{"_id":"698a4717f5ced730b5006559","slug":"jammu-kashmir-news-rajouri-news-c-272-1-raj1001-106526-2026-02-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajouri News: राजोेरी में डेलीवेजर कासुअल कर्मियों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajouri News: राजोेरी में डेलीवेजर कासुअल कर्मियों ने किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
Updated Tue, 10 Feb 2026 02:14 AM IST
विज्ञापन
राजोेरी में डेली वेजर कासुअल कर्मियों ने किया विरोध प्रदर्शन, न्यूनतम मजदूरी कानून लागू करने की
विज्ञापन
न्यूनतम मजदूरी कानून लागू करने की मांग
राजोरी। जिले में सोमवार को डेलीवेजर कासुअल कर्मियों ने न्यूनतम मजदूरी कानून लागू करने, अपनी सेवाओं को रेगुलर करने और लंबे समय से लंबित शिकायतों को दूर करने के लिए सरकार से तुरंत दखल देने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे कई सालों से अलग-अलग विभागों में दिहाड़ी पर काम कर रहे हैं लेकिन उन्हें बिना नौकरी की सुरक्षा या कानूनी सुरक्षा के बहुत कम मजदूरी मिलती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार सरकार को अपनी बात बताने और आश्वासन मिलने के बावजूद उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया है। उन्होंने हाल ही में पेश किए गए जम्मू-कश्मीर सरकार के बजट पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि इस बार उनको फिर से नजर अंदाज किया गया है।
उन्होंने कहा कि बजट सत्र सरकार को हजारों दिहाड़ी मजदूरों के पक्ष में ठोस नीतिगत फैसले लेने का मौका देता है जो अभी भी आर्थिक अनिश्चितता में जी रहे हैं लेकिन सरकार को उनकी कोई चिंता ही नहीं है। दिहाड़ी मजदूरों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर चर्चा नहीं हुई और उन्हें हल नहीं किया गया तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे। उन्होंने घोषणा की कि अगर कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अपने अधिकारों के लिए जम्मू सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करेंगे।
Trending Videos
राजोरी। जिले में सोमवार को डेलीवेजर कासुअल कर्मियों ने न्यूनतम मजदूरी कानून लागू करने, अपनी सेवाओं को रेगुलर करने और लंबे समय से लंबित शिकायतों को दूर करने के लिए सरकार से तुरंत दखल देने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे कई सालों से अलग-अलग विभागों में दिहाड़ी पर काम कर रहे हैं लेकिन उन्हें बिना नौकरी की सुरक्षा या कानूनी सुरक्षा के बहुत कम मजदूरी मिलती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार सरकार को अपनी बात बताने और आश्वासन मिलने के बावजूद उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया है। उन्होंने हाल ही में पेश किए गए जम्मू-कश्मीर सरकार के बजट पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि इस बार उनको फिर से नजर अंदाज किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि बजट सत्र सरकार को हजारों दिहाड़ी मजदूरों के पक्ष में ठोस नीतिगत फैसले लेने का मौका देता है जो अभी भी आर्थिक अनिश्चितता में जी रहे हैं लेकिन सरकार को उनकी कोई चिंता ही नहीं है। दिहाड़ी मजदूरों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर चर्चा नहीं हुई और उन्हें हल नहीं किया गया तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे। उन्होंने घोषणा की कि अगर कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अपने अधिकारों के लिए जम्मू सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करेंगे।