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Rajouri News: मोगला में दूषित पानी पीने से एक ही मोहल्ले के पांच लोग बीमार
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बावली से शुरू होने वाली ग्रेविटी स्कीम का पानी पीने से हुए बीमार
जीएमसी राजोेरी में पांचों मरीजों को उपचार के लिए कराया भर्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। जिले के मोगला क्षेत्र के करनसली मोहल्ला जंगरैल ईस्ट के गांव मोगला में ग्रेविटी वाटर सप्लाई योजना के पानी को लेकर स्वास्थ्य संबंधी चिंता सामने आई है। स्थानीय स्तर पर पहले से साझा की गई जानकारी के अनुसार मोहल्ले में एक छोटी बावली से शुरू होने वाली ग्रेविटी स्कीम का पानी पीने के बाद एक ही इलाके के कुछ लोगों के बीमार पड़ने की सूचना है।
वीरवार को एक ही मोहल्ले के चार मरीजों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) मोगला में भर्ती कराया गया, जिनमें उल्टी और दस्त की शिकायतें थीं। मरीजों में खलीक हुसैन (28), काली बेगम (60), शाह बानो (50) और गुलजार बेगम (55) सभी लेध, मोगला, जंगरैल, वार्ड नंबर सात के निवासी हैं।
इन मरीजों में उल्टी और दस्त के लक्षण बुधवार और वीरवार की मध्यरात्रि को शुरू हुए। मरीजों ने रात के भोजन में मिश्रित दाल और चावल खाने तथा ग्रेविटी सप्लाई का पानी पीने की जानकारी दी। उन्हें सुबह पीएचसी लाया गया। चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच के बाद संदिग्ध फूड पॉइजनिंग, एक्यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस (तीव्र आंत्रशोथ) की कार्यकारी जांच बताई। इसी दौरान मुश्ताक हुसैन (60) निवासी लेध, मोगला को भी दोपहर में पीएचसी में भर्ती कराया गया। उन्हें गले मुंह के अंदर दर्द तथा पेशाब करते समय जलन की शिकायत थी। प्रारंभिक जांच और उपचार के बाद सभी मरीजों को सरकारी मेडिकल कॉलेज राजोेरी रेफर कर दिया गया।
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पानी की जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट
स्थानीय लोगों के अनुसार, एक ही क्षेत्र में कई लोगों के एक साथ बीमार पड़ने से पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि, बीमारी का वास्तविक कारण चिकित्सकीय जांच और आवश्यक पानी/खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। संबंधित विभागों ने पेयजल स्रोत की गुणवत्ता की जांच, पानी के नमूने लेने तथा लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
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जीएमसी राजोेरी में पांचों मरीजों को उपचार के लिए कराया भर्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। जिले के मोगला क्षेत्र के करनसली मोहल्ला जंगरैल ईस्ट के गांव मोगला में ग्रेविटी वाटर सप्लाई योजना के पानी को लेकर स्वास्थ्य संबंधी चिंता सामने आई है। स्थानीय स्तर पर पहले से साझा की गई जानकारी के अनुसार मोहल्ले में एक छोटी बावली से शुरू होने वाली ग्रेविटी स्कीम का पानी पीने के बाद एक ही इलाके के कुछ लोगों के बीमार पड़ने की सूचना है।
वीरवार को एक ही मोहल्ले के चार मरीजों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) मोगला में भर्ती कराया गया, जिनमें उल्टी और दस्त की शिकायतें थीं। मरीजों में खलीक हुसैन (28), काली बेगम (60), शाह बानो (50) और गुलजार बेगम (55) सभी लेध, मोगला, जंगरैल, वार्ड नंबर सात के निवासी हैं।
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इन मरीजों में उल्टी और दस्त के लक्षण बुधवार और वीरवार की मध्यरात्रि को शुरू हुए। मरीजों ने रात के भोजन में मिश्रित दाल और चावल खाने तथा ग्रेविटी सप्लाई का पानी पीने की जानकारी दी। उन्हें सुबह पीएचसी लाया गया। चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच के बाद संदिग्ध फूड पॉइजनिंग, एक्यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस (तीव्र आंत्रशोथ) की कार्यकारी जांच बताई। इसी दौरान मुश्ताक हुसैन (60) निवासी लेध, मोगला को भी दोपहर में पीएचसी में भर्ती कराया गया। उन्हें गले मुंह के अंदर दर्द तथा पेशाब करते समय जलन की शिकायत थी। प्रारंभिक जांच और उपचार के बाद सभी मरीजों को सरकारी मेडिकल कॉलेज राजोेरी रेफर कर दिया गया।
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पानी की जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट
स्थानीय लोगों के अनुसार, एक ही क्षेत्र में कई लोगों के एक साथ बीमार पड़ने से पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि, बीमारी का वास्तविक कारण चिकित्सकीय जांच और आवश्यक पानी/खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। संबंधित विभागों ने पेयजल स्रोत की गुणवत्ता की जांच, पानी के नमूने लेने तथा लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया है।