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Srinagar: लश्कर सरगना हाफिज सईद की मुंहबोली बहन अंद्राबी से देश की सुरक्षा को था खतरा, रची अलगाव की साजिश

अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 25 Mar 2026 06:30 AM IST
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सार

दो बच्चों की मां अंद्राबी को पहली बार 1993 में पति और नवजात बच्चे के साथ 13 महीने के लिए गिरफ्तार किया गया था। पीएसए के तहत कई बार गिरफ्तार किया गया।

Srinagar: Lashkar Chief Hafiz Saeed's 'Adopted Sister' Andrabi Posed a Threat to National Security.
कश्मीरी अलगाववादी आसिया अंद्राबी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

प्रतिबंधित महिला अलगाववादी संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत (डीईएम) की प्रमुख आसिया अंद्राबी को वर्ष 2018 में विभिन्न मंचों पर भारत के खिलाफ विद्रोह और नफरत भरे भाषण देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसे लश्कर के सरगना हाफिज सईद की मुंहबोली बहन भी माना जाता है। उसकी गतिविधियों के कारण भारत की अखंडता, सुरक्षा और संप्रभुता को खतरा था। आसिया और उसके सहयोगियों नाहिदा नसरीन और फहमीदा सोफी को जुलाई 2018 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने श्रीनगर जेल से गिरफ्तार किया था।

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जांच एजेंसी ने अप्रैल 2018 में अंद्राबी और उसके सहयोगियों के खिलाफ प्रतिबंधित संगठन का हिस्सा होने, राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ने, राजद्रोह और आपराधिक साजिश के आरोप में यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया था। कट्टर अलगाववादी 62 वर्षीय अंद्राबी सामाजिक सुधार के लिए गठित महिला संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत (डीईएम) की संस्थापक है। 2018 में केंद्र सरकार ने इसे आतंकवादी संगठन घोषित कर प्रतिबंधित कर दिया था। आसिया की गिरफ्तारी के बाद जुलाई 2019 में एनआईए ने श्रीनगर स्थित उनके घर को जब्त कर लिया था।
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गृहविज्ञान में पीजी करना चाहती थी
गृह विज्ञान में स्नातक अंद्राबी का जन्म 1963 में हुआ था। श्रीनगर से स्नातक की डिग्री पूरी करने के बाद वह दार्जिलिंग में स्नातकोत्तर की पढ़ाई करना चाहती थी लेकिन उसके माता-पिता ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद उसने इस्लामी साहित्य पढ़ना शुरू किया जिसने उसका दृष्टिकोण को बदल दिया और वह जमात-ए-इस्लामी की महिला शाखा में शामिल हो गई। जमात-ए-इस्लामी एक सामाजिक-राजनीतिक दल है जिसे केंद्र सरकार ने 2019 में प्रतिबंधित कर दिया था।

हिजाब की अनिवार्यता की पक्षधर रही
1985 में अंद्राबी जमात-ए-इस्लामी से अलग हो गई और एक सुधारवादी संगठन के रूप में दुख्तरान-ए-मिल्लत की स्थापना की। यह संगठन 1991 में तब प्रमुखता में आया जब इसने घाटी में हिजाब को अनिवार्य बनाने के लिए एक अभियान शुरू किया। 1990 में अंद्राबी ने आशिक हुसैन फक्तू से शादी की जो मोहम्मद कासिम के नाम से मशहूर था और घाटी के शीर्ष आतंकवादी कमांडरों में से एक था। फक्तू आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।

पहली बार नवजात बच्चे के साथ 13 माह रही गिरफ्तार
दो बच्चों की मां अंद्राबी को पहली बार 1993 में पति और नवजात बच्चे के साथ 13 महीने के लिए गिरफ्तार किया गया था। पीएसए के तहत कई बार गिरफ्तार किया गया। अंद्राबी की संस्था ने वेलेंटाइन-डे के खिलाफ अभियान चलाया था। उसे कट्टरपंथी अलगाववादी नेताओं में से एक माना जाता था जो अलगाववादी नेता सैयद अली गिलानी की आलोचना करने से भी नहीं डरती थी।

अंद्राबी व साथियों ने कश्मीर को भारत से अलग करने की साजिश रची : कोर्ट
कश्मीरी अलगाववादी और दुख्तरान-ए-मिल्लत की प्रमुख आसिया अंद्राबी को यूएपीए के तहत अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाते हुए अदालत ने कहा कि अंद्राबी ने अपने भाषणों और साक्षात्कारों में स्पष्ट रूप से कश्मीर को अलग करने की वकालत की और पाकिस्तान से यह दावा करने और प्रचारित करने के लिए समर्थन मांगा कि कश्मीर कभी भारत का हिस्सा नहीं था। अदालत ने कहा कि अंद्राबी ने कश्मीर को भारतीय कब्जे से मुक्त कराने की मांग की, ताकि वह पाकिस्तान का हिस्सा बन सके। रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री में सभी आरोपियों, विशेष रूप से आरोपी नंबर 1 (अंद्राबी) के ऐसे भाषण और विभिन्न पोस्ट स्पष्ट रूप से मौजूद हैं। 

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