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सैनिकों के बलिदान को समर्पित है शौर्य गाथा कॉम्प्लेक्स : एलजी
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श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कुपवाड़ा जिले के करनाह, तंगधार में एसएम हिल पर शौर्य गाथा कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। यह पहल युद्धक्षेत्र पर्यटन, विरासत संरक्षण और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई है। उपराज्यपाल ने उत्तरी कमान, चिनार कोर और सभी अधिकारियों, सैनिकों, इंजीनियरों, कर्मचारियों और स्थानीय निवासियों की सराहना की, जिन्होंने इतने कम समय में इस प्रतिष्ठित परियोजना को पूरा किया।
उन्होंने कहा कि हमारे बहादुर सैनिकों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनका साहस तथा बलिदान हर भारतीय के मन में गर्व और प्रेरणा के एक शक्तिशाली स्रोत के रूप में स्थापित होना चाहिए। हमारे बलों और लोगों का समर्पण ही राष्ट्र की सच्ची ताकत है। शौर्य गाथा कॉम्प्लेक्स भारतीय सैनिकों की वीरता और बलिदान को समर्पित एक श्रद्धांजलि के रूप में खड़ा है। यह पहल सीमावर्ती क्षेत्रों और युद्धक्षेत्र पर्यटन, होमस्टे, स्थानीय हस्तशिल्प और युवा उद्यमिता के लिए नए अवसर पैदा करेगी।
उपराज्यपाल ने नियंत्रण रेखा के इस तरफ हो रहे विकास और अवैध रूप से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की स्थितियों के बीच के भारी अंतर को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर शांति, प्रगति और समृद्धि के एक नए युग का गवाह बन रहा है, जबकि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर अभी भी उपेक्षा और कुशासन का शिकार है। उन्होंने इस बात को फिर से दोहराया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा।
जम्मू-कश्मीर सभी मोर्चों पर विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। लोगों में आत्मविश्वास की एक नई भावना जागृत हुई है और समाज पहले से कहीं अधिक समृद्ध और शांतिपूर्ण है। प्रशासन सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भारत रणभूमि दर्शन'''' पहल के तहत वीरता स्थलों को बढ़ावा देने जैसी पहल इस क्षेत्र की समृद्ध रक्षा विरासत और संस्कृति को प्रदर्शित करने के साथ-साथ तंगधार-करनाह क्षेत्र में आर्थिक विकास और समृद्धि लाएगी।
उन्होंने बताया कि तंगधार-करनाह के सात गांवों को ''''वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम'''' के तहत शामिल किया गया है। इससे इन गांवों में बेहतर बुनियादी ढांचा, आजीविका के अवसर और जीवन की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सकेगी। साधना टनल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि यह पूरे मौसम में आवागमन की सुविधा प्रदान कर व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा तथा आपदा राहत को सुगम बनाएगा। इससे क्षेत्र में कनेक्टिविटी, सुरक्षा और आर्थिक गतिविधियां काफी हद तक बढ़ेंगी।
उपराज्यपाल ने कहा, मैं पूरे देश के नागरिकों से आग्रह करता हूं कि वे ''''शौर्य गाथा कॉम्प्लेक्स'''' का दौरा करें और कुपवाड़ा के अनोखे पर्यटन स्थलों पर अपनी छुट्टियों की योजना बनाएं। उपराज्यपाल ने ''''नशा मुक्त जम्मू कश्मीर'''' अभियान में सेना के महत्वपूर्ण योगदान की भी सराहना की।
उन्होंने कहा, तंगधार एक रणनीतिक स्थान बना हुआ है, जहां हमारा पड़ोसी लगातार नशीले पदार्थों की तस्करी की गतिविधियों को बढ़ाने का प्रयास करता रहता है। इस क्षेत्र में सेना द्वारा हवाई अड्डे जैसी सुविधा का विकास, नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ हमारे अभियान में एक महत्वपूर्ण संपत्ति के रूप में काम करेगा।
उपराज्यपाल ने पुलिस विभाग और सुरक्षा बलों से भी उच्चतम स्तर की सतर्कता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने आगे कहा कि हमारी निगरानी इतनी पुख्ता होनी चाहिए कि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी अवैध नशीला पदार्थ हमारे क्षेत्र में प्रवेश न कर पाए।
उन्होंने नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के प्रति अपने अटूट समर्थन के लिए लोगों विशेष रूप से स्कूली छात्रों के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता भी व्यक्त की। उद्घाटन समारोह में उत्तरी कमान के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, चिनार कोर के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बलबीर सिंह, विधायक जावेद अहमद मिरचल, अतिरिक्त मुख्य सचिव विद्युत विकास विभाग अश्विनी कुमार और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि हमारे बहादुर सैनिकों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनका साहस तथा बलिदान हर भारतीय के मन में गर्व और प्रेरणा के एक शक्तिशाली स्रोत के रूप में स्थापित होना चाहिए। हमारे बलों और लोगों का समर्पण ही राष्ट्र की सच्ची ताकत है। शौर्य गाथा कॉम्प्लेक्स भारतीय सैनिकों की वीरता और बलिदान को समर्पित एक श्रद्धांजलि के रूप में खड़ा है। यह पहल सीमावर्ती क्षेत्रों और युद्धक्षेत्र पर्यटन, होमस्टे, स्थानीय हस्तशिल्प और युवा उद्यमिता के लिए नए अवसर पैदा करेगी।
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उपराज्यपाल ने नियंत्रण रेखा के इस तरफ हो रहे विकास और अवैध रूप से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की स्थितियों के बीच के भारी अंतर को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर शांति, प्रगति और समृद्धि के एक नए युग का गवाह बन रहा है, जबकि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर अभी भी उपेक्षा और कुशासन का शिकार है। उन्होंने इस बात को फिर से दोहराया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा।
जम्मू-कश्मीर सभी मोर्चों पर विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। लोगों में आत्मविश्वास की एक नई भावना जागृत हुई है और समाज पहले से कहीं अधिक समृद्ध और शांतिपूर्ण है। प्रशासन सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भारत रणभूमि दर्शन'''' पहल के तहत वीरता स्थलों को बढ़ावा देने जैसी पहल इस क्षेत्र की समृद्ध रक्षा विरासत और संस्कृति को प्रदर्शित करने के साथ-साथ तंगधार-करनाह क्षेत्र में आर्थिक विकास और समृद्धि लाएगी।
उन्होंने बताया कि तंगधार-करनाह के सात गांवों को ''''वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम'''' के तहत शामिल किया गया है। इससे इन गांवों में बेहतर बुनियादी ढांचा, आजीविका के अवसर और जीवन की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सकेगी। साधना टनल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि यह पूरे मौसम में आवागमन की सुविधा प्रदान कर व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा तथा आपदा राहत को सुगम बनाएगा। इससे क्षेत्र में कनेक्टिविटी, सुरक्षा और आर्थिक गतिविधियां काफी हद तक बढ़ेंगी।
उपराज्यपाल ने कहा, मैं पूरे देश के नागरिकों से आग्रह करता हूं कि वे ''''शौर्य गाथा कॉम्प्लेक्स'''' का दौरा करें और कुपवाड़ा के अनोखे पर्यटन स्थलों पर अपनी छुट्टियों की योजना बनाएं। उपराज्यपाल ने ''''नशा मुक्त जम्मू कश्मीर'''' अभियान में सेना के महत्वपूर्ण योगदान की भी सराहना की।
उन्होंने कहा, तंगधार एक रणनीतिक स्थान बना हुआ है, जहां हमारा पड़ोसी लगातार नशीले पदार्थों की तस्करी की गतिविधियों को बढ़ाने का प्रयास करता रहता है। इस क्षेत्र में सेना द्वारा हवाई अड्डे जैसी सुविधा का विकास, नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ हमारे अभियान में एक महत्वपूर्ण संपत्ति के रूप में काम करेगा।
उपराज्यपाल ने पुलिस विभाग और सुरक्षा बलों से भी उच्चतम स्तर की सतर्कता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने आगे कहा कि हमारी निगरानी इतनी पुख्ता होनी चाहिए कि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी अवैध नशीला पदार्थ हमारे क्षेत्र में प्रवेश न कर पाए।
उन्होंने नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के प्रति अपने अटूट समर्थन के लिए लोगों विशेष रूप से स्कूली छात्रों के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता भी व्यक्त की। उद्घाटन समारोह में उत्तरी कमान के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, चिनार कोर के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बलबीर सिंह, विधायक जावेद अहमद मिरचल, अतिरिक्त मुख्य सचिव विद्युत विकास विभाग अश्विनी कुमार और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।