कैबिनेट विस्तार पर सीएम उमर अब्दुल्ला का बड़ा बयान: बोले- सही समय आने पर होगा फैसला, बिजली दरों पर भी दी सफाई
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कैबिनेट विस्तार को लेकर कहा कि सरकार में कोई संकट नहीं है और सही समय आने पर जरूरत के मुताबिक मंत्रिमंडल में फेरबदल किया जाएगा।
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर में कैबिनेट विस्तार को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि सरकार में किसी तरह का संकट नहीं है और जब जरूरत महसूस होगी, तभी मंत्रिमंडल में फेरबदल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है और किसी भी काम पर कोई असर नहीं पड़ा है।
कैबिनेट विस्तार के सवाल पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इसके लिए सही समय का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले भी उनसे 15 अगस्त से पहले कैबिनेट में फेरबदल को लेकर सवाल पूछा गया था तब उन्होंने स्पष्ट किया था कि ऐसा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं कहा था कि 15 अगस्त के तुरंत बाद मंत्रिमंडल में बदलाव किया जाएगा।
सरकार में कोई संकट नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट में फेरबदल कब और किन परिस्थितियों में होगा, इसका फैसला वह उचित समय पर करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का काम सुचारु रूप से चल रहा है और किसी भी स्तर पर कोई संकट नहीं है।
बिजली दरों में बढ़ोतरी पर दी सफाई
जम्मू-कश्मीर में बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर उठ रहे सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने कभी यह दावा नहीं किया था कि बिजली की दरें नहीं बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का वादा गरीब और जरूरतमंद परिवारों को हर महीने 200 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने का है।
उमर ने स्पष्ट किया कि 200 यूनिट मुफ्त बिजली की योजना और सामान्य बिजली दरों में बढ़ोतरी, दोनों अलग-अलग विषय हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सोलर पैनल आधारित योजना के जरिए पात्र गरीब परिवारों को मुफ्त बिजली का लाभ देने की दिशा में काम कर रही है।
बिजली दरों में बढ़ोतरी मजबूरी थी
#WATCH | Srinagar, J&K: On cabinet expansion, CM Omar Abdullah says, "We will do it when the time is right. Why are you all so anxious? No work has stalled. There is no crisis in the government. Our work is proceeding smoothly. We will carry out a reshuffle when necessary. You… pic.twitter.com/dVON7LNxx3
मुख्यमंत्री ने बिजली दरों में करीब 6 फीसदी बढ़ोतरी का बचाव करते हुए कहा कि यह फैसला सरकार की खुशी से नहीं, बल्कि आवश्यकता के कारण लिया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में महंगाई, ईंधन और बाजार में रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में काफी वृद्धि हुई है, जबकि बिजली की दरों में बढ़ोतरी को न्यूनतम रखने की कोशिश की गई है।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने पहले जम्मू-कश्मीर में सरकार चलाई उनके कार्यकाल में भी बिजली दरों में इससे अधिक बढ़ोतरी हुई थी। उमर ने दावा किया कि करीब चार साल पहले बिजली दरों में 15 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन उस समय इस मुद्दे पर उतना विरोध नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे बिजली क्षेत्र में सरकार का घाटा कम होगा भविष्य में इस तरह की दर बढ़ोतरी की जरूरत भी कम होती जाएगी।