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Srinagar News: कुलगाम में आतंकी ठिकाना ध्वस्त, बड़ी वारदात की फिराक में थे आतंकी
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अमर उजाला ब्यूरो/संवाद
श्रीनगर/कुलगाम। कश्मीर में सुरक्षाबलों ने आतंकियों का एक और षड्यंत्र बुधवार को विफल कर दिया। आतंकी वारदात को अंजाम देने के लिए कुलगाम जिले में एक जगह छिपाये गए हथियारों को सुरक्षाबलों ने ढूंढ़ निकाला। आतंकी ठिकाने को नष्ट कर दिया गया है।
सुरक्षाबलों को इनपुट मिले थे कि आतंकी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इसके लिए आतंकियों ने कुलगाम के सुरसूनू इलाके में हथियार छिपा रखे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस, सेना की 34 राष्ट्रीय राइफल्स और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान चलाया। इसे सर्च एंड डिस्ट्रॉय ऑपरेशन (साडो) नाम दिया गया। इसी दौरान सुरक्षाबलों ने एक छिपाकर रखे गए हथियारों को खोज निकाला।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार आतंकी ठिकाने से एक एके-47 राइफल, दो पिस्तौल, 13 हैंड ग्रेनेड, एके-47 की दो मैगजीन, 131 एके-47 राउंड और पिस्तौल की एक मैगजीन बरामद हुई है। इलाके में किसी अन्य संदिग्ध सामग्री या ठिकाने की आशंका को खत्म करने के लिए व्यापक तलाशी अभियान अभी भी जारी है।
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पुलिसकर्मी की टारगेट किलिंग के बाद से अत्यधिक सतर्क हैं खुफिया एजेंसियां
आतंकियों ने 22 जुलाई को अनंतनाग के लाल चौक पर अमरनाथ यात्रा की ड्यूटी पर तैनात पुलिस हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की हत्या कर दी थी। टारगेट किलिंग की जिम्मेदारी टीआरएफ ने ली थी। इसके बाद से ही सुरक्षा एजेंसियों का रुख बेहद आक्रामक है। पूरे कश्मीर में आतंकियों के सपोर्ट नेटवर्क ओवरग्राउंड वर्कर्स और संदिग्धों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई शुरू की गई है। इसके तहत करीब 5000 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। लश्कर-ए-ताइबा के दो प्रमुख आतंकवादियों के घरों को भी ध्वस्त किया जा चुका है।
डीजीपी दे चुके हैं स्पष्ट निर्देश
आतंकी हमले के बाद हाल ही में पुलिस कंट्रोल रूम कश्मीर में डीजीपी नलिन प्रभात ने उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक ली थी। डीजीपी ने सभी रेंज के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संवेदनशील और शहरी इलाकों में एरिया डोमिनेशन और नाइट डोमिनेशन (रात की गश्त) को अत्यधिक प्रभावी बनाया जाए। खुफिया जानकारी पर आधारित सटीक अभियानों को तेज कर बचे हुए आतंकी नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंकने का आह्वान किया गया था।
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श्रीनगर/कुलगाम। कश्मीर में सुरक्षाबलों ने आतंकियों का एक और षड्यंत्र बुधवार को विफल कर दिया। आतंकी वारदात को अंजाम देने के लिए कुलगाम जिले में एक जगह छिपाये गए हथियारों को सुरक्षाबलों ने ढूंढ़ निकाला। आतंकी ठिकाने को नष्ट कर दिया गया है।
सुरक्षाबलों को इनपुट मिले थे कि आतंकी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इसके लिए आतंकियों ने कुलगाम के सुरसूनू इलाके में हथियार छिपा रखे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस, सेना की 34 राष्ट्रीय राइफल्स और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान चलाया। इसे सर्च एंड डिस्ट्रॉय ऑपरेशन (साडो) नाम दिया गया। इसी दौरान सुरक्षाबलों ने एक छिपाकर रखे गए हथियारों को खोज निकाला।
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आधिकारिक सूत्रों के अनुसार आतंकी ठिकाने से एक एके-47 राइफल, दो पिस्तौल, 13 हैंड ग्रेनेड, एके-47 की दो मैगजीन, 131 एके-47 राउंड और पिस्तौल की एक मैगजीन बरामद हुई है। इलाके में किसी अन्य संदिग्ध सामग्री या ठिकाने की आशंका को खत्म करने के लिए व्यापक तलाशी अभियान अभी भी जारी है।
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पुलिसकर्मी की टारगेट किलिंग के बाद से अत्यधिक सतर्क हैं खुफिया एजेंसियां
आतंकियों ने 22 जुलाई को अनंतनाग के लाल चौक पर अमरनाथ यात्रा की ड्यूटी पर तैनात पुलिस हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की हत्या कर दी थी। टारगेट किलिंग की जिम्मेदारी टीआरएफ ने ली थी। इसके बाद से ही सुरक्षा एजेंसियों का रुख बेहद आक्रामक है। पूरे कश्मीर में आतंकियों के सपोर्ट नेटवर्क ओवरग्राउंड वर्कर्स और संदिग्धों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई शुरू की गई है। इसके तहत करीब 5000 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। लश्कर-ए-ताइबा के दो प्रमुख आतंकवादियों के घरों को भी ध्वस्त किया जा चुका है।
डीजीपी दे चुके हैं स्पष्ट निर्देश
आतंकी हमले के बाद हाल ही में पुलिस कंट्रोल रूम कश्मीर में डीजीपी नलिन प्रभात ने उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक ली थी। डीजीपी ने सभी रेंज के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संवेदनशील और शहरी इलाकों में एरिया डोमिनेशन और नाइट डोमिनेशन (रात की गश्त) को अत्यधिक प्रभावी बनाया जाए। खुफिया जानकारी पर आधारित सटीक अभियानों को तेज कर बचे हुए आतंकी नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंकने का आह्वान किया गया था।