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Rajouri News: राजोरी की आजादी में बलिदान देने वाले वीरों के साथ नागरिकों को दी श्रद्धांजलि
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शहीदों को सालाम करते सैन्य अधिकारी।
- फोटो : rajori news
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राजोरी। एस ऑफ स्पेड्स डिवीजन ने राजोरी दिवस धूमधाम के साथ मनाया। इस अवसर पर 1947–48 में राजोरी की ऐतिहासिक आजादी के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों और नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह दिन साहस, एकता और अटूट देशभक्ति का प्रतीक बना।
कार्यक्रम की शुरुआत नव-निर्मित गुज्जर मंडी चौक पर पुष्पांजलि समारोह के साथ हुई। यहां वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। विशेष रूप से ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान और लेफ्टिनेंट राम राघोबा राणे जैसे महान योद्धाओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने 13 अप्रैल 1948 को राजोरी की मुक्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस कार्यक्रम में भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, बीएसएफ, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, सिविल प्रशासन और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में पाइप बैंड की प्रस्तुति, आर्मी डॉग यूनिट द्वारा सलामी, वैली व्यू आर्मी पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा सेना के जवानों द्वारा शानदार मल्लखंभ प्रदर्शन शामिल रहा। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित एक विशेष ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति के माध्यम से देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों को श्रद्धांजलि दी गई।
फिटनेस और सामुदायिक एकता को बढ़ावा देने के लिए वॉलीबॉल टूर्नामेंट, राजोरी मैराथन और अन्य दौड़ प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। “राजोरी गॉट टैलेंट” और “शान-ए-पीर पंजाल” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं और विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर ‘डिजिटल भारत दर्शन’ पहल की घोषणा भी की गई।
इसका उद्देश्य शैक्षणिक पहुंच को बढ़ाना है। साथ ही दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए टेलीमेडिसिन सेवाओं को भी जारी रखा गया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रदर्शनी, स्थानीय हस्तशिल्प, खान-पान स्टॉल और सेना के उपकरणों की प्रदर्शनी ने विशेष आकर्षण का केंद्र बनाया। यह आयोजन एकता, राष्ट्रीय एकीकरण और निरंतर प्रगति के प्रति साझा प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ करता है। इस अवसर पर सेना की ऐस ऑफ़ स्पेड्स डिवीज़न के जीओसी मेजर जनरल कौशिक मुखर्जी, डीआईजी पुलिस संदीप वज़ीर, डीसी राजोरी अभिषेक शर्मा, एसएसपी राजोरी गौरव सीवरकर समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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कार्यक्रम की शुरुआत नव-निर्मित गुज्जर मंडी चौक पर पुष्पांजलि समारोह के साथ हुई। यहां वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। विशेष रूप से ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान और लेफ्टिनेंट राम राघोबा राणे जैसे महान योद्धाओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने 13 अप्रैल 1948 को राजोरी की मुक्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस कार्यक्रम में भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, बीएसएफ, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, सिविल प्रशासन और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में पाइप बैंड की प्रस्तुति, आर्मी डॉग यूनिट द्वारा सलामी, वैली व्यू आर्मी पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा सेना के जवानों द्वारा शानदार मल्लखंभ प्रदर्शन शामिल रहा। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित एक विशेष ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति के माध्यम से देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों को श्रद्धांजलि दी गई।
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फिटनेस और सामुदायिक एकता को बढ़ावा देने के लिए वॉलीबॉल टूर्नामेंट, राजोरी मैराथन और अन्य दौड़ प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। “राजोरी गॉट टैलेंट” और “शान-ए-पीर पंजाल” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं और विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर ‘डिजिटल भारत दर्शन’ पहल की घोषणा भी की गई।
इसका उद्देश्य शैक्षणिक पहुंच को बढ़ाना है। साथ ही दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए टेलीमेडिसिन सेवाओं को भी जारी रखा गया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रदर्शनी, स्थानीय हस्तशिल्प, खान-पान स्टॉल और सेना के उपकरणों की प्रदर्शनी ने विशेष आकर्षण का केंद्र बनाया। यह आयोजन एकता, राष्ट्रीय एकीकरण और निरंतर प्रगति के प्रति साझा प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ करता है। इस अवसर पर सेना की ऐस ऑफ़ स्पेड्स डिवीज़न के जीओसी मेजर जनरल कौशिक मुखर्जी, डीआईजी पुलिस संदीप वज़ीर, डीसी राजोरी अभिषेक शर्मा, एसएसपी राजोरी गौरव सीवरकर समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
