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हौसले की उड़ान: पिता की मौत के बाद भी नहीं हारी हौसला, काजल ने हासिल की दोहरी सफलता

अजीम यूसुफ अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो Updated Wed, 25 Feb 2026 11:20 AM IST
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सार

खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2025 से पांच दिन पहले पिता के निधन के बावजूद सीआरपीएफ की काजल कुमारी राय ने हौसला नहीं खोया और गुलमर्ग में लगातार दो दिन दो स्वर्ण पदक जीते।

Kajal achieved double success despite her father's death
काजल कुमारी राय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

खेलो इंडिया विंटर गेम्स में सोमवार को स्वर्ण पदक जीतने वाली सीआरपीएफ की काजल कुमारी राय ने मंगलवार को भी स्वर्ण पदक जीता। खेलो इंडिया विंटर गेम्स लद्दाख 2025 के आयोजन से पांच दिन पहले उनके पिता की मौत हो गई थी। उन्होंने हौसला बरकरार रखा और उस गम से उबरकर विंटर गेम्स गुलमर्ग में लगातार दो दिन दो स्वर्ण पदक जीते।

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मंगलवार को नॉर्डिक स्की महिला वर्ग के 10 किमी मुकाबले में पहला स्थान पाने के बाद 25 वर्षीय काजल ने बताया कि उनके पिता उन्हें जीतता नहीं देख पाए इसलिए सोमवार को मिले पहले स्वर्ण पदक को उन्होंने अपने पिता को समर्पित किया।

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उन्होंने बताया कि वह सीआरपीएफ कर्मी हैं, तीन साल पहले एक सहकर्मी लोकेश जो खुद स्कीयर हैं, ने उन्हें स्कीइंग खेलों का रास्ता दिखाया। तब से लगातार प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रही हैं। लगातार तीसरे विंटर गेम्स में उन्होंने हिस्सा लिया और गुलमर्ग उनके लिए यादगार साबित हुआ।

उन्होंने बताया कि 2025 में खेलो इंडिया विंटर गेम्स से ठीक पांच दिन पहले उनके पिता की अचानक मौत हो गई, जिससे उसे ट्रेनिंग छोड़कर पिता के अंतिम संस्कार के लिए शिलांग स्थित घर लौटना पड़ा। रस्में खत्म हो गईं, लेकिन दुख नहीं। अब प्रतियोगिता के लिए गुलमर्ग लौट आईं। अब उनका सपना ओलंपिक में देश के लिए मेडल जीतना है।

मुश्किल हालात, लेकिन कर दिखाया : हीरल
गुजरात की मुकवाना हीरल ने मंगलवार को सीआरपीएफ के लिए नॉर्डिक स्की महिला वर्ग के 10 किमी मुकाबले में रजत पदक जीता। उन्होंने बताया कि मौसम सामान्य नहीं था। यहां के हालात भी मुश्किल थे, लेकिन जज्बे के दम पर वह दूसरे स्थान पर रहीं। काजल पहले स्थान पर रहीं। गुलमर्ग काफी खूबसूरत है, यहां मेरा दूसरा विंटर गेम्स है। उम्मीद है आगे और बेहतर प्रदर्शन करूंगी।

हिमाचल की आंचल ने खींचा ध्यान
हिमाचल प्रदेश की अनुभवी अल्पाइन स्कीयर आंचल ठाकुर ने भी प्रतियोगिता में लोगों का ध्यान खींचा है। उन्होंने अपना पहला स्वर्ण पदक जायंट स्लैलम रेस में जीता, जिसमें उन्होंने 48.984 सेकंड की टाइमिंग के साथ जीत हासिल की। हिमाचल की उनकी साथी तनुजा ठाकुर ने सिल्वर मेडल जीता, कर्नाटक की उभरती हुई स्कीयर जिया आर्यन एक बार फिर कांस्य पदक जीतने में कामयाब रहीं।

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