई छिपी हुई चीजें सामने आने लगी हैं। कहीं पुरानी नाव तो कहीं मंदिर दिखाई देने से लोग हैरान हैं। स्थानीय लोग लगातार पहुंच रहे हैं और नाव पर सेल्फी भी ले रहे हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed