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Srinagar News: स्किम्स में लगाई गई हाई रेजोल्यूशन अल्ट्रासाउंड मशीन
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श्रीनगर। शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (स्किम्स) में अलग-वार्डों में हाई रेजोल्यूशन अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित की गई है। डायरेक्टर, प्रो. एम अशरफ गनई ने बुधवार को संस्थान में कई हाई-एंड मेडिकल उपकरणों और उन्नत डायग्नोस्टिक सुविधाओं का उद्घाटन किया।
अलग-अलग वार्डों में हाई-रिजॉल्यूशन अल्ट्रासाउंड मशीनों की स्थापना से भर्ती मरीजों के लिए उनके बिस्तर पर ही डायग्नोस्टिक सेवाएं प्रदान करेंगी। यह सुविधा डॉक्टरों को मरीज के बिस्तर पर ही जांच करने और तेजी से क्लिनिकल आकलन करने में मदद करेगी। इससे मरीजों का प्रबंधन और इलाज के परिणाम बेहतर होंगे।
इसके अलावा पैथोलॉजी विभाग ने एक उन्नत इम्यूनोहिस्टोकेमिस्ट्री पैनल शुरू किया है। इसमें 174 मार्कर शामिल हैं। इससे संस्थान की कैंसर डायग्नोस्टिक्स और सटीक पैथोलॉजी सेवाएं काफी मजबूत होंगी। यह सुविधा ट्यूमर का ज्यादा सटीक वर्गीकरण करने और कैंसर के मरीजों के लिए व्यक्तिगत इलाज की रणनीतियों में मदद करेगी।
डायग्नोस्टिक क्षमताओं को और बढ़ाते हुए माइक्रोबायोलॉजी विभाग में अत्याधुनिक मशीनें (ऑटोमेटेड माइकोबैक्टीरियल डिटेक्शन) भी लगाई गई हैं। ये मशीनें संक्रामक रोगों और एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध के पैटर्न की तेजी से और सटीक पहचान करने में मदद करेंगी। इससे संक्रमण का निदान और मरीजों की देखभाल बेहतर होगी।
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अलग-अलग वार्डों में हाई-रिजॉल्यूशन अल्ट्रासाउंड मशीनों की स्थापना से भर्ती मरीजों के लिए उनके बिस्तर पर ही डायग्नोस्टिक सेवाएं प्रदान करेंगी। यह सुविधा डॉक्टरों को मरीज के बिस्तर पर ही जांच करने और तेजी से क्लिनिकल आकलन करने में मदद करेगी। इससे मरीजों का प्रबंधन और इलाज के परिणाम बेहतर होंगे।
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इसके अलावा पैथोलॉजी विभाग ने एक उन्नत इम्यूनोहिस्टोकेमिस्ट्री पैनल शुरू किया है। इसमें 174 मार्कर शामिल हैं। इससे संस्थान की कैंसर डायग्नोस्टिक्स और सटीक पैथोलॉजी सेवाएं काफी मजबूत होंगी। यह सुविधा ट्यूमर का ज्यादा सटीक वर्गीकरण करने और कैंसर के मरीजों के लिए व्यक्तिगत इलाज की रणनीतियों में मदद करेगी।
डायग्नोस्टिक क्षमताओं को और बढ़ाते हुए माइक्रोबायोलॉजी विभाग में अत्याधुनिक मशीनें (ऑटोमेटेड माइकोबैक्टीरियल डिटेक्शन) भी लगाई गई हैं। ये मशीनें संक्रामक रोगों और एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध के पैटर्न की तेजी से और सटीक पहचान करने में मदद करेंगी। इससे संक्रमण का निदान और मरीजों की देखभाल बेहतर होगी।