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Kathua News: कनिष्का, प्राची और पलक को मिली नीट में कामयाबी

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Kanishka, Prachi, and Palak succeed in NEET.
संवाद न्यूज एजेंसी
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मीरां साहिब। कनिष्का ऋषि व प्राची पकाया के नीट पास करने पर मीरां साहिब के अधीन गांव कृष्णा नगर कश्मीर बस्ती व गांव तूतड़े में खुशी का माहौल है। दोनों बच्चियों ने परीक्षा में सफलता पाकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। कनिष्का ऋषि माता गिरजा सप्रू ने कहा कि बेटी की और परीक्षा पास करने उसकी कड़ी मेहनत का फल है।
कनिष्का ऋषि ने अपनी सफलता के लिए परिजनों व स्कूल के शिक्षकों को इसका श्रेय दिया। कामयाबी आपके पक्के इरादे का सबूत है और मेडिकल प्रोफेशन में एक शानदार और सफल सफर की शुरुआत बताया।
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वही गांव तूतडे़ की प्राची पकाया ने कहा कि पहले नीट की परीक्षा रद्द होने पर तैयारी करनी पड़ी। जिस प्रकार तैयारियां कर रही थी उसी तरह परीक्षा देने पर विश्वास था कि वह परीक्षा पास कर लेगी। प्राची पकाया के पिता प्रदीप कुमार ने कहा कि बेटी कड़ी मेहनत से नीट में सफल हो पाई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में सुविधाएं नहीं होने पर बच्चों को जरूर दिक्कत आती है पर जब कोई ठान ले उसे सफलता अवश्य मिलती है। प्राची की सफलता पर गांव व सगे संबंधी बधाई देने पहुंच रहे हैं। समाज सेवक ओम प्रकाश खजूरिया ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं अगर वे कड़ी मेहनत करें तो हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं।
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मंडल गांव की पलक ने बिना कोचिंग पास की नीट
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरमंडल। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत में कमी न हो तो सफलता जरूर मिलती है। इसका जीता-जागता उदाहरण पुरमंडल क्षेत्र के मंडल गांव की बेटी पलक मांडला ने पेश किया है। पलक ने बिना किसी कोचिंग के राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) उत्तीर्ण कर डॉक्टर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। उसकी इस उपलब्धि से पूरे गांव और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
पलक वर्तमान में सरकारी डिग्री कॉलेज गांधी नगर, जम्मू में बीएससी फाइनल ईयर की छात्रा है। वह प्रतिदिन करीब 60 किलोमीटर का सफर तय कर कॉलेज पहुंचती है। आने-जाने में लगभग चार घंटे का समय लगने के बावजूद उसने अपनी नियमित पढ़ाई के साथ-साथ नीट की तैयारी जारी रखी और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की।

पलक ने बताया कि उसने नीट परीक्षा की तैयारी के लिए किसी भी प्रकार की कोचिंग का सहारा नहीं लिया। उसने स्वयं अध्ययन, नियमित अभ्यास और समय का सही प्रबंधन करते हुए बीएससी की पढ़ाई के साथ ही नीट की तैयारी की। कठिन मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर उसने यह मुकाम हासिल किया। पलक के पिता लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (पीएचई) विभाग में डेली वेजर कर्मचारी हैं। आर्थिक स्थिति सामान्य होने के बावजूद उन्होंने बेटी की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी।
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