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Srinagar News: टिकाऊ रेन वाटर हार्वेस्टिंग और भूजल रिचार्ज सिस्टम बनाने के दिए निर्देश
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- जल संरक्षण में सामूहिक भागीदारी जरूरी, स्कूलों में जल दूत बनाए जाएंगे: डीसी
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। डीसी अक्षय लबरू ने मंगलवार को डीसी कार्यालय परिसर के मीटिंग हॉल में जल शक्ति अभियान कैच द रेन के तहत जल संचय जन भागीदारी अभियान 2.0 की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दाैरान उन्होंने टिकाऊ रेन वाटर हार्वेस्टिंग और भूजल रिचार्ज सिस्टम बनाने के निर्देश जारी किए।
बैठक में डीसी ने अभियान के उद्देश्यों को हासिल करने के लिए प्रभावी अंतर-विभागीय समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को चल रहे कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि जिले में पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए टिकाऊ वर्षा जल संचयन प्रणाली और भूजल पुनर्भरण प्रणाली बनाना जरूरी है। डीसी ने जल शक्ति विभाग को जल स्रोतों और रिचार्ज संरचनाओं की जियो-टैगिंग जारी रखने के निर्देश दिए।
साथ ही पंचायतों को जल संरक्षण के लिए उपयुक्त उपाय पहचानने और लागू करने में तकनीकी मदद देने को कहा। उन्होंने जिले भर में आईईसी गतिविधियों को तेज कर जल संरक्षण, टिकाऊ जल प्रबंधन और सामुदायिक भागीदारी के प्रति जागरूकता फैलाने पर जोर दिया। डीसी ने कहा कि जल संरक्षण एक साझा जिम्मेदारी है। सभी विभाग जल संचय जन भागीदारी अभियान 2.0 के सफल क्रियान्वयन के लिए समन्वित और सक्रिय दृष्टिकोण अपनाएं। शैक्षणिक संस्थानों में रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग ढांचे को बढ़ावा दे और छात्रों के बीच जागरूकता कार्यक्रम चलाए। स्कूलों में जल दूत और स्टूडेंट वाटर चैंपियन पहचानें जो जल संरक्षण के राजदूत बन सकें। सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों सहित जल-कुशल खेती को बढ़ावा दे और किसानों को पानी बचाने वाली फसलों के बारे में जागरूक करेें।
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वाटरशेड प्रबंधन, जल निकायों के पुनरुद्धार, नहरों-तालाबों की गाद निकालने और भूजल रिचार्ज ढांचे बनाने को प्राथमिकता दे। मनरेगा के तहत वर्षा जल संचयन संरचनाएं, सोक पिट, गांव के तालाब और ग्रे वाटर प्रबंधन सुविधाएं विकसित करे और पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए। बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान चलाए, वन क्षेत्रों में जल निकायों का संरक्षण करे और जियो-टैगिंग में सहयोग दे। शहरी क्षेत्रों में रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा दे, शहरी जल निकायों का पुनरुद्धार करे और जल संरक्षण पर जन जागरूकता तेज करे। आंगनबाड़ी केंद्रों में ऐसे ही प्रयासों को बढ़ावा दे और महिलाओं की भूमिका पर विशेष ध्यान देते हुए सामुदायिक पहुंच मजबूत करे।
बैठक में एडीडीसी रिफत आफताब कुरैशी, सीपीओ फैयाज अहमद डार, जॉइंट कमिश्नर एसएमसी सुहैल उल इस्लाम, एसई हाइड्रोलिक इंजीनियर अम्बरीन अंजुम, एसीडी तारिक अहमद, एसडीएम ईस्ट जुबैर अहमद समेत आईएंडएफसी, वाटर वर्क्स, यूईईडी, एसएमसी, एलसीएमए के कार्यकारी अभियंता और अन्य अधिकारी मौजूद थे।
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। डीसी अक्षय लबरू ने मंगलवार को डीसी कार्यालय परिसर के मीटिंग हॉल में जल शक्ति अभियान कैच द रेन के तहत जल संचय जन भागीदारी अभियान 2.0 की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दाैरान उन्होंने टिकाऊ रेन वाटर हार्वेस्टिंग और भूजल रिचार्ज सिस्टम बनाने के निर्देश जारी किए।
बैठक में डीसी ने अभियान के उद्देश्यों को हासिल करने के लिए प्रभावी अंतर-विभागीय समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को चल रहे कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि जिले में पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए टिकाऊ वर्षा जल संचयन प्रणाली और भूजल पुनर्भरण प्रणाली बनाना जरूरी है। डीसी ने जल शक्ति विभाग को जल स्रोतों और रिचार्ज संरचनाओं की जियो-टैगिंग जारी रखने के निर्देश दिए।
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साथ ही पंचायतों को जल संरक्षण के लिए उपयुक्त उपाय पहचानने और लागू करने में तकनीकी मदद देने को कहा। उन्होंने जिले भर में आईईसी गतिविधियों को तेज कर जल संरक्षण, टिकाऊ जल प्रबंधन और सामुदायिक भागीदारी के प्रति जागरूकता फैलाने पर जोर दिया। डीसी ने कहा कि जल संरक्षण एक साझा जिम्मेदारी है। सभी विभाग जल संचय जन भागीदारी अभियान 2.0 के सफल क्रियान्वयन के लिए समन्वित और सक्रिय दृष्टिकोण अपनाएं। शैक्षणिक संस्थानों में रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग ढांचे को बढ़ावा दे और छात्रों के बीच जागरूकता कार्यक्रम चलाए। स्कूलों में जल दूत और स्टूडेंट वाटर चैंपियन पहचानें जो जल संरक्षण के राजदूत बन सकें। सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों सहित जल-कुशल खेती को बढ़ावा दे और किसानों को पानी बचाने वाली फसलों के बारे में जागरूक करेें।
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बैठक में एडीडीसी रिफत आफताब कुरैशी, सीपीओ फैयाज अहमद डार, जॉइंट कमिश्नर एसएमसी सुहैल उल इस्लाम, एसई हाइड्रोलिक इंजीनियर अम्बरीन अंजुम, एसीडी तारिक अहमद, एसडीएम ईस्ट जुबैर अहमद समेत आईएंडएफसी, वाटर वर्क्स, यूईईडी, एसएमसी, एलसीएमए के कार्यकारी अभियंता और अन्य अधिकारी मौजूद थे।