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Srinagar News: कश्मीरियों ने युद्ध से तबाह ईरान के लिए दिया दिल खोलकर दान
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श्रीनगर में ईरान के लिए एकजुटता दिखाने के लिए दान देते लोग। संवाद
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- महिलाओं ने गहनों के रूप में सोना दान किया, कुछ ने टिप्पर और बाइक तक दे दी
- ईरान ने एकजुटता और मानवीय मदद के लिए कश्मीर का शुक्रिया अदा किया
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। घाटी में सोमवार को दूसरे दिन भी पूरे संभाग से युद्ध से तबाह ईरान के लिए कश्मीर के लोगों की ओर से दान देना जारी रहा। काफी संख्या में लोग दिल खोल कर दान दे रहे हैं। महिलाओं ने गहनों के रूप में सोना, नकदी और कुछ ने तो टिप्पर और बाइक तक दान में दे दीं।
लोग इस मुहिम को अपना समर्थन दे रहे है। शिया नेता इमरान अंसारी ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे आस्था और एकजुटता के इस सामूहिक कार्य को गरिमा के साथ और बिना किसी अनावश्यक दबाव या पूछताछ के जारी रखने की अनुमति दें। अधिकारियों ने बताया कि जडीबल, हसनाबाद, शालीमार, कमरवारी, लावेपोरा और बेमिना में दान अभियान चलाए गए। उन्होंने कहा कि बहुसंख्यक सुन्नी समुदाय के लोग भी पीछे नहीं हटे। बडगाम, कुपवाड़ा, गांदरबल, बांदीपोरा और बारामुला जिलों में भी इसी तरह के अभियान चलाए गए खासकर उन इलाकों में जहां शिया आबादी काफी ज्यादा है।
अधिकारियों ने बताया कि युद्ध से प्रभावित ईरान को राहत के तौर पर दी गई चीजों में नकदी, सोना, चांदी के बर्तन और तांबे के बर्तन शामिल थे। विशेष रूप से महिलाओं ने सोने के गहने, तांबे के बर्तन और घर के अन्य सामान दान करके उदारतापूर्वक योगदान दिया। कुछ परिवारों ने मवेशी भी दान किए। बच्चों ने अपनी बचत और जेब खर्च दान कर दिया। एक महिला ने वह सोना दान किया जो उसने अपने पति की निशानी के तौर पर संभालकर रखा था। उसके पति की मौत 28 साल पहले हो गई थी। इसके अलावा एक युवक ने अपना टिप्पर और एक ने अपनी बाइक तक दान दे दी।
धन्यवाद कश्मीर, धन्यवाद इंडिया : ईरानी दूतावास
नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने एक्स पर कहा, कश्मीर की एक सम्मानित बहन ने वह सोना दान कर दिया जो उसने अपने पति की निशानी के तौर पर संभालकर रखा था। यह दान उसने ईरान के लोगों के लिए प्यार और एकजुटता से भरे दिल के साथ किया। आपके आंसू और पवित्र भावनाएं ईरान के लोगों के लिए सांत्वना का सबसे बड़ा स्रोत हैं और इन्हें कभी भुलाया नहीं जाएगा। धन्यवाद कश्मीर, धन्यवाद इंडिया। अधिकारियों ने बताया कि उम्मीद है कि यह दान आधिकारिक राहत संगठनों जिनमें ईरानी दूतावास भी शामिल है, के माध्यम से भेजा जाएगा।
फंड के स्रोत के बारे में अधिकारियों के फोन आ रहे : अंसारी
इस बीच ऑल जम्मू कश्मीर शिया एसोसिएशन के अध्यक्ष इमरान अंसारी ने कहा कि कश्मीरी लोग विशेष रूप से शिया समुदाय गहरी आस्था के साथ बड़े पैमाने पर आगे आए हैं। वे ईरान के साथ खड़े होने को अपना नैतिक और धार्मिक कर्तव्य मानते हैं। एक ऐसा राष्ट्र जो पहले से ही प्रतिबंधों और युद्ध की कठिनाइयों का सामना कर रहा है। इसके बावजूद उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि इस मुहिम से जुड़े लोगों को अधिकारियों से फंड के स्रोत के बारे में फोन आ रहे हैं। अंसारी ने कहा कि इस नाजुक समय में सभी को यह भरोसा दिलाना जरूरी है कि ये दान पूरी तरह से मानवीय और धार्मिक मकसद के लिए हैं जिनका उद्देश्य ईरान के लोगों को उनकी जरूरत के समय मदद पहुंचाना है।
बडगाम के विधायक ने एक महीने का वेतन दान किया
बडगाम से विधायक आगा सैयद मुंतजिर मेहदी ने इस मुश्किल समय में ईरान के लोगों को मानवीय सहायता देने के लिए अपनी एक महीने का वेतन दान करने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल दौर में मैं ईरान के लोगों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा हूं। समर्थन और हमदर्दी के एक छोटे से कदम के तौर पर मैं राहत कार्यों के लिए अपना एक महीने की वेतन दान कर रहा हूं। संकट के समय में यह हमारी सबकी जिम्मेदारी है कि हम सीमाओं से ऊपर उठें और जरूरतमंदों की मदद करें। ऐसे पल हमें अपनी साझा इंसानियत और देशों के बीच एकता, हमदर्दी और शांति के महत्व की याद दिलाते हैं।
