फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Srinagar News ›   jammu kashmir news

Srinagar News: उमर अब्दुल्ला ने 113 शिक्षकों को सौंपे नियुक्ति पत्र

विज्ञापन
jammu kashmir news
नियुक्ति पत्र देते मुख्यमंत्री।  - फोटो : srinagar news
श्रीनगर। डल झील किनारे स्थित शेर ए कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में बुधवार को बुनियाद से बुलंदी तक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 113 शिक्षकों और लेक्चरर को नियुक्ति पत्र सौंपे। साथ ही उनसे आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों की नींव मजबूत करें। कार्यक्रम में 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा औैर स्नातक परीक्षा के मेधावियों को सम्मानित भी किया गया। इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री के अलावा शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू, कृषि मंत्री जावेद अहमद डार, मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी और मुख्य सचिव अटल डुल्लू समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षाविद मौजूद रहे।
विज्ञापन

उमर ने कहा कि कोई भी डॉक्टर, इंजीनियर या सैनिक उस मुकाम तक नहीं पहुंच सकता, जब तक कि एक शिक्षक के रूप में आप उनकी बुनियाद को मजबूत न करें। समारोह में एक छात्र के वक्तव्य ‘अवसरों को भूगोल से तय नहीं किया जाना चाहिए’ का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, यह बहुत बड़ी बात है कि आपको कौन सा मौका मिलेगा और आप उसका किस तरह इस्तेमाल कर सकते हैं, यह आपकी भौगोलिक स्थिति (ज्योग्राफी) पर निर्भर नहीं होना चाहिए।
विज्ञापन

उमर अब्दुल्ला ने स्वीकार किया कि वर्तमान में शहरों में बच्चों को मिलने वाले अवसरों और दूर-दराज के इलाकों जैसे लोलैब, किश्तवाड़, कठुआ या पुंछ के बच्चों को मिलने वाले अवसरों में काफी अंतर है। उन्होंने इस कमी को दूर करने की प्रतिबद्धता जताई। मुख्यमंत्री ने आयोजन के दौरान युवाओं के सोचने के तरीके और उनके इरादों की सराहना करते हुए कहा कि आने वाली नस्ल हर लिहाज से पिछली पीढ़ी को पीछे छोड़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सरकार पर केवल घोषणाएं करने और उन्हें भूल जाने के लगने वाले आरोपों पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में किए गए वादों और घोषणाओं को आज अमली जामा पहनाया जा रहा है। सरकार बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को सुधारने और शिक्षकों के काम को आसान बनाने के लिए सर्विस कंडीशंस को बेहतर करने पर काम कर रही है। अंत में, मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त शिक्षकों को बधाई देते हुए अपील की कि वे जहां भी नियुक्त हों, यह सोचकर काम करें कि वे केवल एक कॉलेज के लिए नहीं, बल्कि पूरे जम्मू-कश्मीर के भविष्य को बदलने के लिए काम कर रहे हैं।
उन्होंने कार्यक्रम से पहले एसकेआईसीसी में लगी प्रदर्शनी का दौरा भी किया। इसमें फेक यूपीआई एप पर रिसर्च, कार्बन मोनोऑक्साइड पॉइजनिंग और घरों में लगने वाली आग से सुरक्षा के लिए तकनीकी समाधान के अलावा पेटेंट और स्टार्टअप की प्रदर्शनी लगाई गई थीं।


खाली पदों को भरने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : इत्तू
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री सकीना इत्तू ने कहा कि सरकार गठन के तुरंत बाद ही मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के निर्देश पर लगभग 600 लेक्चरर के पदों को ''''''''''''''''सेवा चयन बोर्ड'''''''''''''''' को रेफर किया गया था। बोर्ड से चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आज पहले चरण में 113 लेक्चरर को नियुक्ति पत्र सौंपे जा रहे हैं। जिन उम्मीदवारों का सीआईडी वेरिफिकेशन अभी पेंडिंग है, उन्हें भी प्रक्रिया पूरी होते ही जल्द से जल्द नियुक्ति पत्र दे दिए जाएंगे। नव-नियुक्त लेक्चरर को बधाई देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा, यह नियुक्ति पत्र सिर्फ एक कागज़ का टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह एक भरोसा है, एक ख़्वाब है और उस ख़्वाब की ताबीर है। अब तक दूर-दराज के क्षेत्रों में लेक्चरर की कमी के कारण हमारे बच्चों के जो सपने अधूरे रह जाते थे, अब आप सभी की नियुक्ति से वे सपने पूरे हो सकेंगे। शिक्षकों की भूमिका को समाज में सबसे अहम बताते हुए उन्होंने कहा कि एक इंजीनियर पुल या सड़क बनाता है, एक डॉक्टर जान बचाता है और एक सिपाही सीमा पर देश की रक्षा करता है, लेकिन एक शिक्षक इन सभी के सपनों को साकार करता है। जब कोई डॉक्टर या इंजीनियर गर्व से कहता है कि उसे फलां शिक्षक ने पढ़ाया है, तो पूरे शिक्षक समाज का सिर फख्र से ऊंचा हो जाता है।


हर क्षेत्र में बेटियों का दबदबा, उच्च शिक्षा में 12% की बढ़ोतरी
सकीना इत्तू ने कार्यक्रम में छात्राओं की बड़ी संख्या पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि चाहे 10वीं का परिणाम हो, 11वीं का या 12वीं का, हमारी बेटियां हर जगह टॉप कर रही हैं और आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने एक और महत्वपूर्ण आंकड़ा साझा करते हुए बताया कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस साल उच्च शिक्षा में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या में 12% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो कि शिक्षा विभाग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
----------------------------------------------------------------------

शिक्षा समाज के निर्माण और चरित्र विकास का जरिया : वानी
नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नासिर असलम वानी ने शिक्षा व्यवस्था में आमूल-चूल बदलाव की वकालत करते हुए कहा है कि शिक्षा का असली मकसद सिर्फ डिग्री बांटना या ''''''''''''''''सनद याफ्ता बेरोजगार'''''''''''''''' पैदा करना नहीं है। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो युवाओं को रोजगार के योग्य बनाए, उनका चरित्र निर्माण करे और उन्हें समाज का एक जिम्मेदार नागरिक बनाए। दुनिया में वही कौम और वही मुल्क आगे बढ़े हैं, जिन्होंने तालीम (शिक्षा) को प्राथमिकता दी है।

तकनीकी बदलावों का जिक्र करते हुए वानी ने कहा कि हमने वह दौर भी देखा है जब हाथों से और जुबानी पहाड़े याद किए जाते थे, फिर कैलकुलेटर और कंप्यूटर का दौर आया लेकिन आज का दौर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है। इस नए युग में न केवल छात्रों को आधुनिक तकनीकों के लिए तैयार करना है, बल्कि शिक्षक वर्ग को भी विशेष रूप से ट्रेंड करने की जरूरत है। शिक्षक ही आने वाली नस्ल को इस तरह तैयार कर सकते हैं कि वे जॉब मार्केट की मांग के अनुसार ''''''''''''''''स्किल्ड'''''''''''''''' (कुशल) बन सकें। केंद्र सरकार की न्यू एजुकेशन पॉलिसी की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस पॉलिसी का फ्रेमवर्क बेहद शानदार है। हालांकि, उन्होंने सचेत किया कि केवल पॉलिसी बनाना काफी नहीं है, बल्कि इसके जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन के लिए हम सभी को मिलकर बहुत काम करने की जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed