कुलगाम हमले पर सियासी दल एकजुट: सीएम उमर बोले- मुआवजा दर्द नहीं मिटा सकता, फारूक ने मांगी निष्पक्ष जांच
कुलगाम आतंकी हमले में दो प्रवासी मजदूरों की हत्या की मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, फारूक अब्दुल्ला, मीरवाइज उमर फारूक सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने कड़ी निंदा की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
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दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में दो प्रवासी मजदूरों की आतंकी हमले में हुई हत्या की सभी राजनीतिक दलों और नेताओं ने कड़ी निंदा की है। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि मुआवजा किसी परिवार का दर्द कम नहीं कर सकता, लेकिन सरकार मुश्किल की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।
गलुरु में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों मजदूर अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए ईमानदारी से काम करने कश्मीर आए थे। निर्दोष लोगों को इस तरह निशाना बनाना बेहद दुखद और अमानवीय है। उन्होंने कहा कि कोई भी आर्थिक सहायता इस अपूरणीय क्षति की भरपाई नहीं कर सकती, फिर भी सरकार ने मदद के तौर पर मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। यह राशि जिला प्रशासन द्वारा घोषित 6-6 लाख रुपये की तत्काल सहायता से अलग होगी।
फारूक अब्दुल्ला ने की निष्पक्ष जांच की मांग
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए हमले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि इस वारदात के पीछे कौन लोग हैं और इसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए।
फारूक अब्दुल्ला ने हमले के समय को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब भी जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग उठती है, उसी दौरान इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि इस पहलू की भी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
मीरवाइज और अन्य नेताओं ने भी जताया दुख
कश्मीर के प्रमुख धार्मिक नेता मीरवाइज उमर फारूक ने भी हमले की निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष लोगों, विशेषकर रोजी-रोटी कमाने आए गरीब मजदूरों को निशाना बनाना इस्लाम और इंसानियत दोनों के खिलाफ है। उन्होंने हिंसा छोड़कर संवाद और शांति के रास्ते पर आगे बढ़ने की अपील की।
सीपीआई(एम) नेता और कुलगाम विधायक एम.वाई. तारीगामी ने कहा कि हजारों किलोमीटर दूर से अपने परिवार का पालन-पोषण करने आए मजदूरों की हत्या बेहद क्रूर और निंदनीय है। दोषियों को जल्द से जल्द कानून के कठघरे में लाया जाना चाहिए।
वहीं, भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने भी घटना को कायराना करार देते हुए कहा कि अमरनाथ यात्रा और पर्यटन सीजन के दौरान इस तरह के हमलों का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर की शांति और अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाना है।
शुक्रवार देर शाम कुलगाम के केलम इलाके में ईंट भट्ठे पर हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के रहने वाले दीपक रात्रे और भुपेंद्र दोनों की मौत हो गई थी। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया है।