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Srinagar News: सिरहामा का 620 कनाल लैवेंडर फार्म बना आकर्षण का केंद्र
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अनंतनाग। अनंतनाग जिले के सिरहामा क्षेत्र में फैला 620 कनाल का लैवेंडर फार्म इन दिनों पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। बैंगनी रंग के खूबसूरत फूलों से सजे ये खेत न केवल क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ा रहे हैं बल्कि जम्मू-कश्मीर में ''पर्पल रिवोल्यूशन'' (बैंगनी क्रांति) की सफलता की भी कहानी बयां कर रहे हैं।
लैवेंडर की लहराती फसलें बड़ी संख्या में आगंतुकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। यह परियोजना कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों के लिए आय के नए स्रोत और रोजगार के अवसर भी पैदा कर रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, लैवेंडर की खेती पारंपरिक फसलों के मुकाबले अधिक लाभकारी साबित हो रही है। इससे किसानों को बेहतर आमदनी मिल रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
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सिरहामा का यह विशाल लैवेंडर फार्म आज जम्मू-कश्मीर में कृषि क्षेत्र में नवाचार, आत्मनिर्भरता और किसानों की आर्थिक प्रगति का प्रतीक बनकर उभरा है। ''पर्पल रिवोल्यूशन'' के तहत लैवेंडर खेती की बढ़ती सफलता से क्षेत्र के कई किसान इस ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिससे कृषि क्षेत्र में नए बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
लैवेंडर की लहराती फसलें बड़ी संख्या में आगंतुकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। यह परियोजना कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों के लिए आय के नए स्रोत और रोजगार के अवसर भी पैदा कर रही है।
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विशेषज्ञों के अनुसार, लैवेंडर की खेती पारंपरिक फसलों के मुकाबले अधिक लाभकारी साबित हो रही है। इससे किसानों को बेहतर आमदनी मिल रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
सिरहामा का यह विशाल लैवेंडर फार्म आज जम्मू-कश्मीर में कृषि क्षेत्र में नवाचार, आत्मनिर्भरता और किसानों की आर्थिक प्रगति का प्रतीक बनकर उभरा है। ''पर्पल रिवोल्यूशन'' के तहत लैवेंडर खेती की बढ़ती सफलता से क्षेत्र के कई किसान इस ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिससे कृषि क्षेत्र में नए बदलाव देखने को मिल रहे हैं।