पश्चिम एशिया तनाव का असर: गैस संकट के चलते बदले जा रहे होटलों के मेन्यू; गुजरात में औद्योगिक आपूर्ति में कटौती
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण देश के कई राज्यों को एलपीजी गैस की कमी का समाना करना पड़ रहा है। इस कमी ने देश भर के होटल और रेस्तरां के संचालन को प्रभावित है। वहीं गुजरात में औद्योगिक गैस आपूर्ति में भी कटौती की गई है ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
पुदुचेरी में होटलों पर असर
पुदुचेरी के कुछ होटलों ने कम ईंधन वाले मेन्यू अपनाना शुरू कर दिया है। एक होटल मालिक ने बताया कि उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष के कारण वाणिज्यिक सिलिंडरों की कमी को प्रबंधित करने के लिए कड़े उपाय किए हैं। अब वे शाम चार बजे से सात बजे के बीच ही कॉफी, चाय या जूस बेच रहे हैं। एलपीजी डीलरों के अनुसार, केंद्र सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता पर एलपीजी आपूर्ति का आदेश दिया है। वाणिज्यिक एलपीजी सिलिंडरों की आपूर्ति निलंबित कर दी गई है। एक होटल कारोबारी ने बताया कि उन्होंने भविष्य में समस्या न हो, इसके लिए रणनीति बनाई है। हालांकि, मौजूदा स्टॉक से वे स्थिति संभाल रहे हैं। उन्होंने बैंक्वेट बुक करने वालों को भोजन की निर्बाध आपूर्ति का आश्वासन दिया है। लेकिन, कमरे बुक करने वालों को भोजन आपूर्ति में कठिनाई की जानकारी दी जा रही है। बाहर का भोजन लाने की अनुमति नहीं है। एक होटल कारोबारी ने डीलर से वाणिज्यिक सिलिंडरों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। डीलर ने अपनी लाचारी व्यक्त की और स्थिति में सुधार का इंतजार करने को कहा। एक होटल कारोबारी को छह सिलिंडरों की आवश्यकता थी, लेकिन उनके पास केवल तीन का स्टॉक था। उन्होंने तत्काल भविष्य में स्थिति से निपटने पर चिंता जताई।
पुदुचेरी के कई होटलों ने वाणिज्यिक एलपीजी सिलिंडरों की कमी के कारण अपने सेवा कार्यक्रम में बदलाव किया है। एक होटल मालिक ने बताया कि उन्होंने मौजूदा कमी को देखते हुए कड़े उपाय लागू किए हैं। अब वे शाम चार बजे से सात बजे तक ही कॉफी, चाय या जूस बेचते हैं, जबकि पहले टिफिन आइटम भी बेचते थे। एक डीलर ने बताया कि वाणिज्यिक क्षेत्र के लिए रिफिल नहीं मिल रहे हैं। उन्हें घरेलू उपभोक्ताओं को आपूर्ति को प्राथमिकता देने को कहा गया है। एक होटल कारोबारी ने कहा कि उन्होंने बैंक्वेट बुक करने वालों को भोजन की निर्बाध आपूर्ति का आश्वासन दिया है। हालांकि, नए कमरों की बुकिंग के लिए भोजन आपूर्ति में कठिनाई के बारे में बताया जा रहा है। बाहर के भोजन की अनुमति नहीं है।
गुजरात में गैस आपूर्ति पर प्रतिबंध
गुजरात सरकार ने पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर औद्योगिक गैस के उपयोग में 50 फीसदी की कटौती की है। राज्य के ऊर्जा मंत्री ऋषिकेश पटेल ने घरेलू एलपीजी वितरण में कोई बाधा न आने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर काम कर रही हैं ताकि घरों में खाना पकाने वाली गैस की कमी न हो। सरकार ने घरेलू खपत को प्राथमिकता देने के लिए कुछ औद्योगिक उपयोगों पर प्रतिबंध लगाए हैं। उद्योगों को गैस आपूर्ति में 50 फीसदी की कटौती की गई है। उर्वरक और दूध प्रसंस्करण के लिए गैस आपूर्ति में करीब 40 फीसदी की कटौती है। मंत्री ने राजकोट से वाणिज्यिक गैस सिलिंडरों पर प्रतिबंध की खबरों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक गैस सिलिंडरों पर कोई कटौती या प्रतिबंध नहीं है।
ओडिशा के होटल कारोबारियों की मांग
ओडिशा होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन (एचआरएओ) ने होटलों व रेस्टोरेंटों को व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति बहाल करने के लिए केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को संबोधित पत्र में एचआरएओ ने कहा है कि एलपीजी आपूर्ति में हालिया रुकावट और प्रतिबंधों के कारण आतिथ्य उद्योग के संचालन में गंभीर बाधाएं आई हैं। होटल और रेस्टोरेंट अपने दैनिक रसोई कार्यों के लिए व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की निर्बाध आपूर्ति पर अत्यधिक निर्भर हैं। अचानक एलपीजी गैस की आपूर्ति कम होने से कई रेस्टोरेंट और होटल में भोजन तैयार करने में दिक्कत आ रही है।
एसोसिएशन ने कहा कि एलपीजी की लगातार कमी से होटल बंद हो सकते हैं, बुकिंग रद्द हो सकती हैं और पर्यटकों को असुविधा हो सकती है, जिससे भारत के पर्यटन प्रोत्साहन प्रयासों को नुकसान पहुंच सकता है। होटल व रेस्टोरेंट रोजगार, राज्य राजस्व व खाद्य आपूर्ति श्रृंखला और परिवहन जैसे संबद्ध उद्योगों में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
एचआरएओ के अध्यक्ष डॉ. जेके मोहंती ने संकट के व्यापक आर्थिक प्रभावों पर जोर देते हुए कहा कि हजारों कर्मचारियों और विक्रेताओं की आजीविका खतरे में है। उन्होंने आग्रह किया कि मंत्रालय के समय पर हस्तक्षेप से परिचालन में आने वाली बाधाओं को रोकने और यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र पर्यटकों को सुचारू रूप से सेवाएं प्रदान करता रहेगा।
पत्र की प्रतियां केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी, उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिदा, मुख्य सचिव अनु गर्ग और एफएचआरएआई व होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्षों को भी भेजी गईं। एसोसिएशन ने उम्मीद जताई कि सरकार की त्वरित कार्रवाई से आतिथ्य क्षेत्र की सुरक्षा होगी और वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में भारत की प्रतिष्ठा बनी रहेगी।
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