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Srinagar News: 296 से अधिक तस्कर गिरफ्तार किए, 281 से अधिक मामले दर्ज
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श्रीनगर। कश्मीर जोन के आईजीपी वीके विर्दी और कश्मीर संभाग के मंडलायुक्त अंशुल गर्ग ने पुलिस कंट्रोल रूम में नशा मुक्त अभियान की प्रगति का जायजा लिया।
बैठक में बताया गया कि अभियान के अंतर्गत एनडीपीएस एक्ट के तहत 296 से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया और 281 से अधिक मामले दर्ज किए गए।
संयुक्त बैठक में कश्मीर के सभी रेंज के डीआईजी, कश्मीर जोन के सभी जिला उपायुक्त, सभी जिला एसएसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। सौ दिवसीय नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान को उपराज्यपाल ने एक समय-सीमा वाले और परिणाम उन्मुख पहल के तौर पर शुरू किया है। इसका मकसद पूरे केंद्र शासित प्रदेश में नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ लड़ाई को तेज करना है।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों को नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस का रवैया अपनाने का निर्देश दिया। बैठक की शुरुआत में सभी जिला एसएसपी ने अध्यक्ष को नशीली दवाओं के नेटवर्क और तस्करों के खिलाफ चल रहे ऑपरेशनों के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत लगातार चलाए गए अभियानों के कारण 296 से ज्यादा नशीली दवाओं के तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, 281 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। मुख्य हॉटस्पॉट्स की पहचान की गई है। अधिकारियों ने अध्यक्ष को यह भी बताया कि आम जनता खासकर छात्रों को नशीली दवाओं के दुरुपयोग के बुरे प्रभावों के बारे में जागरूक करने के लिए लगभग 460 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को आगे बताया कि लगातार चलाए गए उन्मूलन अभियानों के तहत लगभग 15 कनाल जमीन पर अवैध रूप से उगाई गई प्रतिबंधित खेती को नष्ट कर दिया गया। नशीली दवाओं से जुड़े नियमों का उल्लंघन करते पाई गई कई दवा दुकानों को सील कर दिया गया। इसके अलावा नशीली दवाओं की तस्करी से जुड़ी संपत्तियों की पहचान की गई और कानून के संबंधित प्रावधानों के तहत उन्हें जब्त कर लिया गया।
उपायुक्तों ने अध्यक्ष को सौ दिवसीय नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत उठाए जा रहे कदमों और जिला स्तर पर हासिल की गई प्रगति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों, पंचायतों और संवेदनशील इलाकों में तेज की गई जागरूकता गतिविधियों के साथ ही संबंधित विभागों के साथ मजबूत तालमेल पर जोर दिया।
आईजीपी कश्मीर वीके विर्दी ने नशीली दवाओं के नेटवर्क को खत्म करने और नशीली दवाओं के दुरुपयोग की बुराई पर रोक लगाने के लिए कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच लगातार और समन्वित प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया। विर्दी ने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर जोर दिया। उनका मुख्य मकसद लगातार कानून लागू करने, खुफिया जानकारी पर आधारित ऑपरेशन्स को मजबूत करने और ज्यादा से ज्यादा दोषियों को सजा दिलाने के लिए प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करके नशीली दवाओं की तस्करी के नेटवर्क को खत्म करना है।
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बैठक में बताया गया कि अभियान के अंतर्गत एनडीपीएस एक्ट के तहत 296 से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया और 281 से अधिक मामले दर्ज किए गए।
संयुक्त बैठक में कश्मीर के सभी रेंज के डीआईजी, कश्मीर जोन के सभी जिला उपायुक्त, सभी जिला एसएसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। सौ दिवसीय नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान को उपराज्यपाल ने एक समय-सीमा वाले और परिणाम उन्मुख पहल के तौर पर शुरू किया है। इसका मकसद पूरे केंद्र शासित प्रदेश में नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ लड़ाई को तेज करना है।
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उन्होंने सभी संबंधित विभागों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों को नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस का रवैया अपनाने का निर्देश दिया। बैठक की शुरुआत में सभी जिला एसएसपी ने अध्यक्ष को नशीली दवाओं के नेटवर्क और तस्करों के खिलाफ चल रहे ऑपरेशनों के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत लगातार चलाए गए अभियानों के कारण 296 से ज्यादा नशीली दवाओं के तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, 281 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। मुख्य हॉटस्पॉट्स की पहचान की गई है। अधिकारियों ने अध्यक्ष को यह भी बताया कि आम जनता खासकर छात्रों को नशीली दवाओं के दुरुपयोग के बुरे प्रभावों के बारे में जागरूक करने के लिए लगभग 460 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को आगे बताया कि लगातार चलाए गए उन्मूलन अभियानों के तहत लगभग 15 कनाल जमीन पर अवैध रूप से उगाई गई प्रतिबंधित खेती को नष्ट कर दिया गया। नशीली दवाओं से जुड़े नियमों का उल्लंघन करते पाई गई कई दवा दुकानों को सील कर दिया गया। इसके अलावा नशीली दवाओं की तस्करी से जुड़ी संपत्तियों की पहचान की गई और कानून के संबंधित प्रावधानों के तहत उन्हें जब्त कर लिया गया।
उपायुक्तों ने अध्यक्ष को सौ दिवसीय नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत उठाए जा रहे कदमों और जिला स्तर पर हासिल की गई प्रगति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों, पंचायतों और संवेदनशील इलाकों में तेज की गई जागरूकता गतिविधियों के साथ ही संबंधित विभागों के साथ मजबूत तालमेल पर जोर दिया।
आईजीपी कश्मीर वीके विर्दी ने नशीली दवाओं के नेटवर्क को खत्म करने और नशीली दवाओं के दुरुपयोग की बुराई पर रोक लगाने के लिए कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच लगातार और समन्वित प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया। विर्दी ने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर जोर दिया। उनका मुख्य मकसद लगातार कानून लागू करने, खुफिया जानकारी पर आधारित ऑपरेशन्स को मजबूत करने और ज्यादा से ज्यादा दोषियों को सजा दिलाने के लिए प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करके नशीली दवाओं की तस्करी के नेटवर्क को खत्म करना है।