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- ईरान ने एकजुटता और मानवीय मदद के लिए कश्मीर का शुक्रिया अदा किया
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। घाटी में सोमवार को दूसरे दिन भी पूरे संभाग से युद्ध से तबाह ईरान के लिए कश्मीर के लोगों की ओर से दान देना जारी रहा। काफी संख्या में लोग दिल खोल कर दान दे रहे हैं। महिलाओं ने गहनों के रूप में सोना, नकदी और कुछ ने तो टिप्पर और बाइक तक दान में दे दीं।
लोग इस मुहिम को अपना समर्थन दे रहे है। शिया नेता इमरान अंसारी ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे आस्था और एकजुटता के इस सामूहिक कार्य को गरिमा के साथ और बिना किसी अनावश्यक दबाव या पूछताछ के जारी रखने की अनुमति दें। अधिकारियों ने बताया कि जडीबल, हसनाबाद, शालीमार, कमरवारी, लावेपोरा और बेमिना में दान अभियान चलाए गए। उन्होंने कहा कि बहुसंख्यक सुन्नी समुदाय के लोग भी पीछे नहीं हटे। बडगाम, कुपवाड़ा, गांदरबल, बांदीपोरा और बारामुला जिलों में भी इसी तरह के अभियान चलाए गए खासकर उन इलाकों में जहां शिया आबादी काफी ज्यादा है।
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अधिकारियों ने बताया कि युद्ध से प्रभावित ईरान को राहत के तौर पर दी गई चीजों में नकदी, सोना, चांदी के बर्तन और तांबे के बर्तन शामिल थे। विशेष रूप से महिलाओं ने सोने के गहने, तांबे के बर्तन और घर के अन्य सामान दान करके उदारतापूर्वक योगदान दिया। कुछ परिवारों ने मवेशी भी दान किए। बच्चों ने अपनी बचत और जेब खर्च दान कर दिया। एक महिला ने वह सोना दान किया जो उसने अपने पति की निशानी के तौर पर संभालकर रखा था। उसके पति की मौत 28 साल पहले हो गई थी। इसके अलावा एक युवक ने अपना टिप्पर और एक ने अपनी बाइक तक दान दे दी।
धन्यवाद कश्मीर, धन्यवाद इंडिया : ईरानी दूतावास
नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने एक्स पर कहा, कश्मीर की एक सम्मानित बहन ने वह सोना दान कर दिया जो उसने अपने पति की निशानी के तौर पर संभालकर रखा था। यह दान उसने ईरान के लोगों के लिए प्यार और एकजुटता से भरे दिल के साथ किया। आपके आंसू और पवित्र भावनाएं ईरान के लोगों के लिए सांत्वना का सबसे बड़ा स्रोत हैं और इन्हें कभी भुलाया नहीं जाएगा। धन्यवाद कश्मीर, धन्यवाद इंडिया। अधिकारियों ने बताया कि उम्मीद है कि यह दान आधिकारिक राहत संगठनों जिनमें ईरानी दूतावास भी शामिल है, के माध्यम से भेजा जाएगा।
फंड के स्रोत के बारे में अधिकारियों के फोन आ रहे : अंसारी
इस बीच ऑल जम्मू कश्मीर शिया एसोसिएशन के अध्यक्ष इमरान अंसारी ने कहा कि कश्मीरी लोग विशेष रूप से शिया समुदाय गहरी आस्था के साथ बड़े पैमाने पर आगे आए हैं। वे ईरान के साथ खड़े होने को अपना नैतिक और धार्मिक कर्तव्य मानते हैं। एक ऐसा राष्ट्र जो पहले से ही प्रतिबंधों और युद्ध की कठिनाइयों का सामना कर रहा है। इसके बावजूद उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि इस मुहिम से जुड़े लोगों को अधिकारियों से फंड के स्रोत के बारे में फोन आ रहे हैं। अंसारी ने कहा कि इस नाजुक समय में सभी को यह भरोसा दिलाना जरूरी है कि ये दान पूरी तरह से मानवीय और धार्मिक मकसद के लिए हैं जिनका उद्देश्य ईरान के लोगों को उनकी जरूरत के समय मदद पहुंचाना है।
बडगाम के विधायक ने एक महीने का वेतन दान किया
बडगाम से विधायक आगा सैयद मुंतजिर मेहदी ने इस मुश्किल समय में ईरान के लोगों को मानवीय सहायता देने के लिए अपनी एक महीने का वेतन दान करने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल दौर में मैं ईरान के लोगों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा हूं। समर्थन और हमदर्दी के एक छोटे से कदम के तौर पर मैं राहत कार्यों के लिए अपना एक महीने की वेतन दान कर रहा हूं। संकट के समय में यह हमारी सबकी जिम्मेदारी है कि हम सीमाओं से ऊपर उठें और जरूरतमंदों की मदद करें। ऐसे पल हमें अपनी साझा इंसानियत और देशों के बीच एकता, हमदर्दी और शांति के महत्व की याद दिलाते हैं।