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Rajouri News: राजोेरी के सीमांत गांवों में विकास को मिली नई रफ्तार
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छप्परधारा में विकास कार्यों की समीक्षा के लिए कमिश्नर सेक्रेटरी का दौरा
वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम के तहत सड़क, बिजली, इंटरनेट और पर्यटन सुविधाओं पर विशेष जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोेरी। सीमांत और दूरदराज गांवों के समग्र विकास के उद्देश्य से चलाए जा रहे वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम के तहत राजोेरी जिले के ब्लॉक पंजग्रेई स्थित छप्परधारा गांव में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त सचिव विक्रमजीत सिंह ने गांव का दौरा कर विभिन्न विकास परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया।
दौरे के दौरान आयुक्त सचिव ने स्थानीय ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं तथा मांगों को गंभीरता से सुना। ग्रामीणों ने क्षेत्र में विकास कार्यों, सार्वजनिक सेवाओं और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को उनके समक्ष रखा। इस पर आयुक्त सचिव ने आश्वासन दिया कि लोगों की वास्तविक समस्याओं की जांच कर संबंधित विभागों के माध्यम से उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
विक्रमजीत सिंह ने कहा कि सीमांत गांवों का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने ग्रामीणों से सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने और विकास कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण, रोजगार सृजन तथा गांवों की समग्र उन्नति के लिए जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है।
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उन्होंने विशेष रूप से कहा कि छप्परधारा क्षेत्र में इको-टूरिज्म और प्राकृतिक पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। प्रशासन की ओर से यहां पर्यटन ढांचे को मजबूत करने और पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उनके अनुसार, इन पहलों से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
आयुक्त सचिव ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार पात्र लाभार्थियों तक सभी कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। इस अवसर पर उन्होंने जम्मू-कश्मीर में चलाए जा रहे 100 दिवसीय नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने युवाओं और आम लोगों से नशे के खिलाफ इस जनअभियान में सहयोग देने और राजौरी को नशामुक्त जिला बनाने में प्रशासन का साथ देने की अपील की।
उधर, उपायुक्त राजोेरी अभिषेक शर्मा ने बताया कि जिले के आठ गांवों को वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम के अंतर्गत चिह्नित किया गया है। इन गांवों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के तहत चार प्रमुख क्षेत्रों सड़क संपर्क, बिजली संपर्क, इंटरनेट संपर्क और टेलीविजन संपर्क पर प्राथमिकता से कार्य किया जा रहा है ताकि सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आधुनिक सुविधाओं और सेवाओं से जोड़ा जा सके।
बैठक के दौरान स्वास्थ्य, पीएमजीएसवाई, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, बिजली विकास विभाग, पशुपालन, भेड़ पालन, बागवानी, जिला रोजगार एवं परामर्श केंद्र सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी अपने-अपने विभागों की ओर से चलाए जा रहे विकास कार्यों, आगामी परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों को दी।
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वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम के तहत सड़क, बिजली, इंटरनेट और पर्यटन सुविधाओं पर विशेष जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोेरी। सीमांत और दूरदराज गांवों के समग्र विकास के उद्देश्य से चलाए जा रहे वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम के तहत राजोेरी जिले के ब्लॉक पंजग्रेई स्थित छप्परधारा गांव में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त सचिव विक्रमजीत सिंह ने गांव का दौरा कर विभिन्न विकास परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया।
दौरे के दौरान आयुक्त सचिव ने स्थानीय ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं तथा मांगों को गंभीरता से सुना। ग्रामीणों ने क्षेत्र में विकास कार्यों, सार्वजनिक सेवाओं और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को उनके समक्ष रखा। इस पर आयुक्त सचिव ने आश्वासन दिया कि लोगों की वास्तविक समस्याओं की जांच कर संबंधित विभागों के माध्यम से उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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विक्रमजीत सिंह ने कहा कि सीमांत गांवों का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने ग्रामीणों से सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने और विकास कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण, रोजगार सृजन तथा गांवों की समग्र उन्नति के लिए जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है।
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उन्होंने विशेष रूप से कहा कि छप्परधारा क्षेत्र में इको-टूरिज्म और प्राकृतिक पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। प्रशासन की ओर से यहां पर्यटन ढांचे को मजबूत करने और पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उनके अनुसार, इन पहलों से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
आयुक्त सचिव ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार पात्र लाभार्थियों तक सभी कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। इस अवसर पर उन्होंने जम्मू-कश्मीर में चलाए जा रहे 100 दिवसीय नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने युवाओं और आम लोगों से नशे के खिलाफ इस जनअभियान में सहयोग देने और राजौरी को नशामुक्त जिला बनाने में प्रशासन का साथ देने की अपील की।
उधर, उपायुक्त राजोेरी अभिषेक शर्मा ने बताया कि जिले के आठ गांवों को वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम के अंतर्गत चिह्नित किया गया है। इन गांवों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के तहत चार प्रमुख क्षेत्रों सड़क संपर्क, बिजली संपर्क, इंटरनेट संपर्क और टेलीविजन संपर्क पर प्राथमिकता से कार्य किया जा रहा है ताकि सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आधुनिक सुविधाओं और सेवाओं से जोड़ा जा सके।
बैठक के दौरान स्वास्थ्य, पीएमजीएसवाई, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, बिजली विकास विभाग, पशुपालन, भेड़ पालन, बागवानी, जिला रोजगार एवं परामर्श केंद्र सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी अपने-अपने विभागों की ओर से चलाए जा रहे विकास कार्यों, आगामी परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों को दी।