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Kathua News: बारिश नहीं होने से गेहूं की फसल को पहुंच रहा नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sat, 10 Jan 2026 01:11 AM IST
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बिलावर में बारिश के बिना सूखे पड़े खेतसंवाद
- फोटो : रायबरेली में सलोन कस्बा स्थित औद्योगिक क्षेत्र।
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उपमंडल के 90 फीसदी से अधिक इलाकों में सिंचाई की व्यवस्था उपलब्ध नहीं
बिलावर। पिछले तीन महीनों से इलाके में बारिश नहीं होने का गेहूं की फसल पर असर पड़ने से किसान चिंतित हैं। बारिश के बिना खेत सूख रहे हैं और फसलें खराब होने लगी हैं। इससे पैदावार घटने और आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ गई है। उपमंडल के 90 फीसदी से अधिक इलाकों में सिंचाई की व्यवस्था उपलब्ध नहीं है।
खासकर जिन इलाकों में वर्षा आधारित खेती है वहां गेहूं की अच्छी पैदावार के लिए पर्याप्त नमी नहीं है। किसान रोशन लाल पुरोहित, हरबंस लाल, सुभाष सिंह, मधु पाल और विजय कुमार ने बताया कि इलाके में पिछले लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण मिट्टी की नमी खत्म हो गई है। इस कारण गेहूं की फसल सूखने के कगार पर है और पानी की कमी हो रही है। किसानों ने बताया कि लगभग डेढ़ महीना पहले उन्होंने गेहूं की बिजाई की थी जिसके बाद अब तक बारिश नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि गेहूं के पौधे तो खेतों में उग गए लेकिन नमी की कमी की से फसल बढ़ नहीं पा रही है।
किसानों ने बताया कि उन्होंने गेहूं की बिजाई के लिए हजारों रुपये की राशि खर्च की है और मौजूदा समय में जिस प्रकार से मौसम चल रहा है ऐसे में उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। पानी की कमी से पैदावार कम होगी जिससे किसानों की आय घटेगी और उन पर आर्थिक बोझ पड़ेगा। किसानों ने सरकार से मांग की है कि जिन इलाकों में आज तक सिंचाई की व्यवस्था नहीं करवाई गई है उन इलाकों में जल्द से जल्द परियोजनाएं बनाई जाएं जिससे इलाके के किसानों को राहत मिल सके।
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बिलावर। पिछले तीन महीनों से इलाके में बारिश नहीं होने का गेहूं की फसल पर असर पड़ने से किसान चिंतित हैं। बारिश के बिना खेत सूख रहे हैं और फसलें खराब होने लगी हैं। इससे पैदावार घटने और आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ गई है। उपमंडल के 90 फीसदी से अधिक इलाकों में सिंचाई की व्यवस्था उपलब्ध नहीं है।
खासकर जिन इलाकों में वर्षा आधारित खेती है वहां गेहूं की अच्छी पैदावार के लिए पर्याप्त नमी नहीं है। किसान रोशन लाल पुरोहित, हरबंस लाल, सुभाष सिंह, मधु पाल और विजय कुमार ने बताया कि इलाके में पिछले लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण मिट्टी की नमी खत्म हो गई है। इस कारण गेहूं की फसल सूखने के कगार पर है और पानी की कमी हो रही है। किसानों ने बताया कि लगभग डेढ़ महीना पहले उन्होंने गेहूं की बिजाई की थी जिसके बाद अब तक बारिश नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि गेहूं के पौधे तो खेतों में उग गए लेकिन नमी की कमी की से फसल बढ़ नहीं पा रही है।
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किसानों ने बताया कि उन्होंने गेहूं की बिजाई के लिए हजारों रुपये की राशि खर्च की है और मौजूदा समय में जिस प्रकार से मौसम चल रहा है ऐसे में उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। पानी की कमी से पैदावार कम होगी जिससे किसानों की आय घटेगी और उन पर आर्थिक बोझ पड़ेगा। किसानों ने सरकार से मांग की है कि जिन इलाकों में आज तक सिंचाई की व्यवस्था नहीं करवाई गई है उन इलाकों में जल्द से जल्द परियोजनाएं बनाई जाएं जिससे इलाके के किसानों को राहत मिल सके।