{"_id":"69cc33bef9343334780fde7e","slug":"leh-administration-secretary-rahul-sharma-held-meeting-srinagar-news-c-264-1-sr11004-110283-2026-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"लेह के गांवों में तालाब निर्माण का काम समय पर पूरा करें : प्रशासनिक सचिव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लेह के गांवों में तालाब निर्माण का काम समय पर पूरा करें : प्रशासनिक सचिव
विज्ञापन
प्रशासनिक सचिव राहुल शर्मा ने समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।स्रोत – सूचना विभाग।
- फोटो : samvad
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। लद्दाख के प्रशासनिक सचिव राहुल शर्मा ने लेह के गांवों में तालाब निर्माण की प्रगति जांची। उन्होंने परियोजना की समीक्षा के लिए मंगलवार को उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न गांवों में तालाब निर्माण परियोजना को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
यह बैठक लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के निर्देश अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण अवसंरचना को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई थी। परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए सेना, आईटीबीपी और प्रोजेक्ट हिमांक सहित सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया। राहुल शर्मा ने संबंधित विभागों को आवश्यक लॉजिस्टिक्स, मशीनरी और तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता का आकलन करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों को सभी हितधारकों के परामर्श से उपयुक्त स्थानों की पहचान करने के निर्देश दिए। साथ ही विभागों को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने और कार्यों की पारदर्शिता, प्रभावी निगरानी तथा गुणवत्ता मूल्यांकन सुनिश्चित करने के लिए पहले और बाद की तस्वीरों सहित संपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया।
लद्दाख में तालाब जिन्हें स्थानीय रूप से जिंग कहा जाता है। यह जल संरक्षण की एक महत्वपूर्ण रणनीति हैं। ये पारंपरिक जलाशय हिमनदों के पिघले पानी को संग्रहित करते हैं। इससे सिंचाई में सहायता मिलती है। कृषि जल की कमी कम होती है और शीत मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र में मिट्टी की नमी बनी रहती है।
Trending Videos
लेह। लद्दाख के प्रशासनिक सचिव राहुल शर्मा ने लेह के गांवों में तालाब निर्माण की प्रगति जांची। उन्होंने परियोजना की समीक्षा के लिए मंगलवार को उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न गांवों में तालाब निर्माण परियोजना को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
यह बैठक लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के निर्देश अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण अवसंरचना को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई थी। परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए सेना, आईटीबीपी और प्रोजेक्ट हिमांक सहित सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया। राहुल शर्मा ने संबंधित विभागों को आवश्यक लॉजिस्टिक्स, मशीनरी और तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता का आकलन करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने अधिकारियों को सभी हितधारकों के परामर्श से उपयुक्त स्थानों की पहचान करने के निर्देश दिए। साथ ही विभागों को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने और कार्यों की पारदर्शिता, प्रभावी निगरानी तथा गुणवत्ता मूल्यांकन सुनिश्चित करने के लिए पहले और बाद की तस्वीरों सहित संपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया।
लद्दाख में तालाब जिन्हें स्थानीय रूप से जिंग कहा जाता है। यह जल संरक्षण की एक महत्वपूर्ण रणनीति हैं। ये पारंपरिक जलाशय हिमनदों के पिघले पानी को संग्रहित करते हैं। इससे सिंचाई में सहायता मिलती है। कृषि जल की कमी कम होती है और शीत मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र में मिट्टी की नमी बनी रहती है।