Poonch: नागालैंड में आईईडी विस्फोट में पुंछ का वीर सपूत बलिदान, गांव में पसरा मातम
नागालैंड के चुमौकेदिमा जिले में ड्यूटी के दौरान हुए संदिग्ध आईईडी विस्फोट में पुंछ के कल्लर मोड़ा गांव निवासी असम राइफल्स के हवलदार मोहम्मद इकबाल बलिदान हो गए।
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नगालैंड के चुमौकेदिमा जिले में सोमवार दोपहर हुए संदिग्ध आईईडी विस्फोट में जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के रहने वाले असम राइफल्स के हवलदार मोहम्मद इकबाल बलिदान हो गए, जबकि चार अन्य जवान घायल हो गए। घायलों में एक जवान की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार, असम राइफल्स का एक काफिला सोखुवी क्षेत्र से दीमापुर लौट रहा था। इसी दौरान चुमौकेदिमा जिले के सोखुवी गांव के पास अचानक विस्फोट हुआ, जिसकी चपेट में काफिले के वाहन आ गए। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि हमला आईईडी के जरिए किया गया। कोहिमा में रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि विस्फोट में 28 असम राइफल्स के हवलदार मोहम्मद इकबाल बलिदान हो गए। वह वर्तमान में असम राइफल्स ट्रेनिंग सेंटर एंड स्कूल (एआरटीसी एंड एस), शोक्हुवी, नागालैंड में तैनात थे। उन्होंने बताया कि विस्फोट में चार अन्य जवान घायल हुए हैं, जिनमें एक की हालत गंभीर बनी हुई है।
चुमौकेदिमा के पुलिस उपायुक्त निको वेन्यू ने भी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। विस्फोट की प्रकृति और उसमें इस्तेमाल किए गए उपकरण का पता लगाने के लिए बम निरोधक दस्ते को मौके पर भेजा गया है। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि हमला सुरक्षाबलों के काफिले को निशाना बनाकर पूर्व नियोजित तरीके से किया गया था या नहीं। अभी तक किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है और न ही किसी उग्रवादी संगठन की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि हुई है।
बॉक्स 23 वर्षों तक निभाया देश सेवा का दायित्व हवलदार मोहम्मद इकबाल का जन्म तीन अगस्त 1981 को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में हुआ था। उन्होंने पांच अप्रैल 2003 को असम राइफल्स में भर्ती होकर देश सेवा का दायित्व संभाला था और करीब 23 वर्षों तक विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दीं। 13 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 2:30 बजे चुमौकेदिमा क्षेत्र में हुए आईईडी विस्फोट में उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया। वह अपने पीछे पत्नी नसीम अख्तर सहित परिवार के अन्य सदस्यों को छोड़ गए हैं।
हवलदार मोहम्मद इकबाल का पैतृक गांव जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले का कल्लार मोहड़ा है। उनका पूरा पता गांव कल्लार मोहड़ा,, डाकघर भाटा धोरीना, थाना मेंढर, जिला पुंछ, जम्मू-कश्मीर में रहता है।
पूर्वोत्तर में बढ़ी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह मणिपुर के उखरूल जिले में भी असम राइफल्स की एक गश्ती टीम पर संदिग्ध उग्रवादियों ने हमला किया था, जिसमें दो जवान बलिदान हो गए थे। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने पूर्वोत्तर में सुरक्षा बलों की चिंता बढ़ा दी है।