बिलावर के बाद हीरानगर में दहशत: झाड़ियों में छिपे दिखे दो संदिग्ध, सुरक्षाबल तलाश में जुटे, ड्रोन भी लगाए
बिलावर में मुठभेड़ के बाद हीरानगर के लौखली इलाके में दो संदिग्ध देखे जाने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। पुलिस, सेना, सीआरपीएफ और एसओजी की संयुक्त टीम ड्रोन की मदद से जंगलों में सघन तलाशी अभियान चला रही है।
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बिलावर के कमाद नाला में आतंकियों से मुठभेड़ के बाद शुक्रवार को हीरानगर के लौखली में दो संदिग्ध देखे गए। सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है। पूरे इलाके को खंगाला जा रहा है। हर जगह कड़ी निगरानी की जा रही है। ड्रोन से भी नजर रखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार एक महिला ने दोपहर के समय दो संदिग्ध लोगों को झाड़ियों में बैठे देखा। दोनों संदिग्धों की ओर से महिला को चुप रहने का इशारा किया गया। इसकी सूचना मिलते पर इलाके की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षाबलों ने त्वरित कार्रवाई की।
हीरानगर पुलिस, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी), सीआरपीएफ और सेना की संयुक्त टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और पूरे इलाके को घेर लिया। इसके बाद सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। इलाके के जंगलों, कच्चे रास्तों और संभावित ठिकानों की बारीकी से जांच की जा रही है। तलाशी अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए सुरक्षाबलों की ओर से ड्रोन की मदद भी ली जा रही है। इससे दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों पर ऊपर से नजर रखी जा रही है।
दो साल पहले लौखली के पास सैडा सोहल में हुई थी मुठभेड़ : लौखली इलाका सैडा सोहल से सटा हुआ है। जहां दो साल पहले सुरक्षाबलों ने पाकिस्तान से घुसपैठ कर आए दो आतंकियों को मुठभेड़ में ढेर किया गया था। ऐसे में पूरे इलाके में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं और जंगल के सभी रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
बिलावर में आतंकियों की तलाश में खोजी कुत्ते लगाए
बिलावर में धनु परोल के कमाद नाला में मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने शुक्रवार को तीसरे दिन भी तलाशी अभियान जारी रखा। पुलिस, सीआरपीएफ, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने जंगलों का चप्पा-चप्पा खंगाला। आतंकियों को खोज में खोजी कुत्ते भी लगाए गए हैं। ड्रोन की भी मदद ली जा रही है। मुठभेड़ के बाद आतंकियों के जंगल में छिपे होने की आशंका है इसलिए सुरक्षाबल लगातार अभियान चला रहे हैं।
कोई जवान घायल नहीं हुआ पुलिस : मुठभेड़ में एसओजी जवान के घायल होने की वायरल पोस्ट का पुलिस ने कहा है कि कोई जवान घायल नहीं हुआ है। अफवाहें निराधार हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में आतंकवाद-रोधी अभियानों से जुड़ी असत्यापित या भ्रामक जानकारी और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें। एसएसपी कठुआ मोहिता शर्मा ने कहा कि अफवाहें फैलाना गंभीर अपराध है। इससे सुरक्षा तंत्र प्रभावित होता है।
पुलिस ने जम्मू के नरवान, सिद्दड़ा के इलाके खंगाले
कठुआ में मुठभेड़, सांबा में संदिग्ध दिखने और गणतंत्र दिवस के चलते पुलिस अलर्ट पर है। पुलिस ने शुक्रवार को जम्मू के नरवान, सिद्दड़ा सहित आसपास के जंगली इलाकों में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान अर्द्धसैनिक बल के जवान भी तैनात रहे। दोपहर बाद चले ऑपरेशन के दौरान आतंकियों की तलाश की गई। सिद्दड़ा में वाहनों की भी जांच की गई। जंगली इलाकों पर पैनी नजर रखी जा रही है। गणतंत्र दिवस को लेकर पुलिस ने रात के नाकों पर बल बढ़ा दिए हैं। वाहनों की चेकिंग के बाद ही जाने की अनुमति दी जा रही है। नेशनल हाईवे पर ट्रकों को चेक किया जा रहा है क्योंकि अकसर ट्रकों में आतंकी कश्मीर घाटी तक पहुंचते हैं।
आरएस पुरा में आईबी पर चकरोई गांव में 12 कैमरों वाला चीन में बना जासूसी ड्रोन बरामद
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे चकरोई में जासूसी ड्रोन बरामद किया है। सूत्रों के अनुसार चीन में बने इस ड्रोन में 12 कैमरे लगे हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि एक स्थानीय निवासी ने सूचना दी कि आरएस पुरा के चकरोई सीमा इलाके में एक ड्रोन पड़ा है। इसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरक्षाबलों ने ड्रोन कब्जे में ले लिया।
प्रारंभिक जांच में यह ड्रोन जासूसी के लिए इस्तेमाल होने वाला प्रतीत हो रहा है। इससे सीमा पार से जासूसी या संदिग्ध गतिविधियों की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। ड्रोन मिलने के बाद से आसपास के सीमावर्ती गांवों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बीएसएफ अतिरिक्त गश्त और तलाशी अभियान चला रही है।
अधिकारियों का कहना है कि गणतंत्र दिवस के चलते संवेदनशील आरएस पुरा सेक्टर के सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि कैमरे की फुटेज खंगाली जाएगी ताकि पता चल सके कि किन-किन स्थानों की फोटो ली गई हैं। इसके लिए ड्रोन को फॉरेंसिक व तकनीकी जांच के लिए भेज दिया गया है।