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Srinagar News: आयकर चुकाने का फर्जी नोटिस सोशल मीडिया पर वायरल
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- आयकर विभाग ने कहा - यह फिशिंग का प्रयास है, भुगतान न करें
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। आयकर विभाग का एक नोटिस सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें करदाता से छह हजार जमा करने को कहा गया है। अधिकारियों ने इस दस्तावेज को फर्जी करार देते हुए लोगों को ऐसे फिशिंग प्रयासों का शिकार न होने की चेतावनी दी है।
नौ अगस्त 2026 की तारीख वाला यह नोटिस एक व्यक्ति के नाम पर जारी बताया जा रहा है। इसमें कुल 15 लाख की राशि और 12 हजार का कथित आयकर दायित्व दिखाया गया है। साथ ही उससे छह हजार रुपये जमा करने को कहा गया है।
विभागीय अधिकारियों ने इस दस्तावेज को फर्जी करार दिया है। गौरतलब है कि आयकर विभाग पहले भी करदाताओं को विभाग के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी के बारे में आगाह कर चुका है। विभाग ने सलाह दी है कि लोग संचार की सावधानी से जांच करें और किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, अटैचमेंट न खोलें और अपनी वित्तीय जानकारी साझा न करें। विभाग ने यह भी चेताया है कि धोखेबाज आधिकारिक संचार की नकल करने के लिए गलत या स्पूफ वेब पते का इस्तेमाल कर सकते हैं। सुरक्षित रहने के लिए आयकर से जुड़ा कोई भी नोटिस या मांग आधिकारिक आयकर पोर्टल या विभाग से सीधे सत्यापित करें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। आयकर विभाग का एक नोटिस सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें करदाता से छह हजार जमा करने को कहा गया है। अधिकारियों ने इस दस्तावेज को फर्जी करार देते हुए लोगों को ऐसे फिशिंग प्रयासों का शिकार न होने की चेतावनी दी है।
नौ अगस्त 2026 की तारीख वाला यह नोटिस एक व्यक्ति के नाम पर जारी बताया जा रहा है। इसमें कुल 15 लाख की राशि और 12 हजार का कथित आयकर दायित्व दिखाया गया है। साथ ही उससे छह हजार रुपये जमा करने को कहा गया है।
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विभागीय अधिकारियों ने इस दस्तावेज को फर्जी करार दिया है। गौरतलब है कि आयकर विभाग पहले भी करदाताओं को विभाग के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी के बारे में आगाह कर चुका है। विभाग ने सलाह दी है कि लोग संचार की सावधानी से जांच करें और किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, अटैचमेंट न खोलें और अपनी वित्तीय जानकारी साझा न करें। विभाग ने यह भी चेताया है कि धोखेबाज आधिकारिक संचार की नकल करने के लिए गलत या स्पूफ वेब पते का इस्तेमाल कर सकते हैं। सुरक्षित रहने के लिए आयकर से जुड़ा कोई भी नोटिस या मांग आधिकारिक आयकर पोर्टल या विभाग से सीधे सत्यापित करें।
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