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Poonch News: काकू दे कोठे में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा बांध के आड़े फिर आए ग्रामीण
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जेसीबी के आगे से ग्रामीणों को हटाते सुरक्षा बल स्रोत सोशल मीडिया
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जेसीबी के आगे बैठकर खोदाई का काम रुकवाया, तहसीलदार के दखल पर हुए शांत
डीएसपी ने कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की, कहा- कार्य में बाधा ठीक नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा बांध के निर्माण को लेकर सीमावर्ती गांव काकू दे कोठे के ग्रामीण वीरवार को फिर पुलिस के सामने आ गए। जेसीबी के आगे कई ग्रामीणों के बैठ जाने और प्रदर्शन करने से खोदाई रोकनी पड़ी। इस दाैरान कहासुनी भी हुई। मामला बढ़ते देख तहसीलदार ने दखल दिया। इसके बाद मामला शांत हुआ। अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बीएसएफ सुरक्षा बांध बना रही है। ये केंद्र सरकार परियोजना है।
ग्रामीणों के प्रदर्शन को देखते हुए अरनिया थाना प्रभारी डीएसपी कैसर मीर माैके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि ये सुरक्षा बांध आपकी ही सुरक्षा के लिए है। इसके निर्माण में रुकावट डालना ठीक नहीं। उन्होंने ग्रामीणों से पूछा कि विरोध कर आखिर वे क्या दिखाना चाहते हैं। डीएसपी ने ग्रामीणों को बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार ये सुरक्षा बांध बनाया जा रहा है। गृह मंत्रालय की तरफ से साफ निर्देश हैं कि विरोध करने वाले लोगों को चिह्नित किया जाए और पीएसए के तहत कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बांध के निर्माण कार्य को बाधित करना पाकिस्तान की हिमायत करने जैसा है।
थाना प्रभारी के समझाने पर शांत रहने के बजाय बिफर गए और बहस शुरू हो गई। ग्रामीणों ने कहा कि चाहे समस्त गांव पर पीएसए लगा दिया जाए परंतु मुआवजा न मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। ग्रामीणों का दावा है कि सरकार ने सुरक्षा बांध के अंतर्गत आने वाली जमीन का मुआवजा नहीं दिया है। ऐसे में वे किसी भी हाल में निर्माण कार्य नहीं होने देंगे।
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ग्रामीण सुरक्षाबलों के साथ : पूर्व सरपंच
पूर्व सरपंच बलबीर कौर ने कहा कि वे सुरक्षाबलों के साथ हैं। समस्त ग्रामीण पक्के देशभक्त हैं लेकिन ग्रामीणों को गलत तरीके से विरोधी बताया जा रहा है। सुरक्षा बांध से प्रभावित भूमि का मुआवजा देना सरकार की जिम्मेदारी है और मुआवजा दिए बिना कोई निर्माण कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के हिमायती दिखाकर ग्रामीणों को बदनाम किया जा रहा है।
कल मंडलायुक्त के सामने रखेंगे बात
बलबीर कौर ने कहा कि मंडलायुक्त दफ्तर से फोन आने के बाद धरना प्रदर्शन हटाया गया है। शनिवार को मंडलायुक्त ने क्षेत्र का दौरा करने का आश्वासन दिया है। उस दौरान उनके समक्ष सारी बात रखी जाएगी। स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि प्रशासन वार्ता के लिए बैठता है तो समस्या का समाधान संभव है। प्रशासन की ओर से अभी तक मुआवजे और आगे की कार्रवाई को लेकर कोई ठोस घोषणा नहीं की गई है।
डीएसपी ने कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की, कहा- कार्य में बाधा ठीक नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा बांध के निर्माण को लेकर सीमावर्ती गांव काकू दे कोठे के ग्रामीण वीरवार को फिर पुलिस के सामने आ गए। जेसीबी के आगे कई ग्रामीणों के बैठ जाने और प्रदर्शन करने से खोदाई रोकनी पड़ी। इस दाैरान कहासुनी भी हुई। मामला बढ़ते देख तहसीलदार ने दखल दिया। इसके बाद मामला शांत हुआ। अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बीएसएफ सुरक्षा बांध बना रही है। ये केंद्र सरकार परियोजना है।
ग्रामीणों के प्रदर्शन को देखते हुए अरनिया थाना प्रभारी डीएसपी कैसर मीर माैके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि ये सुरक्षा बांध आपकी ही सुरक्षा के लिए है। इसके निर्माण में रुकावट डालना ठीक नहीं। उन्होंने ग्रामीणों से पूछा कि विरोध कर आखिर वे क्या दिखाना चाहते हैं। डीएसपी ने ग्रामीणों को बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार ये सुरक्षा बांध बनाया जा रहा है। गृह मंत्रालय की तरफ से साफ निर्देश हैं कि विरोध करने वाले लोगों को चिह्नित किया जाए और पीएसए के तहत कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बांध के निर्माण कार्य को बाधित करना पाकिस्तान की हिमायत करने जैसा है।
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थाना प्रभारी के समझाने पर शांत रहने के बजाय बिफर गए और बहस शुरू हो गई। ग्रामीणों ने कहा कि चाहे समस्त गांव पर पीएसए लगा दिया जाए परंतु मुआवजा न मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। ग्रामीणों का दावा है कि सरकार ने सुरक्षा बांध के अंतर्गत आने वाली जमीन का मुआवजा नहीं दिया है। ऐसे में वे किसी भी हाल में निर्माण कार्य नहीं होने देंगे।
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पूर्व सरपंच बलबीर कौर ने कहा कि वे सुरक्षाबलों के साथ हैं। समस्त ग्रामीण पक्के देशभक्त हैं लेकिन ग्रामीणों को गलत तरीके से विरोधी बताया जा रहा है। सुरक्षा बांध से प्रभावित भूमि का मुआवजा देना सरकार की जिम्मेदारी है और मुआवजा दिए बिना कोई निर्माण कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के हिमायती दिखाकर ग्रामीणों को बदनाम किया जा रहा है।
कल मंडलायुक्त के सामने रखेंगे बात
बलबीर कौर ने कहा कि मंडलायुक्त दफ्तर से फोन आने के बाद धरना प्रदर्शन हटाया गया है। शनिवार को मंडलायुक्त ने क्षेत्र का दौरा करने का आश्वासन दिया है। उस दौरान उनके समक्ष सारी बात रखी जाएगी। स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि प्रशासन वार्ता के लिए बैठता है तो समस्या का समाधान संभव है। प्रशासन की ओर से अभी तक मुआवजे और आगे की कार्रवाई को लेकर कोई ठोस घोषणा नहीं की गई है।