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Srinagar News: एमएमयू प्रतिनिधिमंडल ने ईरानी राजदूत से मिलकर जताई संवेदना
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श्रीनगर। मुताहिदा मजलिस-ए-उलेमा के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को नई दिल्ली में ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फतहली और अन्य अधिकारियों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई मीरवाइज-ए-कश्मीर डॉ. मौलवी मुहम्मद उमर फारूक ने की।
प्रतिनिधिमंडल में मुफ्ती नासिर-उल-इस्लाम, आगा सैयद हसन अल-मोसवी, आगा सैयद हादी अल-मोसवी और आगा सैयद मुजतबा शामिल थे। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अयातुल्ला अली खामनेई और उनके परिवार सहित अन्य नेतृत्व की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की और ईरान के लोगों के साथ इस कठिन समय में एकजुटता प्रकट की।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कश्मीर के लोगों को मुस्लिम उम्माह के एक सम्मानित और प्रमुख नेता के निधन से गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने ईरान पर चल रहे युद्ध की कड़ी निंदा करते हुए इस्राइल और अमेरिका की भूमिका पर चिंता जताई। उम्मीद जताई कि कूटनीतिक प्रयासों से जल्द ही इस संघर्ष का समाधान निकलेगा और क्षेत्र में शांति व स्थिरता बहाल होगी।
एमएमयू ने कश्मीर और ईरान के बीच गहरे सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक संबंधों को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि कश्मीर को लंबे समय से ईरान-ए-सगीर (छोटा ईरान) कहा जाता है, जो दोनों क्षेत्रों के मजबूत रिश्तों को दर्शाता है।
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प्रतिनिधिमंडल में मुफ्ती नासिर-उल-इस्लाम, आगा सैयद हसन अल-मोसवी, आगा सैयद हादी अल-मोसवी और आगा सैयद मुजतबा शामिल थे। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अयातुल्ला अली खामनेई और उनके परिवार सहित अन्य नेतृत्व की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की और ईरान के लोगों के साथ इस कठिन समय में एकजुटता प्रकट की।
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प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कश्मीर के लोगों को मुस्लिम उम्माह के एक सम्मानित और प्रमुख नेता के निधन से गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने ईरान पर चल रहे युद्ध की कड़ी निंदा करते हुए इस्राइल और अमेरिका की भूमिका पर चिंता जताई। उम्मीद जताई कि कूटनीतिक प्रयासों से जल्द ही इस संघर्ष का समाधान निकलेगा और क्षेत्र में शांति व स्थिरता बहाल होगी।
एमएमयू ने कश्मीर और ईरान के बीच गहरे सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक संबंधों को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि कश्मीर को लंबे समय से ईरान-ए-सगीर (छोटा ईरान) कहा जाता है, जो दोनों क्षेत्रों के मजबूत रिश्तों को दर्शाता है।