सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   Waste from the municipal bodies of Hiranagar, Parole, Lakhanpur, and Kathua will be processed at a single location.

Kathua News: एक ही जगह निस्तारित होगा हीरानगर, परोल, लखनपुर और कठुआ निकायों का कचरा

विज्ञापन
Waste from the municipal bodies of Hiranagar, Parole, Lakhanpur, and Kathua will be processed at a single location.
विज्ञापन
267 करोड़ की लागत से शुरू होगा 41 टन प्रतिदिन क्षमता वाला इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट

पीपीपी मोड पर 20 साल तक चलेगा

साहिल खजूरिया
कठुआ। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत अब कठुआ जिले के चार निकाय के कचरे का एकत्रीकरण और प्रबंधन एक ही जगह होने जा रहा है। इसमें कठुआ, लखनपुर, परोल और हीरानगर निकायों को शामिल किया गया है। 20 साल के लिए प्रस्तावित इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट की लागत 267 करोड़ रुपये है।
बेड़ियां पत्तन में नगर परिषद की ओर से चल रही सॉलिड वेस्ट प्रबंधन योजना के पास ही इस इंट्रीग्रेटेड परियोजना का काम होगा। 50 कनाल जमीन पर इस परियोजना के तहत कठुआ नगर परिषद के 21 वार्ड से निकलने वाले कचरे के अलावा हीरानगर, लखनपुर और परोल निकाय के कचरे को भी यहीं निस्तारित किया जाएगा। इस परियोजना के तहत प्रतिदिन 41 टन कचरे का प्रबंधन एक ही जगह पर सुनिश्चित किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन की ओर से फिलहाल इसके लिए एजेंसी तलाशने का काम शुरू कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना की स्थापना, संचालन और रखरखाव एक ही एजेंसी की ओर से किए जाने का प्रावधान है। यह परियोजना डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट और ट्रांसफर आधार पर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड में लागू की जाएगी। एजेंसी को नगर निगम ठोस अपशिष्ट का संग्रहण, परिवहन, पृथक्करण, प्रसंस्करण, पुनर्चक्रण और वैज्ञानिक निपटान करना होगा। इसके साथ ही नालियों की सफाई, सड़क झाड़ू लगाना, जलाशयों की सफाई के अलावा निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन भी शामिल है।
विज्ञापन

एजेंसी को पर्यावरणीय मानकों, सॉलिड वेस्ट प्रबंधन नियमों और एनजीटी के दिशा-निर्देशों का पालन भी सुनिश्चित करना होगा। यदि चयनित एजेंसी सेवा स्तर मानकों का पालन नहीं करती या कार्य में लापरवाही बरतती है तो उस पर लिक्विडेटेड डैमेज (जुर्माना) लगाया जाएगा। यह प्रावधान परियोजना की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।


हीरानगर और लखनपुर में नहीं थी कचरा प्रबंधन परियोजना के लिए जगह

कठुआ में डोर टू डोर कचरा प्रबंधन योजना कई बार शुरू किए जाने के बाद भी यह सफल नहीं हो पाई। वहीं, नगर परिषद के 21 वार्ड सफाई कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहे हैं। कायदे से लगभग 400 सफाई कर्मचारियों की जरूरत है लेकिन इसके 30 प्रतिशत भी उपलब्ध नहीं हैं। स्थाई कर्मी और भी कम हैं। ऐसे में शहर की सफाई व्यवस्था नियमित और व्यवस्थित रूप से करना नगर परिषद के लिए भी चुनौती बना हुआ है। यही नहीं, हीरानगर और लखनपुर निकाय से कचरा प्रबंधन और भी मुसीबत से भरा था। यहां कचरा निस्तारण के लिए कोई साइट ही उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में कचरा प्रबंधन योजना भी सिरे नहीं चढ़ पा रही थी। इस योजना के तहत इन सभी निकायों का कचरा कठुआ स्थित परियोजना परिसर में लाया जाएगा और यहीं इसका निस्तारण किया जाएगा। (संवाद)


वर्जन

स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत एकीकृत कचरा प्रबंधन योजना को लेकर निविदा प्रक्रिया शुरू हुई है। इससे कठुआ शहर के साथ साथ हीरानगर, परोल और लखनपुर निकाय के कचरे का वैज्ञानिक तरीके से और एक जगह पर प्रबंधन बेहतर तरीके से संभव हो सकेगा। - अमित शर्मा, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद कठुआ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed