Kashmir: पीओजेके के हालात पर फारूक का केंद्र से सवाल, बोले- अगर हिस्सा है तो सरकार आवाज क्यों नहीं उठा रही?
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने पीओजेके के हालात को लेकर केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत को इस मुद्दे पर अपनी बात रखनी चाहिए।
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नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में जारी हालात को लेकर केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार पीओजेके को भारत का हिस्सा मानती है, तो उसे वहां के हालात पर अपनी बात रखनी चाहिए।
फारूक अब्दुल्ला ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर को इस मुद्दे को उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह कई बार अपील कर चुके हैं कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) को वहां जाकर स्थिति का जायजा लेना चाहिए और लोगों की समस्याओं को समझने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उन्हें केंद्र सरकार की ओर से पीओजेके में हिंसा रोकने को लेकर कोई स्पष्ट बयान सुनाई नहीं दिया है। फारूक ने सवाल किया कि अगर यह क्षेत्र भारत का हिस्सा है तो सरकार इस पर खुलकर बात क्यों नहीं कर रही है।
पीओजेके में हाल के दिनों में विरोध प्रदर्शन तेज हुए हैं। मंगलवार को जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के कार्यकर्ताओं और सुरक्षाबलों के बीच झड़प में कई लोगों की मौत और कई अन्य के घायल होने की खबर सामने आई थी। भारत ने पहले ही पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए इसे पाकिस्तान द्वारा अपने कब्जे को छिपाने और क्षेत्र में मानवाधिकार उल्लंघनों से ध्यान हटाने का प्रयास बताया है।