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पश्चिम एशिया संकट: एक्शन में मोदी सरकार, राजनाथ सिंह की बड़ी बैठक के बाद 24 घंटे निगरानी का प्लान तैयार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राकेश कुमार
Updated Thu, 02 Apr 2026 10:42 PM IST
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सार
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई हाई-लेवल बैठक में 24 घंटे निगरानी का फैसला लिया गया है। सरकार ने महंगाई से बचने के लिए 40 पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी खत्म कर दी है और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति का भरोसा दिया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
- फोटो : ANI
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विस्तार
पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। इस वैश्विक संकट का असर भारत की अर्थव्यवस्था और आम जनता पर न पड़े, इसके लिए सरकार ने एक बेहद मजबूत और बड़ा सुरक्षा चक्र तैयार कर लिया है।
दरअसल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में 'मंत्रियों के अनौपचारिक समूह' (आईजीओएम) की एक बेहद अहम बैठक हुई। इस बैठक में मौजूदा हालात की बारीकी से समीक्षा की गई और तय हुआ कि भारत सरकार इस पूरे घटनाक्रम पर 24 घंटे पैनी नजर रखेगी।
दाम न बढ़ें, इसलिए सरकार ने कसी कमर
बैठक में रक्षा मंत्री के अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। सरकार की सबसे बड़ी चिंता यह है कि इस युद्ध की वजह से देश में महंगाई न बढ़े और जरूरी चीजों की सप्लाई न रुके।
इसके लिए वित्त मंत्रालय ने कुछ बड़े फैसले लिए हैं। सबसे बड़ी राहत पेट्रोकेमिकल सेक्टर को दी गई है। वैश्विक व्यापार में आ रही दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने 40 बेहद जरूरी पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स पर 30 जून 2026 तक सीमा शुल्क पूरी तरह खत्म कर दी है। इसके अलावा, हवाई यात्रियों को महंगे टिकटों से बचाने के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की मासिक कीमतों में होने वाली बढ़ोतरी पर 25 फीसदी की सीमा लगा दी गई है।
यह भी पढ़ें: होमुर्ज पर ब्रिटेन में 60+ देशों की बड़ी बैठक: भारत से शामिल हुए मिसरी; कहा- हमने नाविक खोए, जल्द रुके तनाव
कालाबाजारियों पर कड़ा एक्शन
इस बैठक में आम जनता को सबसे बड़ी राहत देने वाली खबर रसोई गैस यानी एलपीजी को लेकर आई। सरकार ने साफ कर दिया है कि देश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक है और किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। रिफाइनरियों में एलपीजी का प्रोडक्शन बढ़ा दिया गया है। हालांकि, कुछ जगहों पर इस संकट का फायदा उठाकर जमाखोरी और कालाबाजारी की खबरें आई थीं। इस पर सरकार की नजर है।
मजदूरों और छोटे परिवारों का खास ख्याल
सरकार ने कम गैस इस्तेमाल करने वाले परिवारों और प्रवासी मजदूरों की सुविधा के लिए 5 किलो वाले छोटे सिलेंडरों की सप्लाई तेज कर दी है। बीते कुछ ही दिनों में 4.3 लाख से ज्यादा ऐसे सिलेंडर बांटे जा चुके हैं। इसके साथ ही, फैक्ट्रियों के लिए भी कमर्शियल एलपीजी की 80% से ज्यादा सप्लाई को बरकरार रखा गया है।
सोशल मीडिया की अफवाहों से बचें
सरकार ने लोगों से एक बेहद जरूरी अपील की है। सोशल मीडिया पर पश्चिम एशिया संकट और भारत में तेल-गैस की कमी को लेकर कई तरह की अफवाहें उड़ाई जा रही हैं। सरकार ने साफ कहा है कि लोग ऐसी भ्रामक जानकारियों में आकर पैनिक न करें।
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दरअसल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में 'मंत्रियों के अनौपचारिक समूह' (आईजीओएम) की एक बेहद अहम बैठक हुई। इस बैठक में मौजूदा हालात की बारीकी से समीक्षा की गई और तय हुआ कि भारत सरकार इस पूरे घटनाक्रम पर 24 घंटे पैनी नजर रखेगी।
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दाम न बढ़ें, इसलिए सरकार ने कसी कमर
बैठक में रक्षा मंत्री के अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। सरकार की सबसे बड़ी चिंता यह है कि इस युद्ध की वजह से देश में महंगाई न बढ़े और जरूरी चीजों की सप्लाई न रुके।
इसके लिए वित्त मंत्रालय ने कुछ बड़े फैसले लिए हैं। सबसे बड़ी राहत पेट्रोकेमिकल सेक्टर को दी गई है। वैश्विक व्यापार में आ रही दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने 40 बेहद जरूरी पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स पर 30 जून 2026 तक सीमा शुल्क पूरी तरह खत्म कर दी है। इसके अलावा, हवाई यात्रियों को महंगे टिकटों से बचाने के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की मासिक कीमतों में होने वाली बढ़ोतरी पर 25 फीसदी की सीमा लगा दी गई है।
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कालाबाजारियों पर कड़ा एक्शन
इस बैठक में आम जनता को सबसे बड़ी राहत देने वाली खबर रसोई गैस यानी एलपीजी को लेकर आई। सरकार ने साफ कर दिया है कि देश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक है और किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। रिफाइनरियों में एलपीजी का प्रोडक्शन बढ़ा दिया गया है। हालांकि, कुछ जगहों पर इस संकट का फायदा उठाकर जमाखोरी और कालाबाजारी की खबरें आई थीं। इस पर सरकार की नजर है।
मजदूरों और छोटे परिवारों का खास ख्याल
सरकार ने कम गैस इस्तेमाल करने वाले परिवारों और प्रवासी मजदूरों की सुविधा के लिए 5 किलो वाले छोटे सिलेंडरों की सप्लाई तेज कर दी है। बीते कुछ ही दिनों में 4.3 लाख से ज्यादा ऐसे सिलेंडर बांटे जा चुके हैं। इसके साथ ही, फैक्ट्रियों के लिए भी कमर्शियल एलपीजी की 80% से ज्यादा सप्लाई को बरकरार रखा गया है।
सोशल मीडिया की अफवाहों से बचें
सरकार ने लोगों से एक बेहद जरूरी अपील की है। सोशल मीडिया पर पश्चिम एशिया संकट और भारत में तेल-गैस की कमी को लेकर कई तरह की अफवाहें उड़ाई जा रही हैं। सरकार ने साफ कहा है कि लोग ऐसी भ्रामक जानकारियों में आकर पैनिक न करें।
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