फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Poonch News ›   jammu kashmir news

झांगड दिवस : भवानी गांव से निकाली गई तिरंगा पदयात्रा

विज्ञापन
jammu kashmir news
श्रोत संवाद फोटो :- झांगड दिवस पर जिला प्रशासन राजौरी ने तिरंगा पद यात्रा निकाली
धूमधाम से हुआ आयोजन, गूंजा वंदे मातरम गीत, भारतीय सेना जिंदाबाद का हुआ जयघोष, लोगों ने ब्रिगेडियर उस्मान को दी श्रद्धांजलि
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी
नौशेरा। क्षेत्र में शुक्रवार को झांगड दिवस धूमधाम से मनाया गया। जिला प्रशासन की ओर से भवानी गांव से तिरंगा पदयात्रा निकाली गई। इसे जिला आयुक्त राजोरी अभिषेक शर्मा ने हरी झंडी देकर रवाना किया। जिला व उपजिला के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ स्कूली बच्चों, युवाओं और पुलिस के जवानों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दौरान वंदे मातरम गीत की गूंज सुनाई दी। इस दौरान ब्रिगेडियर उस्मान को श्रद्धांजलि दी गई
महावीर चक्र विजेता व नौशेरा के शेर के नाम से मशहूर ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान 1947-48 में भारत-पाक युद्ध के दौरान झांगड़ की लड़ाई लड़ते हुए बलिदान हो गए थे। उनकी याद में आयोजित कार्यक्रम में कमांडर 80 इंफ्रेंट्री ब्रिगेड, जिला आयुक्त राजोरी अभिषेक शर्मा, अतिरिक्त जिला आयुक्त नौशेरा डॉ. प्रीतम लाल थापा, एडीशनल एसपी बलजीत सिंह, एसडीपीओ साहिल महाजन सिविल प्रशासन के अधिकारी समेत अन्य मौजूद रहे। इस मौके पर बच्चों ने देशभक्ति गीत गाए। वहीं, 10वीं और 12वीं में अच्छे अंक लेने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
विज्ञापन

वहीं, ब्रिगेडियर उस्मान क्रिकेट प्रतियोगिता 2026 के विजेताओं को भी नकद राशि और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। इलाके के सभी स्कूलों में स्टेशनरी सामान बांटा गया। जिला आयुक्त राजोरी अभिषेक शर्मा ने बताया कि आज झांगड दिवस पर तिरंगा पदयात्रा में समाज के सभी वर्गों ने भाग लिया। इसमें भारतीय सेना का विशेष योगदान रहा। देश का सहयोग युवा तभी कर पाएगा, जब वह नशे से दूर रहेगा। देश की खातिर प्राण देने वाले ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन


नौशेरा के शेर की दी गई थी उपाधि
वर्ष 1947-48 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान अदम्य साहस और बहादुरी के लिए ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान को नौशेरा के शेर की उपाधि दी गई थी। इस युद्ध में पाकिस्तानी कव्वालियों और सैनिकों ने एक साथ कश्मीर पर हमला किया। ब्रिगेडियर उस्मान 50 पैरा ब्रिगेड का नेतृत्व कर रहे थे। उन्होंने कसम खाई थी कि झांगड को दुश्मनों के कब्जे से छुड़ाकर रहेंगे। वर्ष 1947-48 के युद्ध के दौरान पाकिस्तानी कव्वालियों से लोहा लेते हुए ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान बलिदान हो गए। मरणोपरांत ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान को महावीर चक्र से सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed