बंगाल में नए नियम पर विवाद: विधानसभा में मीडिया पर 'पाबंदी' से बिफरी TMC, कुणाल घोष ने CID के दुरुपयोग पर घेरा
पश्चिम बंगाल विधानसभा में मीडिया पर पाबंदी और टीएमसी नेता कुणाल घोष के घर सीआईडी की दस्तक से विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष ने विधानसभा के नए नियमों को अलोकतांत्रिक बताया है। वहीं, कुणाल घोष ने सीआईडी के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए जांच में सहयोग की बात कही।
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#WATCH | Kolkata: West Bengal Leader of Opposition, Sobhandeb Chattopadhyay says, "A circular has been circulated by the speaker where he has told that the photographers and press reporters will not roam inside the assembly. They will have to be within the press corner... It is… pic.twitter.com/rjFbMt9Sib
— ANI (@ANI) May 29, 2026
उन्होंने आगे कहा कि जब विपक्षी दल स्पीकर की किसी बात से सहमत नहीं होते, तो वे अपना विरोध जताते हैं। अक्सर सदस्य सदन से बाहर निकलकर (वॉकआउट) तुरंत प्रेस कॉर्नर जाकर अपनी बात मीडिया को बताते हैं। लेकिन नए नियमों के मुताबिक, अब स्पीकर की अनुमति के बिना ऐसा करना मुमकिन नहीं होगा। इससे विपक्ष अपनी बात जनता तक सही ढंग से नहीं पहुंचा पाएगा।
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दूसरी ओर, टीएमसी नेता कुणाल घोष के घर सीआईडी की टीम पहुंचने का मामला भी चर्चा में है। कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि कुछ लोग सीआईडी का गलत इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कल जब सीआईडी के अधिकारी उनके घर पहुंचे, तब वह वहां मौजूद नहीं थे।
#WATCH | Kolkata, West Bengal: On the CID visiting his residence, TMC leader Kunal Ghosh says, "... Some people are trying to misuse the CID... A team of CID officers were at my home yesterday. I was not at home at that time... I requested them to come at 11 AM the next day... I… pic.twitter.com/WZlkF9ti8k
— ANI (@ANI) May 29, 2026
कुणाल घोष ने अधिकारियों से अगले दिन सुबह 11 बजे आने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि वह दोपहर 3 बजे तक अधिकारियों का इंतजार करते रहे, लेकिन कोई भी वहां नहीं पहुंचा। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और इसे परेशान करने वाला कदम बताया है।