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Srinagar News: जेकेआरएलएम कर्मचारियों को छह माह से वेतन नहीं मिला, प्रदर्शन की चेतावनी
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन (जेकेआरएलएम) के तहत काम करने वाले कर्मचारी छह माह से वेतन न मिलने से परेशान हैं। कर्मचारियों ने जल्द वेतन जारी करने की मांग की। साथ ही अनदेखी पर प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
कर्मचारियों ने कहा कि वेतन मिलने में लंबे समय तक हो रही देरी के कारण गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ मामलों में तो छह महीने तक का भुगतान बकाया है।
इस मुद्दे ने कार्यक्रम के कामकाज को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आजीविका सहायता पहलों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार करना है। मामले से परिचित अधिकारियों ने बताया कि जिला कार्यक्रम प्रबंधकों और ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधकों का वेतन पिछले तीन महीनों से नहीं दिया गया। क्लस्टर कोऑर्डिनेटर, सामुदायिक विकास विस्तार अधिकारी, पशु सखी और अन्य कैडर सदस्यों सहित जमीनी स्तर के कर्मचारी लगभग छह महीनों से अपनी मजदूरी का इंतजार कर रहे हैं।
कर्मचारियों ने कहा कि लगातार फील्ड वर्क करने और सौंपी गई जिम्मेदारियों को पूरा करने के बावजूद इस देरी ने उनके दैनिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। एक कर्मचारी ने कहा कि हमें घर के बुनियादी खर्च पूरे करने, अपने बच्चों की स्कूल फीस देने और यहां तक कि सरकारी काम के लिए आने-जाने का खर्च उठाने में भी मुश्किल हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि जमीनी स्तर के कर्मचारियों का मनोबल गिरा है क्योंकि कई लोग इस बात की कोई स्पष्ट जानकारी न होने के बावजूद काम करते जा रहे हैं कि उनकी सैलरी कब जारी की जाएगी।
कर्मचारियों ने इस बात पर भी चिंता जताई कि ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य ही कमजोर पड़ रहा है क्योंकि जो लोग इस कार्यक्रम को लागू करने के लिए जिम्मेदार हैं, वे खुद ही आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। एक अन्य कर्मचारी ने कहा कि इस मिशन का मकसद गरीब ग्रामीण महिलाओं का उत्थान करना है लेकिन जो लोग जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं, उन्हें ही समय पर सैलरी नहीं मिल रही है। सूत्रों ने बताया कि कर्मचारियों ने संबंधित अधिकारियों से बार-बार गुहार लगाई है। उनका दावा है कि वेतन बांटने के लिए फंड उपलब्ध है लेकिन देरी के संबंध में उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने सरकार और उच्च अधिकारियों से इस मामले में हस्तक्षेप करने और बकाया वेतन को तुरंत जारी करवाने की अपील की है।
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कर्मचारियों ने कहा कि वेतन मिलने में लंबे समय तक हो रही देरी के कारण गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ मामलों में तो छह महीने तक का भुगतान बकाया है।
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इस मुद्दे ने कार्यक्रम के कामकाज को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आजीविका सहायता पहलों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार करना है। मामले से परिचित अधिकारियों ने बताया कि जिला कार्यक्रम प्रबंधकों और ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधकों का वेतन पिछले तीन महीनों से नहीं दिया गया। क्लस्टर कोऑर्डिनेटर, सामुदायिक विकास विस्तार अधिकारी, पशु सखी और अन्य कैडर सदस्यों सहित जमीनी स्तर के कर्मचारी लगभग छह महीनों से अपनी मजदूरी का इंतजार कर रहे हैं।
कर्मचारियों ने कहा कि लगातार फील्ड वर्क करने और सौंपी गई जिम्मेदारियों को पूरा करने के बावजूद इस देरी ने उनके दैनिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। एक कर्मचारी ने कहा कि हमें घर के बुनियादी खर्च पूरे करने, अपने बच्चों की स्कूल फीस देने और यहां तक कि सरकारी काम के लिए आने-जाने का खर्च उठाने में भी मुश्किल हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि जमीनी स्तर के कर्मचारियों का मनोबल गिरा है क्योंकि कई लोग इस बात की कोई स्पष्ट जानकारी न होने के बावजूद काम करते जा रहे हैं कि उनकी सैलरी कब जारी की जाएगी।
कर्मचारियों ने इस बात पर भी चिंता जताई कि ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य ही कमजोर पड़ रहा है क्योंकि जो लोग इस कार्यक्रम को लागू करने के लिए जिम्मेदार हैं, वे खुद ही आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। एक अन्य कर्मचारी ने कहा कि इस मिशन का मकसद गरीब ग्रामीण महिलाओं का उत्थान करना है लेकिन जो लोग जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं, उन्हें ही समय पर सैलरी नहीं मिल रही है। सूत्रों ने बताया कि कर्मचारियों ने संबंधित अधिकारियों से बार-बार गुहार लगाई है। उनका दावा है कि वेतन बांटने के लिए फंड उपलब्ध है लेकिन देरी के संबंध में उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने सरकार और उच्च अधिकारियों से इस मामले में हस्तक्षेप करने और बकाया वेतन को तुरंत जारी करवाने की अपील की है।