Kanpur: 2100 का कॉमर्शियल सिलिंडर ब्लैक में 3500 का, होटल कारोबारी बोले- बढ़ती जा रही है परेशानी, पढ़ें डिटेल
Kanpur News: कानपुर में कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की किल्लत से खानपान व्यापार संकट में है। 2100 का सिलिंडर 3500 में ब्लैक हो रहा है। इससे समोसा, जलेबी और ब्रेड समेत सभी खाद्य पदार्थों के दाम 20-25% तक बढ़ गए हैं।
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कानपुर में छोटे-छोटे ठेला दुकानदार, ढाबा संचालक कॉमर्शियल सिलिंडर न मिलने से परेशान हैं। कई ने प्रतिष्ठान बंद कर दिए हैं। वहीं बड़े प्रतिष्ठानों पर कॉमर्शियल सिलिंडर का धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है जबकि आपूर्ति विभाग आंकड़ेबाजी दिखाकर घरेलू सिलिंडरों की आपूर्ति सामान्य होने का दावा कर रहा है। दूसरी ओर विभाग के पास काॅमर्शियल सिलिंडरों का कोई रिकॉर्ड ही नहीं है।
विभाग ने 11 मार्च के बाद कॉमर्शियल सिलिंडर का महज दो दिन का स्टॉक होने की बात कही गई थी। 20 दिन बाद भी शहर के होटल और रेस्टोरेंट में इनका उपयोग हो रहा है। स्टॉक समाप्त होने के बाद गैस आपूर्ति कहां से हो रही है, इस सवाल का जवाब आपूर्ति विभाग के पास नहीं है। आपूर्ति विभाग का पूरा ध्यान घरेलू सिलिंडरों की सप्लाई पर है। इस कारण एजेंसी संचालक जमकर कालाबाजारी कर रहे हैं।
दो हजार का सिलिंडर ब्लैक में 3500 का मिल रहा
जानकारी होने के बाद भी विभाग अनजान बना हुआ है। विभागीय आंकड़ों में रोजाना 22 हजार से अधिक घरेलू सिलिंडरों की डिलीवरी के दावे किए जा रहे हैं लेकिन दावे और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर है। एजेंसी के बाहर रोज लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। विभागीय सूत्रों ने बताया कि कॉमर्शियल सिलिंडरों की जमकर कालाबाजारी हो रही है। दो हजार का सिलिंडर ब्लैक में 3500 का मिल रहा है।
कई होटल-रेस्टोरेंट संचालक परेशान
जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार ने कहा कि कॉमर्शियल सिलिंडर की सप्लाई नहीं हो रही है। कालाबाजारी पर लगातार कार्रवाई जारी है। वाणिज्यिक गैस सिलिंडर न मिलने से कई होटल, रेस्टोरेंट संचालक परेशान हैं। उनका कहना है कि अब 19 किलो वाला का वाणिज्यिक गैस सिलिंडर 2099 रुपये का मिलेगा। पहले इसके दाम 1905 रुपये थे। महंगा होने के बावजूद सिलिंडर मिल नहीं पा रहा है।
50 करोड़ का है दैनिक खानपान का व्यापार
शहर का 50 करोड़ रुपये का दैनिक खानपान व्यापार महंगे कोयले और ऑनलाइन मंच शुल्क की मार झेल रहा है। वाणिज्यिक सिलिंडरों पर रोक और पैकेजिंग उत्पादों के दाम बढ़ने से सुबह का नाश्ता पहले ही महंगा हो गया है। शहर में 5000 से अधिक होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई और नमकीन संचालक हैं। छोला-भटूरा, पूड़ी-सब्जी, जलेबी, खस्ता और समोसा भी प्रतिदिन बनता है। सड़क किनारे, गलियों में रेहड़ी पटरी दुकानदार समोसा, जलेबी, खस्ता, पूड़ी-सब्जी का व्यापार करते हैं। ये पूरी तरह से असंगठित क्षेत्र है। ऑनलाइन मंच कंपनियों ने मंच शुल्क में 19 फीसदी तक की वृद्धि की है जिससे उत्पादों की कीमत बढ़ी है। कारोबारियों के आधुनिक रसोईघर बंद पड़े हैं और वे सिलिंडर के विकल्प में कोयला भट्ठी का उपयोग कर रहे हैं। कोयले के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं।
12 वाला समोसा 15 रुपये का
वाणिज्यिक गैस सिलिंडर के दाम बढ़ने से कई खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ गई हैं। 480 रुपये किलो की जलेबी अब 500 रुपये में मिल रही है। 12 का समोसा अब 15 रुपये का हो गया है। दो कचौड़ी 60 से 70 रुपये में बेची जा रही हैं। 20 रुपये पीस वाली इमरती 25 में मिल रही है। फास्ट फूड और पानी के बतासे भी महंगे हो गए हैं। ऑनलाइन खाद्य कारोबार करीब पांच करोड़ रुपये का है।
संकट के समय शहर का कारोबारी हमेशा सरकार के साथ रहा है। अब कारोबारियों को सरकार के साथ की जरूरत है। अप्रैल के दूसरे सप्ताह से सहालग शुरू होने वाली है। सिलिंडर नहीं मिलेंगे तो बुकिंग कैसे करेंगे। एक महीने से परेशानी है। -श्यामलाल मूलचंदानी, कार्यवाहक अध्यक्ष, कानपुर होटल, गेस्ट हाउस, स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन
वाणिज्यिक गैस सिलिंडर मिल ही नहीं रहे हैं और कंपनियां रेट बढ़ाती जा रही हैं। कारोबारी और महंगी गैस खरीदने को तैयार हैं। कम से कम पहले मिले तो सही। कई रेस्टोरेंटों ने अपना मेन्यू बदला। इसके बाद भी उनका व्यापार प्रभावित है। संचालक स्टाफ कम कर रहे हैं। -राजकुमार भगतानी, भगतानी, महामंत्री, कानपुर होटल, गेस्ट हाउस, स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन
ब्रेड कंपनियों ने दो किलो वाली सैंडविच ब्रेड 10 रुपये की महंगी
पैकिंग उत्पाद महंगा होने से ब्रेड कंपनियों ने सैंडविच ब्रेड के दाम प्रति दो किलो वाली पैक में 10 रुपये की बढ़ाेत्तरी कर दी है। दो किलो वाली जो ब्रेड 130 रुपये में मिलती थी, वह अब 140 रुपये में मिलेगी। नए रेट लागू भी कर दिए गए हैं। हालांकि अन्य ब्रेड के दाम जस के तस हैं। ब्रेड कारोबारी राजेश भल्ला ने बताया कि पैकिंग दाम बढ़ने का हवाला देकर ब्रेड कंपनियों ने सैंडविच ब्रेड के दाम में 10 रुपये प्रति दो किलो पैक में बढ़ोत्तरी की है। इस ब्रेड का इस्तेमाल सबसे ज्यादा शादी समारोहों में होता है। शहर में चार ब्रेड कंपनियां हैं। इसके अलावा लखनऊ, रायबरेली और चौडगरा से शहर में ब्रेड आती है।