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Srinagar News: सामान खोने पर दो यात्रियों को 1.19 लाख देगा इंडिगो, आदेश जारी
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के उपभोक्ता फोरम ने इंडिगो एयरलाइन को दो यात्रियों को 1.19 लाख का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। यह आदेश तब दिया गया जब सऊदी अरब से उनकी वापसी यात्रा के दौरान उनका चेक-इन किया हुआ सामान खो गया था।
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग बारामुला/बांदीपोरा ने एयरलाइन को खोए हुए सामान की कीमत के तौर पर 89,000 रुपये, मानसिक पीड़ा और असुविधा के लिए 20,000 रुपये और कानूनी खर्च के तौर पर 10,000 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया।
आयोग ने आगे निर्देश दिया कि यह राशि 30 दिनों के भीतर दी जाए। ऐसा न करने पर आदेश की तारीख से लेकर भुगतान होने तक इस पर 10 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से ब्याज लगेगा। आयोग के अध्यक्ष पीरजादा कौसर हुसैन और सदस्य नायला यासीन शामिल ने पाया कि शिकायतकर्ताओं ने सामान के पांच बैग चेक-इन किए थे लेकिन पहुंचने पर उन्हें केवल चार ही मिले। ‘प्रॉपर्टी इर्रेगुलेरिटी रिपोर्ट’ (पीआईआर) जारी करने और उसके बाद भी संपर्क करने के बावजूद खोए हुए सामान का पता नहीं लगाया जा सका।
शिकायतकर्ता मोहम्मद मकबूल हकीम और उनकी पत्नी फरहत आरा, दम्माम (सऊदी अरब) से दिल्ली होते हुए श्रीनगर आए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि दम्माम हवाई अड्डे पर इंडिगो के कर्मचारियों ने बिना उचित जांच-पड़ताल के उनके समूह के सामान को एक साथ मिला दिया और अलग-अलग सामान टैग जारी करने में विफल रहे।
दिल्ली पहुंचने पर एक बैग नहीं मिला। तस्वीरों सहित सभी आवश्यक विवरण प्रदान करने के बावजूद एयरलाइन सामान का पता लगाने में विफल रही। जहां एक ओर इंडिगो ने अपनी ज़िम्मेदारी से इनकार किया वहीं शिकायतकर्ताओं ने जोर देकर कहा कि खोए हुए बैग में 89,000 की कीमती चीजें थीं और यह नुकसान एयरलाइन की लापरवाही के कारण हुआ।
तथ्यों पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने एयरलाइन को जिम्मेदार ठहराया और यात्रियों को हुए नुकसान और असुविधा के लिए मुआवजा देना उचित माना। शिकायतकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता उमर बशीर ने पैरवी की।
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आयोग ने आगे निर्देश दिया कि यह राशि 30 दिनों के भीतर दी जाए। ऐसा न करने पर आदेश की तारीख से लेकर भुगतान होने तक इस पर 10 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से ब्याज लगेगा। आयोग के अध्यक्ष पीरजादा कौसर हुसैन और सदस्य नायला यासीन शामिल ने पाया कि शिकायतकर्ताओं ने सामान के पांच बैग चेक-इन किए थे लेकिन पहुंचने पर उन्हें केवल चार ही मिले। ‘प्रॉपर्टी इर्रेगुलेरिटी रिपोर्ट’ (पीआईआर) जारी करने और उसके बाद भी संपर्क करने के बावजूद खोए हुए सामान का पता नहीं लगाया जा सका।
शिकायतकर्ता मोहम्मद मकबूल हकीम और उनकी पत्नी फरहत आरा, दम्माम (सऊदी अरब) से दिल्ली होते हुए श्रीनगर आए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि दम्माम हवाई अड्डे पर इंडिगो के कर्मचारियों ने बिना उचित जांच-पड़ताल के उनके समूह के सामान को एक साथ मिला दिया और अलग-अलग सामान टैग जारी करने में विफल रहे।
दिल्ली पहुंचने पर एक बैग नहीं मिला। तस्वीरों सहित सभी आवश्यक विवरण प्रदान करने के बावजूद एयरलाइन सामान का पता लगाने में विफल रही। जहां एक ओर इंडिगो ने अपनी ज़िम्मेदारी से इनकार किया वहीं शिकायतकर्ताओं ने जोर देकर कहा कि खोए हुए बैग में 89,000 की कीमती चीजें थीं और यह नुकसान एयरलाइन की लापरवाही के कारण हुआ।
तथ्यों पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने एयरलाइन को जिम्मेदार ठहराया और यात्रियों को हुए नुकसान और असुविधा के लिए मुआवजा देना उचित माना। शिकायतकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता उमर बशीर ने पैरवी की।