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Kathua News: विधानसभा में बनी क्षेत्र में डॉक्टरों व शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठा
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Wed, 01 Apr 2026 02:23 AM IST
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आरबीए लाभार्थियों की 10 साल की सेवा पिछड़े इलाकों में देने के प्रस्ताव का डॉ. रामेश्वर ने किया समर्थन
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। विधानसभा में मंगलवार को विधायक डॉ. रामेश्वर सिंह ने पहाड़ी क्षेत्र बनी में डॉक्टरों और शिक्षकों की कमी के मुद्दा जोर-शोर से उठाया। उन्होंने सदन को बताया कि उपजिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्कूलों और हायर सेकेंडरी में शिक्षकों की कमी के चलते स्थानीय लोगों को परेशानियों को प्रमुखता से उजागर किया।
नजीर अहमद खान गुरेजी द्वारा लाया गया बिल के समर्थन में बोलते हुए डॉ. रामेश्वर ने कहा कि वर्तमान में उपजिला अस्पताल में एक भी विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं है। सरकार द्वारा स्थापित पीएससी में एक भी चिकित्सक की तैनाती नहीं है। फार्मासिस्ट पीएचसी चला रहे है और सामान्य एमबीबीएस डॉक्टर उपजिला अस्पताल में विशेषज्ञों की जगह डयूटी देने को मजबूर हो रहे है। डॉ. रामेश्वर में कहा कि हालात इतने गंभीर है कि स्वास्थ्य मंत्री के आदेश पर एक स्त्री रोग विशेषज्ञ उपजिला अस्पताल को नहीं मिला। कुछ महीने पहले स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक स्त्री रोग विशेषज्ञ का तबादला उपजिला अस्पताल बनी में किया गया, लेकिन डॉक्टर ने कोर्ट से स्टे ले लिया और अभी तक अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ की पद रिक्त पड़ा हुआ है। लगभग यही हाल सरकारी स्कूलों का है, जहां हाई स्कूल में 150 से अधिक विद्यार्थी है और वहां पढ़ाने वाले शिक्षक सिर्फ तीन उपलब्ध है। उन्होंने सदन को बताया कि रूरल बैकवर्ड एरिया (आरबीए) के लाभार्थी- जिन्होंने इस कोटे से सरकारी नौकरी हासिल की है, वे भी पिछड़े इलाकों में सेवाएं नहीं दे रहे है। नौकरी मिलते ही विभिन्न कोटा के तहत लाभार्थी अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए शहर में चले जाते है और गरीबों को न तो अस्पतालों में डॉक्टर मिलते है और न स्कूलों में शिक्षक मिल रहे हैं। डॉ. रामेश्वर ने सरकार से आरबीए के तहत लाभार्थियों को पिछड़े इलाकों में कम से कम 10 साल सेवाएं देना का समर्थन किया। वहीं खुली योग्यताएं के आधार पर नौकरी प्राप्त करने वाले लोगों को भी कम से कम 2 साल पहाड़ी और दूरदराज क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में सेवाओं की निरंतरता बनी रहे। केवल नियुक्ति करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि कर्मचारी वहां लंबे समय तक कार्य करें। इसके अलावा उन्होंने विधानसभा में उठे इस मुद्दे पर सरकार से मांग की कि खाली पदों को जल्द भरा जाए और बनी सहित अन्य पिछड़े क्षेत्रों में स्वास्थ्य व शिक्षा सेवाओं को मजबूत करने के लिए विशेष योजना बनाई जाए।
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कठुआ। विधानसभा में मंगलवार को विधायक डॉ. रामेश्वर सिंह ने पहाड़ी क्षेत्र बनी में डॉक्टरों और शिक्षकों की कमी के मुद्दा जोर-शोर से उठाया। उन्होंने सदन को बताया कि उपजिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्कूलों और हायर सेकेंडरी में शिक्षकों की कमी के चलते स्थानीय लोगों को परेशानियों को प्रमुखता से उजागर किया।
नजीर अहमद खान गुरेजी द्वारा लाया गया बिल के समर्थन में बोलते हुए डॉ. रामेश्वर ने कहा कि वर्तमान में उपजिला अस्पताल में एक भी विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं है। सरकार द्वारा स्थापित पीएससी में एक भी चिकित्सक की तैनाती नहीं है। फार्मासिस्ट पीएचसी चला रहे है और सामान्य एमबीबीएस डॉक्टर उपजिला अस्पताल में विशेषज्ञों की जगह डयूटी देने को मजबूर हो रहे है। डॉ. रामेश्वर में कहा कि हालात इतने गंभीर है कि स्वास्थ्य मंत्री के आदेश पर एक स्त्री रोग विशेषज्ञ उपजिला अस्पताल को नहीं मिला। कुछ महीने पहले स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक स्त्री रोग विशेषज्ञ का तबादला उपजिला अस्पताल बनी में किया गया, लेकिन डॉक्टर ने कोर्ट से स्टे ले लिया और अभी तक अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ की पद रिक्त पड़ा हुआ है। लगभग यही हाल सरकारी स्कूलों का है, जहां हाई स्कूल में 150 से अधिक विद्यार्थी है और वहां पढ़ाने वाले शिक्षक सिर्फ तीन उपलब्ध है। उन्होंने सदन को बताया कि रूरल बैकवर्ड एरिया (आरबीए) के लाभार्थी- जिन्होंने इस कोटे से सरकारी नौकरी हासिल की है, वे भी पिछड़े इलाकों में सेवाएं नहीं दे रहे है। नौकरी मिलते ही विभिन्न कोटा के तहत लाभार्थी अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए शहर में चले जाते है और गरीबों को न तो अस्पतालों में डॉक्टर मिलते है और न स्कूलों में शिक्षक मिल रहे हैं। डॉ. रामेश्वर ने सरकार से आरबीए के तहत लाभार्थियों को पिछड़े इलाकों में कम से कम 10 साल सेवाएं देना का समर्थन किया। वहीं खुली योग्यताएं के आधार पर नौकरी प्राप्त करने वाले लोगों को भी कम से कम 2 साल पहाड़ी और दूरदराज क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देनी चाहिए।
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उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में सेवाओं की निरंतरता बनी रहे। केवल नियुक्ति करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि कर्मचारी वहां लंबे समय तक कार्य करें। इसके अलावा उन्होंने विधानसभा में उठे इस मुद्दे पर सरकार से मांग की कि खाली पदों को जल्द भरा जाए और बनी सहित अन्य पिछड़े क्षेत्रों में स्वास्थ्य व शिक्षा सेवाओं को मजबूत करने के लिए विशेष योजना बनाई जाए।