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Kathua News: डाइट बसोहली में 56 फीसदी पद खाली, प्रशिक्षण व अकादमिक गतिविधियां प्रभावित
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले के शिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण देकर स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की जिम्मेदारी संभालने वाला जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) बसोहली खुद कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहा है। संस्थान में स्वीकृत 43 पदों में से 24 पद खाली पड़े हैं। यानी करीब 56 फीसदी पदों पर लंबे समय से नियुक्तियां नहीं हुई हैं। इसका सीधा असर शिक्षकों के प्रशिक्षण, शैक्षणिक मूल्यांकन और संस्थान की रोजमर्रा की कार्यप्रणाली पर पड़ रहा है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, डाइट बसोहली में शिक्षण स्टाफ के 21 स्वीकृत पदों में से 7 पद रिक्त हैं। इनमें चार एचओडी और तीन लेक्चरर के पद शामिल हैं। इसके अलावा लाइब्रेरियन का पद भी खाली है। ऐसे में विभिन्न विषयों के प्रशिक्षण और अकादमिक गतिविधियों को संचालित करने में संस्थान को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे गंभीर स्थिति गैर-शैक्षणिक स्टाफ की है। कर्मचारियों के 22 स्वीकृत पदों में से 17 पद रिक्त हैं। सीनियर असिस्टेंट के पांच, हेड असिस्टेंट के दो, एमटीएस के दो और सैंक्शन ऑफिसर, स्टेनोग्राफर, अकाउंटेंट, टेक्नीशियन, जूनियर असिस्टेंट व लैब असिस्टेंट के एक-एक पद खाली हैं। परिणाम यह है कि कार्यालय से जुड़े कई कामों का अतिरिक्त बोझ उपलब्ध कर्मचारियों और शिक्षण स्टाफ पर पड़ रहा है।
डाइट को शिक्षकों के प्रशिक्षण और उनकी शैक्षणिक क्षमता बढ़ाने के लिए जिले का प्रमुख संस्थान माना जाता है। यहां से मिलने वाला प्रशिक्षण सीधे स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था की गुणवत्ता से जुड़ा होता है। लेकिन लंबे समय से विशेषज्ञ और प्रशासनिक स्टाफ की कमी के कारण संस्थान की क्षमता प्रभावित हो रही है। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि प्रशिक्षण संस्थान में ही पर्याप्त विषय विशेषज्ञ और प्रशिक्षक उपलब्ध नहीं होंगे तो स्कूलों तक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पद्धति पहुंचाना चुनौतीपूर्ण होगा।
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इनसेट--
सेवानिवृत्ति और तबादलों से खाली होते गए पद
- अधिकारियों ने बताया कि सेवानिवृत्ति और तबादलों के चलते डाइट में लगातार पद खाली होते गए लेकिन नई नियुक्तियां नहीं हो सकीं। विशेष रूप से गैर-शैक्षणिक संवर्ग के कई पद लंबे समय से भरे ही नहीं गए हैं। इससे कार्यालय की फाइलिंग, लेखा, तकनीकी और अन्य प्रशासनिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है।
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रिक्त पदों का ब्योरा
विभाग पद
एचओडी 04
लेक्चरर 03
सेक्शन ऑफिसर 01
लाइब्रेरियन 01
स्टेनोग्राफर 01
जूनियर असिस्टेंट 01
लैब असिस्टेंट 01
अकाउंटेंट 01
टेक्नीशियन 01
एमटीएस स्टाफ 02
सीनियर असिस्टेंट 05
हेड असिस्टेंट 02
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कठुआ। जिले के शिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण देकर स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की जिम्मेदारी संभालने वाला जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) बसोहली खुद कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहा है। संस्थान में स्वीकृत 43 पदों में से 24 पद खाली पड़े हैं। यानी करीब 56 फीसदी पदों पर लंबे समय से नियुक्तियां नहीं हुई हैं। इसका सीधा असर शिक्षकों के प्रशिक्षण, शैक्षणिक मूल्यांकन और संस्थान की रोजमर्रा की कार्यप्रणाली पर पड़ रहा है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, डाइट बसोहली में शिक्षण स्टाफ के 21 स्वीकृत पदों में से 7 पद रिक्त हैं। इनमें चार एचओडी और तीन लेक्चरर के पद शामिल हैं। इसके अलावा लाइब्रेरियन का पद भी खाली है। ऐसे में विभिन्न विषयों के प्रशिक्षण और अकादमिक गतिविधियों को संचालित करने में संस्थान को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे गंभीर स्थिति गैर-शैक्षणिक स्टाफ की है। कर्मचारियों के 22 स्वीकृत पदों में से 17 पद रिक्त हैं। सीनियर असिस्टेंट के पांच, हेड असिस्टेंट के दो, एमटीएस के दो और सैंक्शन ऑफिसर, स्टेनोग्राफर, अकाउंटेंट, टेक्नीशियन, जूनियर असिस्टेंट व लैब असिस्टेंट के एक-एक पद खाली हैं। परिणाम यह है कि कार्यालय से जुड़े कई कामों का अतिरिक्त बोझ उपलब्ध कर्मचारियों और शिक्षण स्टाफ पर पड़ रहा है।
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डाइट को शिक्षकों के प्रशिक्षण और उनकी शैक्षणिक क्षमता बढ़ाने के लिए जिले का प्रमुख संस्थान माना जाता है। यहां से मिलने वाला प्रशिक्षण सीधे स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था की गुणवत्ता से जुड़ा होता है। लेकिन लंबे समय से विशेषज्ञ और प्रशासनिक स्टाफ की कमी के कारण संस्थान की क्षमता प्रभावित हो रही है। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि प्रशिक्षण संस्थान में ही पर्याप्त विषय विशेषज्ञ और प्रशिक्षक उपलब्ध नहीं होंगे तो स्कूलों तक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पद्धति पहुंचाना चुनौतीपूर्ण होगा।
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सेवानिवृत्ति और तबादलों से खाली होते गए पद
- अधिकारियों ने बताया कि सेवानिवृत्ति और तबादलों के चलते डाइट में लगातार पद खाली होते गए लेकिन नई नियुक्तियां नहीं हो सकीं। विशेष रूप से गैर-शैक्षणिक संवर्ग के कई पद लंबे समय से भरे ही नहीं गए हैं। इससे कार्यालय की फाइलिंग, लेखा, तकनीकी और अन्य प्रशासनिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है।
रिक्त पदों का ब्योरा
विभाग पद
एचओडी 04
लेक्चरर 03
सेक्शन ऑफिसर 01
लाइब्रेरियन 01
स्टेनोग्राफर 01
जूनियर असिस्टेंट 01
लैब असिस्टेंट 01
अकाउंटेंट 01
टेक्नीशियन 01
एमटीएस स्टाफ 02
सीनियर असिस्टेंट 05
हेड असिस्टेंट 02