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तिरंगा भारत की चेतना और गौरव का जीवंत प्रतीक : उपराज्यपाल
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श्रीनगर की डल झील में शिकारा संचालकों ने निकाली तिरंगा रैली। संवाद
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- एसकेआईसीसी से निकाली तिरंगा यात्रा में शामिल हुए एलजी मनोज सिन्हा ने कहा यह 21वीं सदी का भारत
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। एसकेआईसीसी से निकाली गई तिरंगा यात्रा में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा शामिल हुए। उन्होंने नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि तिरंगा यात्रा लोगों की चेतना के एक उत्सव, देशभक्ति की परंपरा और हर नागरिक को अपनी मातृभूमि से जोड़ने वाले एक सांस्कृतिक मूल्य के रूप में विकसित हुई है।
उपराज्यपाल ने कहा कि तिरंगा भारत की चेतना और गौरव का जीवंत प्रतीक है। कश्मीर घाटी में तिरंगा यात्रा यह स्पष्ट संदेश देती है कि भारत को कभी नहीं रुकना चाहिए। 2022 में जब आजादी का अमृत महोत्सव के तहत हर घर तिरंगा अभियान शुरू किया गया, तो इसका मकसद हर भारतीय के दिल में तिरंगे के प्रति अपनापन, सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव की भावना को फिर से जगाना था। लाखों घरों पर एक साथ तिरंगा लहराता है तो 140 करोड़ भारतीयों के दिल एक ही भावना, एक ही विश्वास और एक ही संकल्प के साथ एक लय में धड़कते हैं। हर घर तिरंगा और वंदे मातरम का संगम केवल दो अभियानों का मिलन नहीं है, बल्कि एक नए युग की घोषणा है। यह आत्मविश्वास से भरे और भविष्य की ओर मजबूती से बढ़ते जम्मू-कश्मीर का प्रतीक है।
लोगों से किया सामूहिक और व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेने का आह्वान
उपराज्यपाल ने लोगों से जम्मू-कश्मीर और भारत के भविष्य को आकार देने के लिए सामूहिक और व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण करके अपने अमर नायकों के बलिदानों का ऋण चुकाने का संकल्प लेना चाहिए जो हर नागरिक के लिए समान अवसर के द्वार खोले। इस मौके मौके पर न्यायमूर्ति राहुल भारती, डिप्टी सीएम सुरेंद्र कुमार चौधरी, जल शक्ति, वन, पर्यावरण मंत्री जावेद अहमद राणा, कृषि उत्पादन, ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री जावेद अहमद डार, सीएम के सलाहकार नासिर असलम वानी, जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की चेयरपर्सन डॉ. दरख्शां अंद्राबी, मुख्य सचिव अटल डुल्लू; डीजीपी नलिन प्रभात, जल शक्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शालीन काबरा, संस्कृति विभाग के प्रधान सचिव बृज मोहन शर्मा शामिल हुए।
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तिरंगा हमारे राष्ट्र की आत्मा और वंदे मातरम उस आत्मा की अमर आवाज
उपराज्यपाल ने हर घर तिरंगा और वंदे मातरम अभियानों में शानदार भागीदारी के लिए जम्मू-कश्मीर के लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उनका उत्साह पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है। तिरंगा हमारे देश की आत्मा है और वंदे मातरम उस आत्मा की अमर आवाज है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जहां शहीदों ने अपने खून से देश की रक्षा की, वहीं आज की पीढ़ी को चरित्र, ईमानदारी, कड़ी मेहनत, एकता और सेवा के माध्यम से इसकी रक्षा करनी चाहिए।
वीर नारियों और युद्ध नायकों को किया सम्मानित
