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Kathua News: रामलीला मंचन...राम लक्ष्मण ने किया तड़का व सुबाहु का वध
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Mon, 23 Mar 2026 01:18 AM IST
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टिल्ला देवल गांव में रामलीला का मंचन करते कलाकार। स्रोत रामलीला कमेटी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलावर। धार डूगनु में जारी राम लीला के तीसरे दिन राम की लीला को देखकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। देर रात तक चली रामलीला का दर्शकों ने खूब आनंद उठाया। विश्वामित्र आदि ऋषि मुनियों को रावण के राक्षस सताने लगे और उनका यज्ञ भंग करने लगे। ऐसी स्थिति में यज्ञ की रक्षा के लिए विश्वामित्र राजा दशरथ के पास राम और लक्ष्मण को साथ लेने के लिए अयोध्या आए।
राजा दशरथ ने राम और लक्ष्मण को विश्वामित्र के साथ भेजने से इनकार करने की कोशिश की लेकिन गुरु वशिष्ठ के परामर्श पर राजा दशरथ ने दोनों पुत्रों को महर्षि विश्वामित्र के साथ भेज दिया। इसके बाद मुनि विश्वामित्र के साथ वन में जाकर राम और लक्ष्मण ने राक्षसी ताड़का के साथ ही सुबाहु राक्षस का वध किया। युद्ध में मारीच जान बचाकर भाग गया। इस दृश्य के मंचन के बाद गौतम ऋषि की शिला बनी पत्नी अहिल्या का उधार भगवान राम ने किया। प्रभु श्री राम ने चरण स्पर्श कर उसे नारी में परिवर्तित कर दिया ।इसके पश्चात जनकपुर से मुनि विश्वामित्र को राजा जनक का आमंत्रण मिला और सीता स्वयंवर को देखने विश्वामित्र के साथ राम और लक्ष्मण जनक पूरी चले गए। रामलीला क्लब कोटी में लक्ष्मण परशुराम संवाद के दृश्य का मंचन किया गया।
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राजा दशरथ ने राम और लक्ष्मण को विश्वामित्र के साथ भेजने से इनकार करने की कोशिश की लेकिन गुरु वशिष्ठ के परामर्श पर राजा दशरथ ने दोनों पुत्रों को महर्षि विश्वामित्र के साथ भेज दिया। इसके बाद मुनि विश्वामित्र के साथ वन में जाकर राम और लक्ष्मण ने राक्षसी ताड़का के साथ ही सुबाहु राक्षस का वध किया। युद्ध में मारीच जान बचाकर भाग गया। इस दृश्य के मंचन के बाद गौतम ऋषि की शिला बनी पत्नी अहिल्या का उधार भगवान राम ने किया। प्रभु श्री राम ने चरण स्पर्श कर उसे नारी में परिवर्तित कर दिया ।इसके पश्चात जनकपुर से मुनि विश्वामित्र को राजा जनक का आमंत्रण मिला और सीता स्वयंवर को देखने विश्वामित्र के साथ राम और लक्ष्मण जनक पूरी चले गए। रामलीला क्लब कोटी में लक्ष्मण परशुराम संवाद के दृश्य का मंचन किया गया।
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