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किडनी कांड: 15 साल पहले मजदूरी करने आया शिवम, रैकेट का बना सूत्रधार; काली कमाई से बनाई एंबुलेंस, प्लॉट और ये

अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर Published by: Sharukh Khan Updated Fri, 03 Apr 2026 01:14 PM IST
सार

जालौन से15 साल पहले कानपुर में मजदूरी करने आया शिवम किडनी रैकेट का सूत्रधार बन गया। किडनी रैकेट के कारोबार की काली कमाई से एंबुलेंस, प्लॉट और ज्वैलरी बनाई। 

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Kidney Racket Exposed Shivam arrived 15 years ago to work as laborer becomes mastermind behind a kidney racket
Kidney Racket Exposed - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
जालौन से 15 साल पहले मजदूरी करने कानपुर शहर आया आठवीं पास शिवम अग्रवाल किडनी रैकेट के कारोबार का सूत्रधार बन गया। एक अस्पताल में एंबुलेंस चलाकर अवैध रूप से किडनी की खरीद-फरोख्त कर ट्रांसप्लांट करने वाले गिरोह से हाथ मिला लिया। वह रिसीवर और डोनर की तलाश करने लगा। ट्रांसप्लांट के लिए वह दिल्ली और नोएडा तक के डॉक्टरों को लाने लगा। कम समय में अपराध की कमाई से लाखों के वारे-न्यारे होने लगे।


कल्याणपुर निवासी शिवम अग्रवाल ने दो शादी की। आरोप है कि पहली पत्नी उन्नाव की थी जिसे शिवम शराब पीकर अक्सर मारता पीटता था। उससे दोनों को पांच साल का बेटा है। इसी के चलते वह छोड़कर चली गई। 
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Kidney Racket Exposed Shivam arrived 15 years ago to work as laborer becomes mastermind behind a kidney racket
आरोपी शिवम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद उसने दो साल पहले गूबा गार्डेन निवासी युवती से शादी रचाई और वहीं सास-ससुर के साथ रहने लगा। परिजन ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शिवम करीब 15 साल पहले मजदूरी करने शहर आया था। 
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Kidney Racket Exposed Shivam arrived 15 years ago to work as laborer becomes mastermind behind a kidney racket
कानपुर के हैलेट अस्पताल से किडनी ट्रांसप्लांट के मरीजों को लखनऊ के लोहिया इंस्टीट्यूट में किया रेफर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अस्पताल में नौकरी कर एंबुलेंस चलाई
कल्याणपुर के एक अस्पताल में नौकरी कर एंबुलेंस चलाकर दो वक्त का पेट भरने लगा। कुछ महीने पहले ही उसने एक नई कार और लाखों रुपये कीमत का प्लॉट खरीदा था। इसमें वह जल्द अस्पताल बनवाने की तैयारी कर रहा था। 

 
Kidney Racket Exposed Shivam arrived 15 years ago to work as laborer becomes mastermind behind a kidney racket
किडनी ट्रांसप्लांट मामले में गिरफ्तार ओटी टेक्नीशियन कुलदीप सिंह राघव और राजेश कुमार - फोटो : पुलिस
कुछ ही साल में बना ली दो एंबुलेंस
कुछ साल पहले उसने खुद की एक एंबुलेंस खरीदी। इसके बाद वह अन्य अस्पतालों के संपर्क में आ गया। समय बढ़ता गया और उसने धीरे-धीरे कुछ ही साल में उसने एक और एंबुलेंस निकलवा ली। इसी तरह लाखों रुपये कीमत की ज्वैलरी भी बनाई जिन्हें पहने उसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हैं।



 
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Kidney Racket Exposed Shivam arrived 15 years ago to work as laborer becomes mastermind behind a kidney racket
हैलट के सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल से किडनी के मरीज पारूल, आयुष को पीजीआई लखनऊ लेकर जाती एंबुलेंस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
परिजन का आरोप है कि आठवीं पास शिवम ने उनकी डबल एमए किए बेटी को प्यार के जाल में फंसाया। वह सप्ताह में कभी-कभी मरीजों को लेकर दिल्ली जाता था। दो-तीन दिनों में वापस आ जाता था। वह लोग खुद हैरान हैं कि आखिर उनकी बेटी की जिंदगी क्यों बर्बाद कर दी। 

 
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