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Kathua News: प्रह्लाद की कथा सुन समझा निस्वार्थ भक्ति का मर्म
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Mon, 16 Mar 2026 02:11 AM IST
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भेड़-बलोड के नृसिंह धाम पजवारी में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान उमड़े भक्त। स्रोत जागरूक पाठक
- फोटो : samvad
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शहर के वार्ड 19 स्थित आदियोगी आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले में इन दिनों जगह-जगह श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन हो रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल होकर कथा का रसपान कर रहे हैं। जिले में श्रीमद्भागवत कथा के आयोजनों ने धार्मिक वातावरण को और अधिक जीवंत बना दिया है जहां श्रद्धालु भक्ति, भजन और प्रवचनों के माध्यम से आध्यात्मिक आनंद प्राप्त कर रहे हैं।
शहर के वार्ड 19 स्थित आदियोगी आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन जारी है। कथाव्यास आदियोगी गौतम महाराज के प्रवचन सुनने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। प्रवचन में उन्होंने भक्त प्रह्लाद की निस्वार्थ भक्ति और भगवान नृसिंह अवतार की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि भागवत कथा धर्म की विजय और अहंकार पर ईश्वर की जीत का संदेश देती है। साथ ही उन्होंने श्रीमद्भागवत पुराण के पांचवें स्कंध में वर्णित 28 प्रकार के नरकों का उल्लेख कर कर्म और अकर्म के महत्व पर प्रकाश डाला।
इसी क्रम में श्री नरसिंह धाम पजवारी भेड़ बलोड में आयोजित कथा के चौथे दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। कथाव्यास सतपाल ने कृष्ण जन्म का वृत्तांत सुनाया। इस दौरान प्रस्तुत भगवान की झांकी और मधुर भजनों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम महंत श्रीश्री 108 भगवान दास और गांववासियों के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। मढ़ीन के गोपाला चक में सात दिनों से जारी श्रीमद्भागवत कथा का रविवार को समापन हुआ। कथाव्यास मोहन गिरी महाराज ने श्रद्धालुओं को कथा का महात्म्य बताते हुए संत्संग की महत्ता पर बल दिया।
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कठुआ। जिले में इन दिनों जगह-जगह श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन हो रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल होकर कथा का रसपान कर रहे हैं। जिले में श्रीमद्भागवत कथा के आयोजनों ने धार्मिक वातावरण को और अधिक जीवंत बना दिया है जहां श्रद्धालु भक्ति, भजन और प्रवचनों के माध्यम से आध्यात्मिक आनंद प्राप्त कर रहे हैं।
शहर के वार्ड 19 स्थित आदियोगी आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन जारी है। कथाव्यास आदियोगी गौतम महाराज के प्रवचन सुनने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। प्रवचन में उन्होंने भक्त प्रह्लाद की निस्वार्थ भक्ति और भगवान नृसिंह अवतार की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि भागवत कथा धर्म की विजय और अहंकार पर ईश्वर की जीत का संदेश देती है। साथ ही उन्होंने श्रीमद्भागवत पुराण के पांचवें स्कंध में वर्णित 28 प्रकार के नरकों का उल्लेख कर कर्म और अकर्म के महत्व पर प्रकाश डाला।
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इसी क्रम में श्री नरसिंह धाम पजवारी भेड़ बलोड में आयोजित कथा के चौथे दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। कथाव्यास सतपाल ने कृष्ण जन्म का वृत्तांत सुनाया। इस दौरान प्रस्तुत भगवान की झांकी और मधुर भजनों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम महंत श्रीश्री 108 भगवान दास और गांववासियों के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। मढ़ीन के गोपाला चक में सात दिनों से जारी श्रीमद्भागवत कथा का रविवार को समापन हुआ। कथाव्यास मोहन गिरी महाराज ने श्रद्धालुओं को कथा का महात्म्य बताते हुए संत्संग की महत्ता पर बल दिया।

भेड़-बलोड के नृसिंह धाम पजवारी में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान उमड़े भक्त। स्रोत जागरूक पाठक- फोटो : samvad

भेड़-बलोड के नृसिंह धाम पजवारी में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान उमड़े भक्त। स्रोत जागरूक पाठक- फोटो : samvad

भेड़-बलोड के नृसिंह धाम पजवारी में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान उमड़े भक्त। स्रोत जागरूक पाठक- फोटो : samvad