इस अवसर पर, उपराज्यपाल ने वीर नारियों और युद्ध नायकों को सम्मानित किया। उन्होंने हर घर तिरंगा प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और वंदे मातरम अभियान के नोडल अधिकारियों को सम्मानित किया। इस जश्न में संस्कृति विभाग की एक खास डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई, जिसके बाद ''''तिरंगा कॉन्सर्ट'''' हुआ, जिसमें कलाकारों ने देश के बहादुरों को संगीत के जरिए श्रद्धांजलि दी।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। एसकेआईसीसी से निकाली गई तिरंगा यात्रा में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा शामिल हुए। उन्होंने नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि तिरंगा यात्रा लोगों की चेतना के एक उत्सव, देशभक्ति की परंपरा और हर नागरिक को अपनी मातृभूमि से जोड़ने वाले एक सांस्कृतिक मूल्य के रूप में विकसित हुई है।
उपराज्यपाल ने कहा कि तिरंगा भारत की चेतना और गौरव का जीवंत प्रतीक है। कश्मीर घाटी में तिरंगा यात्रा यह स्पष्ट संदेश देती है कि भारत को कभी नहीं रुकना चाहिए। 2022 में जब आजादी का अमृत महोत्सव के तहत हर घर तिरंगा अभियान शुरू किया गया, तो इसका मकसद हर भारतीय के दिल में तिरंगे के प्रति अपनापन, सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव की भावना को फिर से जगाना था। लाखों घरों पर एक साथ तिरंगा लहराता है तो 140 करोड़ भारतीयों के दिल एक ही भावना, एक ही विश्वास और एक ही संकल्प के साथ एक लय में धड़कते हैं। हर घर तिरंगा और वंदे मातरम का संगम केवल दो अभियानों का मिलन नहीं है, बल्कि एक नए युग की घोषणा है। यह आत्मविश्वास से भरे और भविष्य की ओर मजबूती से बढ़ते जम्मू-कश्मीर का प्रतीक है।
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लोगों से किया सामूहिक और व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेने का आह्वान
उपराज्यपाल ने लोगों से जम्मू-कश्मीर और भारत के भविष्य को आकार देने के लिए सामूहिक और व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण करके अपने अमर नायकों के बलिदानों का ऋण चुकाने का संकल्प लेना चाहिए जो हर नागरिक के लिए समान अवसर के द्वार खोले। इस मौके मौके पर न्यायमूर्ति राहुल भारती, डिप्टी सीएम सुरेंद्र कुमार चौधरी, जल शक्ति, वन, पर्यावरण मंत्री जावेद अहमद राणा, कृषि उत्पादन, ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री जावेद अहमद डार, सीएम के सलाहकार नासिर असलम वानी, जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की चेयरपर्सन डॉ. दरख्शां अंद्राबी, मुख्य सचिव अटल डुल्लू
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तिरंगा हमारे राष्ट्र की आत्मा और वंदे मातरम उस आत्मा की अमर आवाज
उपराज्यपाल ने हर घर तिरंगा और वंदे मातरम अभियानों में शानदार भागीदारी के लिए जम्मू-कश्मीर के लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उनका उत्साह पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है। तिरंगा हमारे देश की आत्मा है और वंदे मातरम उस आत्मा की अमर आवाज है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जहां शहीदों ने अपने खून से देश की रक्षा की, वहीं आज की पीढ़ी को चरित्र, ईमानदारी, कड़ी मेहनत, एकता और सेवा के माध्यम से इसकी रक्षा करनी चाहिए।
वीर नारियों और युद्ध नायकों को किया सम्मानित
इस अवसर पर, उपराज्यपाल ने वीर नारियों और युद्ध नायकों को सम्मानित किया। उन्होंने हर घर तिरंगा प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और वंदे मातरम अभियान के नोडल अधिकारियों को सम्मानित किया। इस जश्न में संस्कृति विभाग की एक खास डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई, जिसके बाद ''''तिरंगा कॉन्सर्ट'''' हुआ, जिसमें कलाकारों ने देश के बहादुरों को संगीत के जरिए श्रद्धांजलि दी।

श्रीनगर की डल झील में शिकारा संचालकों ने निकाली तिरंगा रैली। संवाद